• नीला रंग | Neela Rang par Kavita

    नीला रंग ( Neela rang )    नीलगगन नीला अंबर हमको देता ऊंची उड़ान। नीली छतरी वाला ऊपर सब देखे छतरी तान। अगम अगोचर अविनाशी है नीलकंठ महादेव। लीलाधारी है श्रीकृष्ण नील अश्व वर्ण शनिदेव‌। सम्मोहन आकर्षण शक्ति जो पियूष भी है प्यार भी। सिंधु में हिलोरे उठती जोड़े आत्माओं के तार भी। पौरुष बल…

  • आयो फागणियो | Rajasthani Geet Ayo Faganiyo

    आयो फागणियो ( Ayo Faganiyo )    काळा केशां न लहरावै, बादळियो भंवरजी मुळकावै। रसियो गीत सुरीला गावै, गोरा गालां रंग लगावै। आयो फागणियो मस्ती म, झूमै फाग सुणावै है। आयो फागणियो, ओ आयो फागणियो रंग रंगीलो फागण आयो, झूमै दुनिया सारी। फूल खिल्या है बाग महकरयो, नाच रयो बनवारी। भर पिचकारी मदन मुरारी, रंग…

  • दिलबर वो हमारे | Geet Dilbar wo Hamare

    दिलबर वो हमारे ( Dilbar wo hamare )   मेरे मन में बसी छवि दिलदार की सनम। प्यार हद से भी ज्यादा उनसे करते हम। वो दिलकश नजारे, प्रियतम हमे पुकारे। महकती वादियों में, आये नदिया किनारे। दिलबर वो हमारे फूल खिलने लगे हैं, दिल मिलने लगे हैं। बहारों के मौसम भी, रंग बदलने लगे…

  • भगवान वामन अवतार | Bhagwan Vaman Avatar par Kavita

    भगवान वामन अवतार ( Bhagwan Vaman Avatar )    हर्षोल्लास एवं धूम धाम संग मनाया जाता यह पर्व, दस-दिनों तक चलता जिस पर हम-सब करतें गर्व। मलयालम कैलेंडर अनुसार जिसका होता आगाज़, सितम्बर माह में आता राजा बलि पर करतें है गर्व।। महाबली असुरों का राजा बलि था जिसका यें नाम, द्वार से जिसके कोई…

  • छलकती जवानी | Kavita Chalakti jawani

    छलकती जवानी ( Chalakti jawani )    जुल्फों में खोने के दिन देखो आए, निगाहों से पीने के दिन देखो आए। छलकती जवानी पे दिल उसका आया, छूकर बदन मेरा दिल वो चुराया। सुलगती अगन को कैसे दबाएँ, निगाहों से पीने के दिन देखो आए, जुल्फों में खोने के दिन देखो आए। मेरी जिन्दगी का…

  • हरा रंग | Hara Rang par Kavita

    हरा रंग ( Hara rang )    हरा रंग हरियाली का सद्भाव प्रेम खुशहाली का उत्साह पत्ता डाली का सुरभीत चमन माली का धरा मुस्कुराने लगी फिर ओढ़कर धानी चुनरिया कुदरत लहराने लगी ज्यों झूमी ब्रज में गुजरिया हरी भरी ये वसुंधरा हमारी लगती सबको प्यारी है रंग बिरंगे फूलों की महकती केसर की सी…

  • सीख परमात्मा की | Kavita Seekh Parmatma ki

    सीख परमात्मा की ( Seekh parmatma ki )    जो सबका भाग्य विधाता है जो जग का करतार। कर्म करो शुभ जग में प्यारे वचन कहे सृजनहार। मात पिता गुरु का आदर जीवो पर दया कर प्राणी। क्षणभंगुर सांसों की डोरी ये दुनिया है आनी जानी। ढाई आखर प्रेम सच्चा सब झूठा है अभिमान। चलो…

  • बांसुरी | Bansuri par Geet

    बांसुरी ( Bansuri )    चक्र सुदर्शन धारी केशव, लीला अपरंपार तेरी। मंझधार में डूबी नैया, आकर करना पार मेरी। बजे मुरलिया तेरी मुरली मोहन माधव तेरी, मधुर मनोहर शान है। सकल चराचर रक्षक, जन करते गुणगान है। संकट मोचन मोहिनी मूरत, मत ना करना देरी। कृष्ण कन्हैया दीन दयाला, मधुर बांसुरी तेरी। बजे मुरलिया…

  • प्यारा भोलेनाथ को है सावन | Bholenath par Kavita

    प्यारा भोलेनाथ को है सावन ( Pyara bholenath ko hai sawan )    यह महीना है प्यारा-न्यारा सावन, सभी के मन को सावन है भावन। सोमवार इसमे है भोले को प्यारा, शिवपूजा आराधना विधान सारा।। सावन के पहले-आख़री सोमवार, सावन का परम्परा व्रत एवं स्नान। प्यारा भोले नाथ को भी है सावन, जुलाई अगस्त में…

  • भीग गया अंग फागुन के रंग | Kavita Phagun ke Rang

    भीग गया अंग-अंग फागुन के रंग ( Bheeg gaya ang-ang phagun ke rang )    भीग गया सारा अंग-अंग फाल्गुन के यह रंग, मस्त फुहारें फाग मस्ती में झूम रहें सभी संग। हर मुखड़े पर रंग लगा किसी के लगी गुलाल, धूम-मचाती होली आई बाज रहें है देखो चंग।। एक थाली गुलाल रखी दूसरी में…