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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • धीरेंद्र शास्त्री | Dhirendra Shastri par Kavita
    कविताएँ

    धीरेंद्र शास्त्री | Dhirendra Shastri par Kavita

    ByAdmin March 1, 2023March 1, 2023

    धीरेंद्र शास्त्री ( Dhirendra Shastri )    धीरेंद्र शास्त्री उनका नाम गड़ा छतरपुर उनका धाम बालाजी के वे सच्चे भक्त है चलते भंडारे दोनों वक्त छोटी उम्र में नाम है पाया गुरु रज को शीश लगाया संस्कारों की देते शिक्षा राम नाम की देते दीक्षा विश्व में प्रभु का नाम बढ़ाया भक्ति से जनसैलाब है…

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  • Holi par Geet
    गीत

    होली पर हुड़दंग | Holi par Geet

    ByAdmin March 1, 2023March 1, 2023

    होली पर हुड़दंग ( Holi par hurdang )    मचा है होली पर हुड़दंग। मस्त महीना फागुन आया, खूब लगाओ रंग।।   नर नारी सब नाचे गाए, मन में भरी उमंग। भर पिचकारी तन पर मारी, भीगे सारा अंग।। मचा है होली पर हुड़दंग।।   गाते रसिया सब मन बसिया,  पी पी करके भंग ।…

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  • sahityik mahotsav
    साहित्यिक गतिविधि

    हृदयांगन साहित्यिक संस्था के तत्वाधान में साहित्यिक महोत्सव

    ByAdmin March 1, 2023

    “टपकेश्वर महादेव श्री श्री 108 पीठाधीश्वर  श्री कृष्ण गिरी जी महाराज के श्री चरणो तले हृदयांगन संस्थान की बेहतरीन महफिल में उपस्थित कवियों पर महाराज जी का शुभ आशीष”   हृदयांगन साहित्यिक सामाजिक सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पंजीकृत संस्था मुंबई की ओर से आजादी के अमृत महोत्सव के तारतम्य में आयोजित अमर -पुष्कर साहित्य महोत्सव में…

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  • Laal Rang par Kavita
    कविताएँ

    लाल रंग | Laal Rang par Kavita

    ByAdmin March 1, 2023

    लाल रंग ( Laal rang )   लाल रंग रक्त वर्ण होता वीरों की वीरता दर्शाता है धन वैभव सम्मान दिलाता लक्ष्मीजी को भाता है स्वाभिमान भाव दमके शौर्य पराक्रम रणवीरो का लाल रंग साहस सूचक लाल ध्वजा धरें वीरों का सौभाग्य सिंदूर से बढ़ता लाली बन मुस्काता है रामभक्त हनुमान भाए तन पर सिंदूर…

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  • Holi par Kavita in Hindi
    कविताएँ

    रंगो का त्यौहार | Holi par Kavita in Hindi

    ByAdmin March 1, 2023March 9, 2025

    रंगो का त्यौहार ( Rango ka tyohar )  रंगो के पर्व पर हमको शुद्ध आत्म स्वरूप पाना हैं । नाजुक साँसो का क्या भरोसा ? पल – पल सफल बनाना हैं । आती रहेगी बाधाएं भी पथ में । हमको तनिक नहीं घबराना हैं । संसार यह झूठा सपना हैं । कोई भी यहाँ अपना…

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  • Gulabi Rang par Kavita
    कविताएँ

    गुलाबी रंग | Gulabi Rang par Kavita

    ByAdmin February 28, 2023

    गुलाबी रंग ( Gulabi rang )    उत्साह उमंग हर्ष जगाता मन में खुशियां लाता। रौनक लाता गुलाबी रंग ओजस्वी सबको भाता। महकते गुलाब सा, जब खिल उठा मन मेरा। हंसी होठों पर छाई, खूब दमक उठा चेहरा। मधुबन में बहारों की, मधुर मधुर चली पुरवाई। मस्ती का आलम छाया, खुशियों की घड़ी आई। नई-नई…

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  • Deewar Ghadi par Kavita
    कविताएँ

    बोल पड़ी मेरी दीवार घड़ी | Deewar Ghadi par Kavita

    ByAdmin February 28, 2023

    बोल पड़ी मेरी दीवार घड़ी ( Bol padi meri deewar ghadi )    अचानक बोल पड़ी मेरी दीवार घड़ी बढ़ते जाओ यह दुनिया बहुत बड़ी पल पल जीवन का आनंद ले लो खुशियों से अपनी झोली भर लो यह दुनिया घड़ी सी गोल मटोल संसार में पग पग पे रमझोल है अगर समय रहते ना…

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  • Fagun Mahina par Kavita
    कविताएँ

    यें फाल्गुनी महीना | Fagun Mahina par Kavita

    ByAdmin February 28, 2023

    यें फाल्गुनी महीना ( Ye falguni mahina )    यें फाल्गुनी महीना होता है प्रकृति के लिए सौगात, जो प्रकृति के नज़रिये से महत्वपूर्ण धार्मिक मास। जिसके पश्चात होता है हिन्दू नए साल का आगाज़, हिन्दू पंचांग में साल का यही होता आख़िरी मास।। इसी महिनें में आतें है दो लोकप्रिय बड़े ही त्योंहार, जो…

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  • Kavita Wah re Abhineta Mahan
    कविताएँ

    वाह रे अभिनेता महान | Kavita Wah re Abhineta Mahan

    ByAdmin February 28, 2023

    वाह रे अभिनेता महान ( Wah re abhineta mahan )    बड़े-बड़े अदाकारा बड़े-बड़े अभिनेता कर रहे विज्ञापन पियो कोकोकोला और खेलो रम्मी समय नष्ट करने मस्तिष्क में बसा है एक मायाजाल चकित भ्रमित रहा उम्र का नहीं ख्याल माता पिता के बैलेंस धीरे-धीरे खत्म करा बच्चे डूब गए इसमें उम्र गुजार देते है वह…

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  • Akshru Mata par Kavita
    कविताएँ

    अछरू माता | Akshru Mata par Kavita

    ByAdmin February 28, 2023February 28, 2023

    अछरू माता ( Akshru Mata )    पंडित देता नहीं प्रसाद कुंड से प्रकट प्रसाद नाम पड़ा अच्छरू माता हर कोई यहा शीश नवाता कभी नारियल कभी जौ कभी मलीदा कभी फल माता देती स्वयं प्रकट हो दूर-दूर से आते है लोग भरता है जहां पर मेला नवदुर्गा की बात निराली माता है चमत्कार वाली…

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