• लेखक संविधान के

    लेखक संविधान के हमारा संविधान हमें जीने का स्वतंत्र अधिकार देता हैहमारा संविधान हम सबको हमारा स्वाभिमान देता है।सबसे ज्यादा योगदान डॉ भीमराव अंबेडकर जी का रहा,जिसको पूरा देश संविधान का गौरव मान देता है।। प्रेम बिहारी नारायण रायजादा संविधान के सुलेखक है,नंदलाल बोस,राम मनोहर सिन्हा मूल संस्करण वेदक है।शांतिनिकेतन के कलाकारों द्वारा सुशोभित किया…

  • देशभक्ति

    देशभक्ति हमारा तन-मन मिट्टी का गुणगान करता हैयही वह भूमि जिस पर अभिमान करता है जहाँ का हर बच्चा देश की सेवा करता हैंमॉ भारती के आँचल की रक्षा करता हैं कभी भी हम भारतीय डरते नहीं मौत सेसिहर जाते दुश्मन सारे हमारे खौफ से तीन रंग रंगीन कपडा नहीं ये हमारी शान हैलहराता हुआ…

  • आज़ाद है

    आज़ाद है कहने अपनी बात को अब हर सुख़न आज़ाद हैबंदिशें कोई नहीं अब हर कहन आज़ाद है हर गली हर शह्र और आज़ाद है ये हर पहरसाँस लेते चैन से हम ये पवन आज़ाद है नफ़रतों के दायरों को तोड़ डालो मिल के सबइल्तिजा बस अम्न की है, अब वतन आज़ाद है टूटी ज़जीरें…

  • इज्जत की खातिर

    “हेलो, क्या यह रीना के घर का नंबर है?” “हाँ जी, मैं रीना का पिता नरेंद्र बोल रहा हूँ।आप कौन हो और कहाँ से बोल रहे हो? आपको रीना से क्या काम है?” नरेंद्र ने कहा। “मैं रीना के कॉलेज का प्रिंसिपल बोल रहा हूँ। आज कक्षा 12 के बच्चों का इंग्लिश का वायवा है।…

  • महात्मा गांधी के महाप्रयाण दिवस

    महात्मा गांधी के महाप्रयाण दिवस अहिंसा को हम जीवन में लाए ।प्रभु को भीतर घट में बसा लें ।मोक्ष की और कदम बढ़ाये ।सद्ज्ञान की रोशनी जगा लें ।आत्मा के अज्ञान को हटायें ।क्रोध , मान , माया ,लोभ को छोड़े ।सबसे मैत्री , प्रेमभाव जगा लें ।जीवन की सौरभ को हम महकायें ।होनी को…

  • रहे दिलों में मुहब्बत वतन की

    रहे दिलों में मुहब्बत वतन की दुआ मांगता हूँ हमेशा अमन की ?रहे दिलों में मुहब्बत वतन की न बरसात हो नफ़रतों की कभी भीसलामत रहे बस बहारें वतन की मेरी जान कुर्बान है इस वतन परयहीं आरज़ू है मेरे यार मन की वतन से करो प्यार इतना दिलों सेहमेशा महके हर कली ही चमन…

  • गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर हुआ कवि सम्मेलन और मुशायरा

    बरेली, ऑल इंडिया कल्चरल एसोसिएशन एवं जिला समारोह समिति के संयुक्त तत्वावधान में स्थानीय संजय गाँधी कम्युनिटी हॉल में गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर कवि सम्मेलन और मुशायरे का आयोजन हुआ। इस अवसर पर विनय सागर जायसवाल ने कहा सर भी झुकते हैं लाखों नमन के लिए, जान देते हैं जो भी, वतन के…

  • देश हमारा है

    देश हमारा है ( गीत )* देश हमारा है, सरकार हमारी है,क्यों न निभाई, हमने जिम्मेदारी है?*नियम व्यवस्था का पालन हम नहीं करें,दोष गैर पर निज, दोषों का नहीं धरें।खुद क्या बेहतर कर सकते हैं, वही करें।सोचें त्रुटियाँ कितनी कहाँ सुधारी हैं?…*भाँग कुएँ में घोल, हुए मदहोश सभीकिसके मन में किसके प्रति आक्रोश नहीं?खोज-थके, हारे…

  • कल गणतंत्र दिवस की भोर हैं

    कल गणतंत्र दिवस की भोर हैं कल गणतंत्र दिवस की भोर है,मेरा मन आत्म विभोर है।चारों ओर तिरंगे का शोर है,रंगोली लाइट द्वार सजे चारों ओर हैं।कल गणतंत्र दिवस की भोर हैं,मेरा मन आत्म विभोर है।। लहरा रहा तिरंगा देखो कैसी शान से,गूंजेगा कल देश गौरव गान से।सजा देश केसरिया श्वेत हरे रंग से,चारों ओर…

  • जय गणतंत्र

    जय गणतंत्र सभी देशवासियों का एक ही मूल मंत्र ।संविधान की सुरक्षा हो जय गणतंत्र ।जय गणतंत्र! जय गणतंत्र! जय गणतंत्र! ना कोई भूखा रहे ना कोई प्यासा रहे ।स्वस्थ रहे भारत आरोग्य पाचन तंत्र ।जय गणतंत्र! जय गणतंत्र! जय गणतंत्र! सभी को न्याय मिले सभी को समता ।भेदभाव ना रहे ऐसा हो शासन तंत्र…