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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Geet Khali Haath
    गीत

    खाली हाथ रह जाता हूं | Geet Khali Haath

    ByAdmin March 12, 2023March 12, 2023

    खाली हाथ रह जाता हूं ( Khaali haath rah jata hoon)   खूब बांटता प्यार भरे मोती, पल पल मैं मुस्काता हूं। रिश्तो की डगर चलते-चलते, खाली हाथ रह जाता हूं। खाली हाथ रह जाता हूं अपनापन अनमोल लुटाता, मोती चुन चुन भाव भरे। रिश्तो में मधुरता घोले, मीठे शब्द बोलता खरे खरे। दर्द समझ…

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  • Poem Bagawat na Karo
    शेरो-शायरी

    बगावत ना करो | Poem Bagawat na Karo

    ByAdmin March 11, 2023

    बगावत ना करो  ( Bagawat na karo )    जब दे रही हो दिल तो किफायत ना करो, है प्यार की तमन्ना तो तिजारत ना करो। तन्हाइयों से आखिर खेलोगी कब तलक, इस मदभरी तू रात में बगावत ना करो। तुम पाओगी यहाँ पे खुशबुओं का डेरा, है दो दिलों का मेल ये सियासत ना…

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  • Rang Panchami par Kavita
    कविताएँ

    रंगमयी झाॅंकी में रंग-पंचमी मनातें | Rang Panchami par Kavita

    ByAdmin March 11, 2023March 11, 2023

    रंगमयी झाॅंकी में रंग-पंचमी मनातें ( Rangmyi jhanki mein rang-panchami manate)    आओं मिलकर हम-सब खेलें रंगों से ये होली, फाल्गुन के महिनें में ‌करें आओं हम ठिठोली। भर भरकर‌ मुट्ठी गुलाल फेंक रही देखो टोली, मौसम भी लगता मन मोहक जैसे हम जोली।। देश के कोनों-कोनों में अलग अनूठी पहचान, इस महिनें से झड़…

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  • Kavita ye Roop Rang
    कविताएँ

    ये रूप रंग ये चाल ढाल | Kavita ye Roop Rang

    ByAdmin March 11, 2023

    ये रूप रंग ये चाल ढाल ( Ye roop rang ye chaal dhaal )    ये रूप रंग ये चाल ढाल ये तेवर क्यों नखराले है। गोरे गोरे गाल ये काली जुल्फे नैन तेरे मतवाले है। बहकी बहकी नजरें तेरी बाल तेरे घुंघराले है। गोरा बदन संगमरमर सा दीवाने डूबने वाले हैं। चाल मोरनी सी…

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  • Kavita Radha Rang mein Hui Rangili
    कविताएँ

    राधा रंग में हुई रंगीली | Kavita Radha Rang mein Hui Rangili

    ByAdmin March 11, 2023

    राधा रंग में हुई रंगीली ( Radha rang mein hui rangili )    ये भरी सभा में रागरंग ये मौसम मस्ताना है। ये मतवाले ये भांग भंग हर कोई दीवाना है। भर पिचकारी दे किलकारी फाग खेलन आया। राधा रंग में हुई रंगीली झट कान्हा रंग लगाया। आई होली हमजोली आओ खेले आंख मिचोली। अधरो…

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  • Kavita Nirbhik Bano
    कविताएँ

    निर्भीक बनो आक्रामक नहीं | Kavita Nirbhik Bano

    ByAdmin March 11, 2023

    निर्भीक बनो आक्रामक नहीं ( Nirbhik bano akramak nahin )    निडर बने निर्भीक बने स्वाभिमानी बन जाए। आक्रामक स्वभाव उग्र मित्र कभी ना बनाए। बुलंद हौसलों से बुलंदी सफलता मेहनत पाती। मधुरागिनी कोयल काली वाणी सबको भाती। जोश जज्बा हौसलों से पराक्रमी पहचान बनो। वीर वसुंधरा भारती है बड़ी निराली शान बनो। बलवीर हो…

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  • Nari Poem
    कविताएँ

    हां नारी हूं मैं | Nari Poem

    ByAdmin March 11, 2023

    हां नारी हूं मैं ( Haan naari hoon main )    पग पग संभल रही , कहा किसी परिस्थिति से हारी हूं मैं निकाल लेती मार्ग खुद अपना हां नारी हूं मैं । मन विचलित होता तो , मोन हो सफर करती तय मैं अपना कहा जिमेदारि से किसी हारी हूं हां नारी हूं मैं!…

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  • Poem Dekho Holi Aayi Re
    कविताएँ

    होली देखो आई रे | Poem Dekho Holi Aayi Re

    ByAdmin March 11, 2023

    होली देखो आई रे! ( Holi dekho aayi re )    मल दे अबीर मोहें, होली देखो आई रे! तन-मन पे मस्ती छाई रे! होली देखो आई रे! नयना से नयना कोई जोड़े, चढ़ती जवानी पे डोरे डाले। ताकधिन-ताकधिन होने लगे, रंगों की बौछार सहने लगे। मिलने लगे जब अंगों से अंग, फूलों का बाण…

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  • Geet Naye Dinman Bhagya Hamare
    दोहे

    सागर फैला दर्द है पर्वत फैली पीर | Dohe Sagar Phaila Dard

    ByAdmin March 10, 2023March 11, 2023

    सागर फैला दर्द है पर्वत फैली पीर ( Sagar phaila dard hai parwat phaile peer )    सागर फैला दर्द है, पर्वत फैली पीर। अश्रुधार मोती बरसे, नैना बरसे नीर। मन मेरा घायल हुआ, चित्त थोड़ा बेचैन। अंधियारी निशा हुई, कैसे गुजरे रैन। संकट के बादल घने, बरसे मूसलाधार। पीर हर लो परमात्मा, कर दो…

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  • Geet Naye Dinman Bhagya Hamare
    गीत

    नये दिनमान भाग्य हमारे | Geet Naye Dinman Bhagya Hamare

    ByAdmin March 10, 2023March 10, 2023

    नये दिनमान भाग्य हमारे ( Naye dinman bhagya hamare )   किस्मत के तारे दमके, खुल गये भाग्य के द्वार। बदल रहे दिनमान हमारे, स्वागत करते बारंबार। स्वागत करते बारंबार खुल रहे तकदीर के ताले, खुशियों की चली बयार। जीवन में उमंगे आई, खिला गुलशन हुआ गुलजार। खिल जाए फूलों की राहें, बरसे प्रेम सुधा…

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