डॉ. आलोक रंजन कुमार की कविताएँ | Dr. Alok Ranjan Kumar Poetry
पिता : भविष्य का तक़दीर है माता यदि ऑक्सीजन है,तो पिता हाइड्रोजन है।दोनों के मिलन से ही,शरीर में भरता जल है। माता यदि आज है तो ,पिता आज और कल है।पिता अनन्त आकाश हैपिता भरा पूरा बादल है । पिता अतीत व वर्तमान भी हैभविष्य भी है,उसका फल है।पिता सर का साया भी है ,बाहर…
