• चॉकलेट डे

    चॉकलेट डे तेरी यादों की मिठास से, हर लम्हा गुलजार है, तेरे बिना भी ये दिल तुझसे ही सरोकार है।हर एहसास, हर ख्वाब बस तुझसे है जुड़ा,जैसे चॉकलेट की खुशबू में लिपटा दिकुप्रेम का प्यार है। आज चॉकलेट डे पर तेरा एहसास पास लगे,तेरी मुस्कान ही मेरे प्यार की मिठास लगे।हर लफ़्ज़, हर धड़कन बस…

  • जीने के लिए सोचा ही नही दर्द सम्भालने होंगे

    वृद्धाश्रम में मेरी बेटी ने महसूस किए जीवन के नाशुक्रे लम्हे आज मेरी बेटी कु. गुड़िया विजय तोरावत जैन ने अपने स्कूली सहपाठियों के साथ अकोला के वृद्धाश्रम को भेंट दे कर निराधर.. बेघर.. अपनो के हाथों लुटे गए.. कुचले गए, बुजुर्गों को थोड़े समय के लिए ही सही मगर दुनिया भर की खुशिया दी।…

  • लौटेगी कुछ दिन में

    ‘लौटेगी कुछ दिन में’ आंखों में खुशी मन में कुंभ की छाया बसी थी। लौटूंगी कुछ दिन में घर की,की व्यवस्था थी। निकल पड़ी गंगा मैया का नाम लेकर, आंखों में बस चंचलता थी। कुंभ नहाने के लिए छोड़ी उसने अपनी गली बस्ती थी। क्या मालूम था उसे की कुंभ में सांसें बडी सस्ती थी।…

  • इन्दु सिन्हा “इन्दु” की कविताएँ | Indu Sinha Poetry

    प्रेम – दो चित्र (1) “प्रेम एक याद” प्रेम क्या है ?क्या सिर्फ एक दैहिक रिश्ता ?एक छत के नीचे रहना दो अजनबियों के समान ?खोखली जंजीरों में जकड़े रिश्ते,हर पल फिसलते,मुट्ठी में दबी रेत के समान |नहीं नहीं यह तो प्रेम नहीं है ,प्रेम तो एक याद है,वो याद जो दिलों में जिंदा है,वहाँ…

  • विनोद कश्यप शर्मा की ग़ज़लें | Vinod Kashyap Sharma Poetry

    सावन तेरी बाहों में प्यारे सावनतूने दी है दस्तकअपनी प्यारी -प्यारीबादलों की बूंदों सेतेरी ठण्डी-ठण्डी हवाएं, काली घटाएंदे रही हैं मस्तीदिखती है तेरी अद्भुत मायाआ जाता है मौसम में यौवनदिल लेता है हिल्लौरेंबादलों की गरज की मीठी-मीठी आवाज़ेंहर लेती है मुझ जैसे प्रेमी का दिलमुस्कुराती है हरियाली।फूटतीं हैं वृक्षों पर कोंपलें, खिलखिलाते हैं कुसुम,गर्मी में…

  • जन्म दिवस

    जन्म दिवस ( शुभ जन्म दिन शनिवार 8 फरवरी ) जन्म दिवस विनोद भूरा का,मंगलमय हो ईश lवह तो नित उन्नति करें,दया करो प्रकृति ll जन्म दिवस के साथ ही,खुशियां रखिये खूब lधीरे-धीरे ही मिले,मन माफिक महबूब ll सदा स्वस्थ सुन्दर रहें,प्यारे समाज सेवी विनोद भूरा lउनसे ही उत्तम बने,ईश्वर हर परिवेश ll प्यारा प्यारा…

  • प्रपोज़ डे

    प्रपोज़ डे तेरी आँखों में जो प्यार झलकता है,वही मेरी रूह तक महकता है।हर धड़कन में तेरा ही नाम बसा है,दिकु, तू ही मेरा पहला और आखिरी किस्सा है। सांसों में खुशबू है तेरे एहसास की,हर शाम है मेरी अब तेरी तलाश की।आज जुबां पर वही बात ले आया हूँ,जिसे सदियों से दिल में दबाया…

  • प्रकृति और मानव की उत्पत्ति

    प्रकृति और मानव की उत्पत्ति प्रकृति की गोद मेंमानव की उत्पत्ति हुई।पेड़-पौधों की छाया में मानव का बचपन बीता।प्रकृति की सुंदरता नेमानव को आकर्षित किया। प्रकृति की शक्ति नेमानव को मजबूत बनाया।प्रकृति की सुंदरता नेमानव को जीवन का आनंद दिया।प्रकृति की गोद मेंमानव ने अपने जीवनकी शुरुआत की। प्रकृति की सुंदरता नेमानव को जीवन काप्रकृति…

  • निर्मल कुमार दे की कविताएं | Nirmal Kumar Dey Poetry

    रिटायरमेंट जिंदगी के सफ़र मेंकई पड़ाव आते हैंबचपन जवानी औेर बुढ़ापासबको मालूम है।एक पड़ाव है रिटायरमेंटउसकी चर्चा हम कहाँ करते है?साठ के बाद बाकी सालहम यूहीं क्यों जाने दें?अपनी ऊर्जा,अपनी ताकतक्यों हम बर्बाद करें?मन में रख विश्वाससही चिंतन के साथऐसा कुछ काम करेंखुद को मिले संतुष्टिदूसरों को भी लाभ मिले। सरस सावन वसुधा अब सरस…

  • महेन्द्र सिंह प्रखर की ग़ज़लें | Ghazals of Mahendra Singh Prakhar

    क्या-क्या सोचा था वो और क्या हो गये क्या-क्या सोचा था वो और क्या हो गयेआज अपने ही मुझसे खफ़ा हो गये प्राण तन से हमारे जुदा हो गयेडॉक्टर जी जहाँ के खुदा हो गये देखकर रंग जिनका फिदा हम हुएयार वो हमसे क्यों बेवफ़ा हो गये आज पढ़कर ग़ज़ल हम भी गुरुदेव कीशेर दर…