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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • डॉ. आलोक रंजन कुमार
    कहानियां

    डॉ. आलोक रंजन कुमार की कविताएँ | Dr. Alok Ranjan Kumar Poetry

    ByAdmin February 4, 2025June 15, 2025

    पिता : भविष्य का तक़दीर है माता यदि ऑक्सीजन है,तो पिता हाइड्रोजन है।दोनों के मिलन से ही,शरीर में भरता जल है। माता यदि आज है तो ,पिता आज और कल है।पिता अनन्त आकाश हैपिता भरा पूरा बादल है । पिता अतीत व वर्तमान भी हैभविष्य भी है,उसका फल है।पिता सर का साया भी है ,बाहर…

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  • दुनिया के
    ग़ज़ल

    दुनिया के

    ByAdmin February 4, 2025February 4, 2025

    दुनिया के भाग फूटे पड़े हैं दुनिया के।पांव उखड़े पड़े हैं दुनिया के। खेल बिगड़े पड़े हैं दुनिया के।दाम उतरे पड़े हैं दुनिया के। दौर कैसा है यह तरक़्क़ी का।काम सिमटे पड़े हैं दुनिया के। जिस तरफ़ देखिए धमाके हैं।ह़ाल बिगड़े पड़े हैं दुनिया के। बन्दिशों के अ़जब झमेले हैं।हाथ जकड़े पड़े हैं दुनिया के।…

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  • भारतीय काव्य मंच
    साहित्यिक गतिविधि

    बसंत पंचमी के अवसर पर अखिल भारतीय काव्य मंच के सौजन्य से कवि सम्मेलन का आयोजन संपन्न

    ByAdmin February 4, 2025February 4, 2025

    वसंत पंचमी के शुभ अवसर पर अखिल भारतीय काव्य मंच मुंबई संस्था के सौजन्य से एक शानदार ऑनलाइन काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शामिल होने वाले कवियों में वाराणसी की लोकप्रिय कवयित्री शिवांगी सिंह “कृष्णाबावरी” और गाजियाबाद की लोकप्रिय कवयित्री प्रेरणा सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुईं। झारखंड से मीनाक्षी…

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  • Abha Gupta Poetry
    कविताएँ

    आभा गुप्ता की कविताएं | Abha Gupta Poetry

    ByAdmin February 3, 2025August 27, 2025

    श्री गणेश श्री गणेश, प्रथमेश, गजानन,करूँ तुम्हारे चरण मे वंदन,करते दूर दुखियों के क्रंदन,तन, मन, धन हम करें समर्पन, हे शिव पुत्र, पार्वती दुलारे,धन्य नयन दर्शन से तिहारे,जब तेरा हम नाम पुकारें,कट जाऐ सब विघ्न हमारे,कर जोड़ नमन कर जोड़ नमनचरणों में नमन करती हूँ,श्री गणेश, प्रथमेश, गजानन,करूँ तुम्हारे चरण मे वंदन, मूसक वाहन मे…

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  • मां शारदे
    कविताएँ

    वंदन माता शारदे

    ByAdmin February 3, 2025February 3, 2025

    वंदन माता शारदे प्रफुल्ल ज्ञानरूपिणी, प्रवीण मातु शारदे।विधायिनी सुवादिनी, सरस्वती उबार दे।। निरंजना प्रभामयी, महाश्रया सुवासिनी।सुपूजितां महाभुजा, मनोरमा सुभाषिनी।।करें प्रणाम श्रीप्रदा, प्रबुद्ध भारती सदा।उतारते प्रियंवदा, सुजान आरती सदा।।सुबोध माँ प्रशासनी, सुभक्ति माँ अपार दे। अकूत शास्त्ररूपिणी, करो कृपा महाफला।अनंत प्रेम दायिनी, सुहासिनी महाबला।।नमो दयालु शारदे, स्वयंप्रभा दिवाकरी।प्रशस्त मातु पंथ भी,सुखारिणी सु-अंबरी।।पयोधि ज्ञान दायिनी, नमामि माँ…

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  • राजनीतिक घृणा
    आलेख

    राजनीतिक घृणा मूक जीवों पर कहर ढा रही है

    ByAdmin February 3, 2025February 3, 2025

    आज यह फ़िल्म देख कर मन उदास हो गया.. मन के भीतर कही गहरे में खून के आंसू रोने की इच्छा हो रही है.. उफ कितने गिर गए हैं हम.. उफ कितनी हीन मानसिकता से भर गए हैं हम.. बदला लेना चाहते हैं.. सामने वाले को नीचा दिखाना चाहते हैं.. मगर किस स्तर पर..? किसी…

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  • Dr. Chander Datt  Sharma Poetry
    कविताएँ

    डॉ. चंद्र दत्त शर्मा की कविताएं | Dr. Chander Datt  Sharma Poetry

    ByAdmin February 3, 2025May 29, 2025

    रक्तदान – रागनी तरज मानी नी माई मुंडेर… रक्तदान तै बड़ा दान ना, सबने न्यूं समझा दयो।18 वर्ष की उम्र हुवे जब परोपकार मैं ला दयो ।।भाइयों रै, सजनों रै…. भाइयों रै, सजनों रै….। आदमी का दुनिया मैं ना सदा एक-सा बख्त होवैघायल हो या कोए बीमारी संजीवनी यू रक्त होवैबख्त होवै जब काम आण…

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  • Dr. Sunita Sharma Sudha
    कविताएँ

    डॉ. सुनीता सिंह ‘सुधा’ की रचनाएँ | Dr. Sunita Singh Sudha Poetry

    ByAdmin February 3, 2025August 27, 2025

    गणेश पूजन है! श्री गणेशाय नमःछंद-मनहरण घनाक्षरी शिव शक्ति के हैं प्यारे, जगत भर में न्यारे,गजानन गणेश को,हमारा नमन है ! गणपति सुखकर्ता, भव बाधा सब हर्ता,एकदंत चरणों में,सदैव वंदन है ! रिद्धि सिद्धि के है पति, देते सबको सन्मति,बुद्धि यश प्रदाता वो,पार्वती नंदन है ! प्रतिदिन सेवा करूँ , वियानक का ध्यान धरुँ,कामिनी करती नित,गणेश…

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  • शारदे
    गीत

    वंदना माँ शारदे की

    ByAdmin February 2, 2025February 2, 2025

    वंदना माँ शारदे की कुछ ऐसा प्रखर प्रकाश हुआ ।जगमग सारा आकाश हुआ ।। उर में आंनदित लहर उठी ,बह रही सुरभि भी कल्याणी ।क्या उतर रही है शिखरों से ,अब श्वेत कमल वीणापाणी ।सुरभित कुसमित है भूमंडल,नख शिख तक यह आभास हुआ ।।जगमग——- छँट जायेगी हर आँगन से ,तम की छाया काली-काली ।पुलकित होगी…

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  • मॉं शारदे
    कविताएँ

    मॉं शारदे, विद्या, विवेक मान दो

    ByAdmin February 2, 2025February 2, 2025

    मॉं शारदे, विद्या, विवेक मान दो माँ शारदे, विद्या विवेक मान दो,मुझे सुर साम्राज्ञी जैसी तान दो।मेरा वाचन दिव्यमयी हितकारी हो,माँ शारदे, ब्रह्माणी ये वरदान दो।टेक। मेरे सिर-माथे वरद हस्त रख दो,सुमन शब्द-अक्षर ज्ञान-मख दो।प्रतिभा स्वयं,पर अल्पज्ञ मूरख हूँमाँ-कल्याणकारी शुभम कर दो ।पूजा अर्चन करूॅ तेरी आराधना,नारियाँ हों सशक्त,स्वाभिमान दो।माँ शारदे विद्या विवेक मान दो,मुझे…

    Read More मॉं शारदे, विद्या, विवेक मान दोContinue

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