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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Meri Beti Poem
    कविताएँ

    मिस्टी सी मुस्कान | Meri Beti Poem

    ByAdmin March 10, 2023

    मिस्टी सी मुस्कान ( Misty si muskan )   मिस्टी सी मुस्कान बेटी बनो देश की शान आसमां की सैर करो तुम उंची उड़ो उड़ान पंख लगाकर सपनों को सब पूरे हो अरमान घर आंगन महके फुलवारी बेटी तुम गुणवान सुरभित पुष्पों से महके तेरा जीवन संसार सृष्टि का उपहार है तू शक्ति का अवतार…

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  • Chini par Kavita
    कविताएँ

    चीनी है मीठा ज़हर | Chini par Kavita

    ByAdmin March 10, 2023

    चीनी है मीठा ज़हर ( Chini hai meetha zehar )    गुड़ सभी खाओ लेकिन यह चीनी कोई न खाओ, समझो और समझाओं यह बात सबको बताओ। यही चीनी है दुनिया मे सभी के लिए हानिकारक, बिमारियों का घर बना देती है यारों इसे छुडाओ।। यह चीनी शरीर में ट्राइ-ग्लिसराइड को बढ़ाता है, जिससे पक्षाघात…

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  • Ped par Kavita
    कविताएँ

    मैं पेड़ हूँ | Ped par Kavita

    ByAdmin March 10, 2023

    मैं पेड़ हूँ ( Main ped hoon )   मैं हूॅं एक जंगल का पेड़, फैला हूँ दुनिया और देश। निर्धन या कोई हो धनवान, सेवा देता में सबको समान।। जीवन सबका मुझसे चलता, सांस सभी का मुझसे चलता। बदले में किसी से कुछ ना लेता, सारी उम्र सबको देता ही रहता।। पहले मेरा जंगल…

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  • गोंदिया शहर तथा अन्य शहरों के रचनाकारों की रचनायें वाणी-प्रकाशन से प्रकाशित
    साहित्यिक गतिविधि

    गोंदिया शहर तथा अन्य शहरों के रचनाकारों की रचनायें वाणी-प्रकाशन से प्रकाशित

    ByAdmin March 10, 2023

    शीर्षक “फिर मौसम बदला है” यह देश के चुनिंदा रचनाकारों का साझा संकलन है जिसमें शायर-गीतकार विनय ‘साग़र’ जायसवाल बरेली, शिव शर्मा गोंदिया, सुनीता लुल्ला हैदराबाद, राजश्री तिवारी “क़मर” वारा सिवनी, डॉ. कामिनी व्यास रावल उदयपुर, डॉ. विकल बहराइची पंतनगर, अशोक “अज़्म” गोंदिया, अलका मित्तल मेरठ, ओमशंकर मिश्र “ओम” पंतनगर, डॉ.अनुराग नगपुरे बालाघाट, डॉ. सुनीता…

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  • Chhand Satrangi Fag
    छंद

    सतरंगी फाग | Chhand Satrangi Fag

    ByAdmin March 9, 2023March 9, 2023

    सतरंगी फाग ( Satrangi fag )    इंद्रधनुषी रंगों का, सतरंगी फाग छाया। बसंत बहारें चली, मस्त लहर लहर। प्रियतम भीगा सारा, सजनी भी भीग गई। रंगीला फागुन आया, बरसा पहर पहर। गाल गुलाबी महके, रंग गुलाल लगाके। फाग गाते नर नारी, गांव शहर शहर। झूमके नाचे रसिया, सुरीली धमाल बाजे। बांसुरी की तान छेड़े,…

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  • Bhojpuri Holi Geet
    भोजपुरी

    आयल फगुनवाँ घरे-घरे | Bhojpuri Holi Geet

    ByAdmin March 9, 2023

    आयल फगुनवाँ घरे-घरे! ( Ayal fagunwa ghare – ghare )    आयल फगुनवाँ घरे -घरे, चोलिया भीगै तरे -तरे। (2) होली है…….. बाजै लै ढोल औ बाजै मृदंग, उड़े ग़ुलाल लोग पीते हैं भंग। कोई न होश, न कोई बेहोश, मारे पिचकारी खड़े -खड़े। आयल फगुनवाँ घरे -घरे, चोलिया भीगै तरे -तरे। (2) होली है……..

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  • Aankh par Kavita
    कविताएँ

    लाल-लाल आंखें तेरी | Aankh par Kavita

    ByAdmin March 9, 2023March 9, 2023

    लाल-लाल आंखें तेरी ( Lal-lal aankhen teri )    लाल-लाल आंखें तेरी काले काले बाल। गोरे गोरे गाल गुलाबी मोरनी सी चाल। खुशी की फुलझड़ी जिद पे चाहे अड़ी। रोक-टोक घड़ी-घड़ी आफत गले पड़ी। मौसम की बहार है रंगों की फुहार है। दिल के जुड़े तार मेरा पहला प्यार है। उमंग जगाती मन में सागर…

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  • Koyal par Kavita
    कविताएँ

    दर्द ए दास्तां कोयल की | Koyal par Kavita

    ByAdmin March 9, 2023March 9, 2023

    दर्द ए दास्तां कोयल की ( Dard – e – dastan koyal ki )    दर्द ए दास्तां कोयल बोली ईश्वर ने दी प्यारी बोली। रंग तो काला कर डाला कैसी खेली आंख मिचोली। कोई कहे बसंत की रानी मधुर तान लगती सुहानी। रंग वर्ण मोहे श्याम मिला शर्म से हो गई पानी पानी। तन…

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  • Poem Prem Deewani Radha
    कविताएँ

    भीगी प्रेम दीवानी राधा | Poem Prem Deewani Radha

    ByAdmin March 9, 2023

    भीगी प्रेम दीवानी राधा ( Bhigi prem deewani Radha )    तन भीगा है मन भीगा है, रंगों से उपवन भीगा है। भीगी प्रेम दीवानी राधा, चोली दामन सब भीगा है। मन का कोना कोना भीगा, रोम-रोम हर तन भीगा है। फागुन रंग बसंती छाया, प्रेम रंग से जन-जन भीगा है। भीगा शहर गांव भीगा…

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  • Paijaniya par Kavita
    कविताएँ

    पैंजनिया | Paijaniya par Kavita

    ByAdmin March 9, 2023

    पैंजनिया ( Paijaniya )    छम छम बाजे पांव में घुंघरू रुनक झुनक पैजनिया। नाच रहे हैं मदन मुरारी मधुबन गूंजे प्यारी मुरलिया। नटखट कान्हा झूम झूम के पैजनिया खनकाता है। सारी दुनिया हुई कृष्ण दीवानी प्रेम रंग बरसाता है। बाल लीलाएं बालकृष्ण की मनमोहक चितचोर है। सारे जग का पालन हारा सांवरिया माखन चोर…

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