राजनीतिक घृणा मूक जीवों पर कहर ढा रही है
आज यह फ़िल्म देख कर मन उदास हो गया.. मन के भीतर कही गहरे में खून के आंसू रोने की इच्छा हो रही है.. उफ कितने गिर गए हैं हम.. उफ कितनी हीन मानसिकता से भर गए हैं हम.. बदला लेना चाहते हैं.. सामने वाले को नीचा दिखाना चाहते हैं.. मगर किस स्तर पर..? किसी…










