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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Poem in Hindi on Corona
    कविताएँ

    हिरण्यकश्यप बना कोरोना | Poem in Hindi on Corona

    ByAdmin January 22, 2023

    हिरण्यकश्यप बना कोरोना ( Hiranyakashyap bana corona )    में हूँ वैश्विक महामारी यह कोविड़, चाईना से आया हूँ में यह कोविड़। ख़ुद को ऐसा सब बनाओं शोलिड़, पास नही आऊंगा में यह कोविड़।। यह दूरी सबसे आप बनाकर रहना, सुरक्षा उपाय ऐसा अपनाते रहना। ज्यादा भीड़-भाड़ में कोई न जाना, भक्त प्रहलाद बनकर दिखलाना।।…

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  • अवध | Awadh par Kavita
    कविताएँ

    अवध | Awadh par Kavita

    ByAdmin January 21, 2023

    अवध ( Awadh )   रत्नजडित सिंहासन पर,अभिषेक राम का होगा। भारत की पहचान विश्व में, मन्दिर राम से होगा। भगवा ध्वँज पिताम्बर तुलसी, राम नाम गुँजेगा। शंख चक्र कोदण्ड धनुष संग,अवध नगर सँवरेगा। सरयू तट पर दीप करोडो, जगमग जग दमकेगा। भाव भक्ति से भरे भक्तों का,नयन मगर छलकेगा। रामचरित्र मानस गुँजेगा सरयू जी…

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  • Kavita Apne Bhagya ke
    कविताएँ

    हम अपने भाग्य के निर्माता स्वयं है | Kavita Apne Bhagya ke

    ByAdmin January 21, 2023

    हम अपने भाग्य के निर्माता स्वयं है ( Hum apne bhagya ke nirmata swayam hai )   हर एक इंसान मे होता है कोई न कोई हुनर, अलग-अलग काम करता ये है उसका कर्म। अपने आप को कोई समय से ही जगा लेता, लेकिन कई नींद में अपनी उम्र निकाल देता।। किसी का छिप जाता…

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  • Bahu par Kavita
    कविताएँ

    साक्षात लक्ष्मी घर आई | Bahu par Kavita

    ByAdmin January 21, 2023

    साक्षात लक्ष्मी घर आई ( Sakshat laxmi ghar aayi )    घर-परिवार में हमारे अनेंको खुशियाॅं लाई, वो बहु नही हमारे घर साक्षात लक्ष्मी आई। किया मान सम्मान एवं सबका रखा ध्यान, एक बेटी गयी तो दूसरी बेटी बनकर आई।। माताजी-बाबूजी इस तरह होने लगे तैयार, जैसे थे ही नही कभी वे इस घर में…

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  • Kavita Aaj Paisa Bada ho Gaya Pyar se
    कविताएँ

    आज पैसा बड़ा हो गया प्यार से | Kavita Aaj Paisa Bada ho Gaya Pyar se

    ByAdmin January 21, 2023

    आज पैसा बड़ा हो गया प्यार से ( Aaj paisa bada ho gaya pyar se )   आज पैसा बड़ा हो गया है प्यार से, यह सचमुच बता रहें हम ईमान से। ना करते बुजुर्गो का आदर सत्कार, भाई से भाई बिछड़ रहें टकरार से।। अमीरों से रिश्ते बनाना चाहते सब, न जाने कहां खो…

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  • Sardi Par Kavita
    कविताएँ

    ठंड से कांप रहा | Sardi Par Kavita

    ByAdmin January 20, 2023

    ठंड से कांप रहा ( Thand se kaanp raha )    कोई चादर से बाहर नंगे बदन आज भी है। स्वार्थ तज दो करो भला शुभ काज भी है। ठंडक से कांप रहा कोई क्या ये अंदाज भी है। ठिठुर रहा सड़क पर कोई सर्द से आज भी है। कोहरा ओस का आलम छाया शीतलहर…

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  • Bechar Bhojpuri Kavita
    भोजपुरी

    बेचारा | Bechar Bhojpuri Kavita

    ByAdmin January 20, 2023January 20, 2023

    बेचारा ( Bechara )   जब से गरीबी के चपेट में आइल भूख, दर्द, इच्छा सब कुछ मराइल खेलें कुदे के उम्र में जूठा थाली सबके मजाइल का गलती, केके क‌इलक बुराई जे इ कठीन घड़ी बा आइल ना देह भर के पावेला जामा ठंडा, गमी, बरसात सब आधे पे कटाइल ठिठुर-ठिठुर गावेला गाना जल्दी-जलदी…

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  • Kavita Umar Ka Bandhan
    कविताएँ

    उम्र का बंधन तोड़ दे | Kavita Umar Ka Bandhan

    ByAdmin January 20, 2023

    उम्र का बंधन तोड़ दे! ( Umar ka bandhan tod de )   ये गलियाँ, ये चौबारे, मेरे काम के नहीं। किसी काम के नहीं। जिन्दगी की कश्ती का कोई किनारा न मिला, जब से चुराई दिल,उसका नजारा न मिला। उम्मीदें सारी छोड़ दूँ, या रिश्ता उससे जोड़ लूँ। हे! परवरदिगार कुछ कर उपाय, या…

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  • Rishton par Kavita
    कविताएँ

    रिश्तों की महक कभी कम ना होने देना | Rishton par Kavita

    ByAdmin January 20, 2023

    रिश्तों की महक कभी कम ना होने देना ( Rishton ki mahak kabhi kam na hone dena )   आज रिश्तों में भी अपनी ईमानदारियां निभाओ, इसमे भी सब अपनी यह जिम्मेदारियां निभाओ। भले विचार मन में लाओ ऐसी प्रेरणा बन जाओ, चाहे ढेरों समस्याएं आए फिर भी साथ निभाओ।। चाहे बेटा-बेटी भाई-बहन या पत्नी…

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  • Gaon Arai par Kavita
    कविताएँ

    गाँव अराॅंई | Gaon Arai par Kavita

    ByAdmin January 20, 2023

    गाँव अराॅंई ( Gaon Arai )   एक कहावत बहुत ही पुरानी, बावन फोर्ट छप्पन दरवाजा। आभा नगरी चन्दवा था राजा, जो था गाँव अराँई का राजा।। वीर बहादूर और बलशाली, सेना जिसकी करें रखवाली। धन- धान्य से गाँव था सम्पन्न, हीरे और मोती नही थें कम।। कहते है यहाँ धन था अपार, सुख सम्पन्न…

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