बह चली बसंती वात री | Holi ki Kavita Hindi Mein
बह चली बसंती वात री ( Bah chali basanti wat ri ) बह चली बसंती वात री। मह मह महक उठी सब वादी खिल उठी चांदनी रात री। सब रंग-रंग में रंग उठे भर अंग अंग में रंग उठे रग रग में रंग लिए सबने उड़ उठा गगन…
बह चली बसंती वात री ( Bah chali basanti wat ri ) बह चली बसंती वात री। मह मह महक उठी सब वादी खिल उठी चांदनी रात री। सब रंग-रंग में रंग उठे भर अंग अंग में रंग उठे रग रग में रंग लिए सबने उड़ उठा गगन…
होली है ( Holi hai ) तन -मन पे छाई जवानी रे, होली देखो आई रे ! होली है !! इधर भी टोली है,उधर भी टोली, ऊँच-खाल होई जाई बना मत भोली। भर-भर के मारो पिचकारी रे, होली देखो आई रे ! तन -मन पे छाई जवानी रे, होली देखो आई रे ! होली…
हुड़दंग मचा होली में ( Hurdang macha Holi mein ) हुड़दंग मचा हैं होली में देखो मस्ती की डोली में मस्त मगन हमजोली में किशोर सारे डोल रहे हैं, भंग चढ़ी हैं इस होली में उड़ रहा है अबीर गुलाल ढोल का अपना सुरताल मचा हुआ, गजब धमाल खुशियों के रंगों से रंगी होली…
“नारी हो तुम “ ( Nari ho tum ) जगत मैं आई हो तो, संसार का कुछ उद्धार करो! अपने अस्तित्व की एक नई , फिर से तुम शुरुआत करो जो जग में जाने जाते हैं , वही वीर कहलाते हैं तुम नारी हो शक्ति स्वरूपा नारायणी जैसा तुम काम करो ! हो समाज…
“फागुन का रंग” ( Fagun ka Rang ) वर्षा बीती शरद गया, आई बसंत बहार। रंगीला मौसम हुआ ,फागुन का त्योहार।। बूढ़ जवान हरे हुए ,बाल हृदय उमंग । तन मन सब मदमस्त हुआ, चढ़ा फाग का रंग।। मस्तानों की टोली सजी, करे खूब हुड़दंग। नाचे गाए मस्ती में, खूब चढ़ी है भंग।। हाथ…
बहाने ढूँढता है रंग लेकर यार होली में ( Bahane dhoondta hai rang leke yaar holi mein ) बहाने ढूँढता है रंग लेकर यार होली में लुटाये प्यार यूँ मुझ पर मेरा दिलदार होली में सभी को छोड़ कर डाले है मुझ पर रंग वो धानी करे है प्यार का इस ढंग से इजहार…
होली है मुस्कुरा के मिलो ( Holi hai muskura ke milo ) होली है सब भूला के मुस्कुरा के मिलो प्यार का मौसम आया फूलों सा खिलो रंगों की छाई घटा भावन फागुन आया सरसों लहराई है पीली बसंत हरसाया सद्भाव प्रेम बरसा रंग लगा के मिलो होली है सब भूलाके मुस्कुराके मिलो सुरीले…
दो घोड़ों की सवारी ( Do ghodon ki sawari ) दो अश्वों पे होकर सवार मत चलना रे प्यारे। मुंह के बल गिर जाओगे दिन में देखोगे तारे। चाहे जितनी कसो लगाम मिल ना सकेगा विराम। कोई इधर चले कोई उधर चले गिर पड़ोगे धड़ाम। दो नावों पे दो घोड़ों पे वो मंझधार में…
शक्ति रूप तुम हो नारी ( Shakti roop tum ho nari ) बने भार्या प्रीतम प्यारी, घर आंगन महके फुलवारी। लक्ष्मी रूप तेरा नारी, अन्नपूर्णा तुम हो अवतारी। शक्ति रूप तुम हो नारी राखी के कच्चे धागों में, बहना रूप में प्यार भरा। ममता की मूरत तू सारी, जननी रूप है वसुंधरा। सृष्टि की…
आओ हम रंगों में डूबे। ( Aao hum rangon mein doobe ) होलिया में आया रे निखार, आओ हम रंगों में डूबें। लहंगा नया रे जालीदार, आओ हम रंगों में डूबें। रंगों की बौछार,फागुन की मस्ती, पियो तू आँखों से डूबे न कश्ती। खुलके करो रे! सब प्यार, आओ हम रंगों में डूबें। होलिया…