चल अब घर चल | Children’s Hindi Literature
चल अब घर चल ( Chal ab ghar chal ) चल चल अब घर चल सरपट सरपट घर चल, मत बन नटखट चल झटपट झटपट घर चल। उछल उछल कर न चल अब नटखट मत बन, मत कर चक चक मत कर पक पक घर चल।। समय समय पर पढ एवम नए नए जतन…
चल अब घर चल ( Chal ab ghar chal ) चल चल अब घर चल सरपट सरपट घर चल, मत बन नटखट चल झटपट झटपट घर चल। उछल उछल कर न चल अब नटखट मत बन, मत कर चक चक मत कर पक पक घर चल।। समय समय पर पढ एवम नए नए जतन…
बरेली में होली मिलाप व कविसम्मेलन तथा सम्मान समारोह का आयोजन सार्थक ट्रेडर्स व दयाल धर्म काँटा वाले डी एल गंगवार ने होली मिलाप व कविसम्मेलन तथा सम्मान समारोह का आयोजन बरेली के उस्ताद शायर विनय साग़र जायसवाल की अध्यक्षता में आयोजित किया । कार्यक्रम का संचालन अध्यापक ब्रह्मानंद दीक्षित ने किया ।कार्यक्रम में…
क्यों हवा ढूँढ रहे हो ( Kyon hawa dhoondh rahe ho ) मैं हूँ एक सूरज क्यों अंधेरा ढूँढ रहे हो, मैं हूँ तेरा समंदर क्यों कतरा ढूँढ रहे हो। घर बनाने में उसने नपा दी पूरी उमर, घर जलाने का बताओ क्यों पता ढूँढ रहे हो। उतार तो लिया पहली ही नजर में…
बचपन के दिन और खेल ( Bachpan ke din aur khel ) कहां गए वो दिन बचपन के ,पचपन खेल हम खेले नाचे गाए मौज मनाएं ,देखे घूम घूम कर मेले।। कितनी थी सतरंगी दुनिया ,रंगों का था दिलसे मेल एक सीध में दौड़ लगाकर ,छू छू कर दौड़ाए रेल ।। खेल खिलौना…
होली व शब्बेरात का त्यौहार ( Holi wa Shab-e-berat ka tyohar ) फाल्गुन की पुण्य पूर्णिमा,थी मंगल तिथि सात । हिन्दुओं की होली, मुस्लिमों की शब्बेरात । खेलें खायें मनाये, पूजें सभी एक साथ-साथ। पूर्वजो के प्रतीक गुजिया,चिराग की बिसात। आओ मनाये होली शब्बेरात का त्यौहार ।।1।। नाचे गायें मधुर फाग फैले चहुँओर ।…
मन शिवालय हो जाए ( Man shivalay ho jaye ) ओंकार निकले कंठो से, बम बम भोले शिव आये। मनमंदिर में दीप जलाऊं, घट उजियारा हो जाए। लोटा भर के जल चढ़ाऊं, गजानंद दुख हर जाए। हर हर महादेव कानो में, शिव शंकर शंभू भाए। मन शिवालय हो जाए बाघाम्बर धारी शिव भोले, अगम…
ग़ज़ल मंच का ऑनलाइन 71 वाँ तरही मुशायरा सम्पन्न हुआ ग़ज़ल मंच का ऑनलाइन 71 वाँ तरही मुशायरा बरेली के मशहूर वरिष्ठ शायर प्रतिष्ठित गजलकार जनाब मोहतरम विनय सागर जायसवाल की सदारत में सम्पन्न हुआ। मुशायरे की निजामत सवीना वर्मा “सवी” (अम्बाला) ने की। मेहमानें ख़ास रहीं सुनीता लुल्ला (हैदराबाद) प्रो.ममता सिंह (मुरादाबाद ) सभी…
चक्र समय का चलता रहता ( chakra samay ka chalta rehta ) इस समय का यही इतिहास है, कभी आँधी तूफ़ान बरसात है। कभी धूप और कभी ये छाॅंव है, तो कभी पतझड़ गर्मी शीत है।। ये चक्र समय का चलता रहता, अपनें ही हाल में यह है रहता। किसी के रोकने से नही…
शीतला माता ( Sheetla Mata ) जय जय जय देवी शीतला हमारी माता, यह पर्व होली के सात दिनों बाद आता। आदि ज्योति रानी आशीर्वाद रहें हमेंशा, बासी भोजन भोग मैया आपकों भाता।। इस दिन महिलाऍं सभी उपवास रखती, चूल्हा जलाकर ग़र्म खाना नही पकाती। बासी खाना मैय्या को अर्पित वो करती, परिवार में…
जब जब तेरी याद आए ( Jab jab teri yaad aaye ) जब जब तेरी याद आए, हिचकी आती बार-बार। नैनों में तस्वीर तुम्हारी, उमड़ घुमड़कर आता प्यार। सागर की लहरों सा सिंधु, मन में उमड़े हर्ष अपार। हिचकी पर हिचकी आती, नाम जुबां पर बारंबार। जब जब तेरी याद आए कानों में गूंजे…