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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Prem ka Adhyatmik Mahatva
    कविताएँ

    प्रेम का आध्यात्मिक महत्व | Prem ka Adhyatmik Mahatva par Kavita

    ByAdmin February 26, 2023

    प्रेम का आध्यात्मिक महत्व ( Prem ka adhyatmik mahatva )    प्रेम कृष्ण की लीला है प्रेम राधा का प्यार प्रेम धुन तान बंसी की प्रेम है जग आधार प्रेम में बंधी ये दुनिया प्रेम गीता का सार प्रेम वश दौड़े आते सारे जग के करतार प्रेम दीवानी मीरा थी कृष्ण भक्ति में नाची कुदरत…

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  • Hindi poem on Lakshya
    कविताएँ

    लक्ष्य | Hindi poem on Lakshya

    ByAdmin February 26, 2023

    लक्ष्य ( Lakshya )    हर मानव का सपना होता, आगे तक बढ़ता जाऊं। लक्ष्य धार चलूं प्रगति पथ पर निश्चय मंजिल को पाऊं।। बचपन में कुछ भान नहीं था, खेलकूद में समय गया। योग्य बनूंगा पढ़ लिखकर के, भरी जवानी मोद भया। मात-पिता की हुई दया तब, नव जीवन पा हरषाऊं। लक्ष्य धार चलूं…

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  • Kavita Hum Panchhi par Daya Karo
    कविताएँ

    हम पक्षी पर दया करो | Kavita Hum Panchhi par Daya Karo

    ByAdmin February 26, 2023February 26, 2023

     हम पक्षी पर दया करो ( Hum panchhi par daya karo)    सूख गयी है ताल तलैया   ठप  बैठे  हैं नदी की नैया    चिंगारी  सी  है  दोपहरिया      एक बर्तन पानी धरा करो!           हम पक्षी पर दया करो।   हम पक्षी अब तड़प रहे हैं   नदियां  नाले चटक रहे हैं     …

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  • Kavita Tu hi
    कविताएँ

    तू ही खुशियों का खजाना | Kavita Tu hi

    ByAdmin February 26, 2023February 26, 2023

    तू ही खुशियों का खजाना ( Tu hi khushiyon ka khajana )    मन मोहक मुस्कान तेरी हर लेती है व्यथा मेरी। तू ही खुशियों का खजाना शरण आया प्रभु तेरी। हे ईश्वर तू अंतर्यामी तू रखवाला तू ही है स्वामी। घट घटवासी लखदातार सबके रक्षक सृजनहार। सारी सृष्टि के संचालक है परमेश्वर तुम हो…

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  • Khwahish par Kavita
    कविताएँ

    ख्वाहिशों का रंग घोल दे | Khwahish par Kavita

    ByAdmin February 26, 2023February 26, 2023

    ख्वाहिशों का रंग घोल दे ( Khwahishon ka rang ghol de )    लक्ष्य साधकर बढ़ते जाए मन की गांठे खोल दे। लगन संग कोशिशों में ख्वाहिशों का रंग घोल दे। उन्मुक्त उड़ानें नभ छूए तमन्नाओं को मुस्कान दे। हौसलों से मंजिलों की दुर्गम राहों पे भी ध्यान दे। हंसी-खुशी प्रेम सलोना बांटे प्यार के…

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  • Kavita Man ki Baat
    कविताएँ

    मन की बात | Kavita Man ki Baat

    ByAdmin February 26, 2023

    मन की बात  ( Man ki baat )    मेरा मन बोला मुझ को जाना देश सेवा अब मुझ को करना भारत सेना का बनूंगा हिस्सा रचना है मुझको कोई किस्सा सारा सच बात बता रहें है हम मन की बात सुनकर आ गऐ हम। देश ने जब भी हमको पुकारा बन कर के निर्बल…

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  • Kavita Vigyan ka Chamatkar
    कविताएँ

    विज्ञान का चमत्कार | Kavita Vigyan ka Chamatkar

    ByAdmin February 26, 2023

    विज्ञान का चमत्कार ( Vigyan ka chamatkar )    अब आनें वाले दिनों में होने वाला है चमत्कार, इस जर्मनी की कंपनी ने ऐसा किया है ऐलान। बन रही है इस तरह की यें मशीनरियां भरमार, मां की कोख की तरह ज़न्म लेगा यह इन्सान।। इतना ही नही कार मशीन सा करेगा वह काम, सब…

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  • Gaay par Kavita
    कविताएँ

    गाय | Gaay par Kavita

    ByAdmin February 25, 2023

    गाय ( Gaay )    जहां नंदिनी वहां माधव को भी आना पड़ता है। गोमाता की रक्षा खातिर चक्र उठाना पड़ता है। धेनु भक्त ग्वालों की पीर दर्द हर जाना पड़ता है। खुशियों से झोली सबकी भर जाना पड़ता है। बजे चैन की मधुर मुरलिया गीत गाना पड़ता है। मुस्कानो के मोती मनमोहन बरसाना पड़ता…

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  • Masoomiyat par Kavita
    कविताएँ

    मासूमियत | Masoomiyat par Kavita

    ByAdmin February 25, 2023

    मासूमियत ( Masoomiyat )    मासूम सी वो भोली भाली सूरत वो अल्हड़पन इठलाता सा निश्चल निर्भीक मासूमियत चेहरा कोई अनजाना सा दुनिया के आडंबर से दूर अपने आप में मशगूल बेखबर जहां के दुष्चक्रो से खिलता सा प्यारा फूल मधुर सी मिठास घोलता प्यार भरे मृदु वचन बोलता मासूमियत भरी नैनों में लगा बचपन…

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  • Kavita Bahe ja Rahe Hain
    कविताएँ

    जलधारा से बहे जा रहे हैं | Kavita Bahe ja Rahe Hain

    ByAdmin February 25, 2023

    जलधारा से बहे जा रहे हैं ( Jal dhara se bahe ja rahe hain )    गीत पुराने कहे जा रहे हैं, जलधारा से बहे जा रहे हैं। भाव सिंधु काबू रखो, कब से खड़े हम सहे जा रहे हैं। ये संसार दुखों का सिंधु, पग पग तूफां बने आ रहे हैं। बाधा मुश्किल अड़चन…

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