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TheSahitya – द साहित्य
  • Poem on father in Hindi
    कविताएँ

    पिता | Poem on father in Hindi

    ByAdmin December 27, 2022December 27, 2022

    पिता ( Pita )    संस्कार वटवृक्ष के जैसे प्रेम बहे नदिया के जैसे शीतलता में चांद के जैसे धीर धरे धरती के जैसे स्थिर शांत समंदर जैसे अडिग रहे पर्वत के जैसे छाव दिये अम्बर के जैसे धन उनपर कुबेर के जैसे समस्याओं का हल हो जैसे सारे घर की नींव हो जैसे रुके…

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  • Pagal Bhojpuri kavita
    भोजपुरी

    पागल | Pagal Bhojpuri kavita

    ByAdmin December 27, 2022January 29, 2023

    ” पागल “ ( Pagal )    दरद के आग बा ओके दिल में, रोये ला दिन रात देख- देख के लोग कहेला, पागल जाता बडबडात   रहे उ सिधा साधा, माने सबके बात लूट लेलक दुनिया ओके, कह के आपन जात   आज ना कवनो बेटा-बेटी, नाही कवनो जमात नाही पाकिट में एगो रोपया,…

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  • अल्फाज़ रत्न-2022 से सम्मानित हुए सैनिक/कवि- गणपत लाल उदय
    साहित्यिक गतिविधि

    अल्फाज़ रत्न-2022 से सम्मानित हुए सैनिक/कवि- गणपत लाल उदय

    ByAdmin December 27, 2022

    अल्फाज़ रत्न-2022 से सम्मानित हुए सैनिक/कवि- गणपत लाल उदय संस्थान के सफलता पूर्वक दो वर्ष पूर्ण होने की खुशी में हर्षोल्लास के साथ मनाए गए द्वितीय स्थापना दिवस के अवसर पर संस्थान द्वारा रचनाकारों को प्रतिवर्ष विभिन्न श्रेणियों में प्रदान किए जाने वाले पुरस्कारों की घोषणा की गई। जिसमे अनकहे अल्फाज़ साहित्यिक संस्थान द्वारा दिया जाने…

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  • Bhojpuri kavita majboor
    भोजपुरी

    मजबूर | Bhojpuri kavita majboor

    ByAdmin December 25, 2022January 20, 2023

    मजबूर ( Majboor )   खुन के छिट्टा पडल, अउर पागल हो ग‌इल ना कवनो जुर्म क‌इलक, कवन दुनिया में खो ग‌इल जब तक उ रहे दिवाना, शान अउर पहचान के सब केहू घुमत रहे, लेके ओके हाथ पे आज समय अ्इसन आइल बा, लोग फेंके ढेला तान के कहां ग‌इल मानवता, सभे हंसे जोर…

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  • Tulsi par kavita
    कविताएँ

    तुलसी | Tulsi par kavita

    ByAdmin December 25, 2022

    तुलसी ( Tulsi )   हरी पूजन तुलसी बिना रहता सदा अधूरा हैl विष्णु आशीष से पूजित घर-घर तुलसी चौरा है l वृंदा के पतिव्रत के आगे नारायण भी हारे है l शालिग्राम से ब्याह रचाया तुलसी मान बढ़ाया हैl भोग बिना तुलसी के हरि को कब भाया हैंl नारी की सतीत्व ने हरि को…

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  • Poem naraz manzilen
    शेरो-शायरी

    नाराज मंजिलें | Poem naraz manzilen

    ByAdmin December 25, 2022December 25, 2022

    नाराज मंजिलें ( Naraz manzilen )   मंजिल नाराज़ हैं, और रास्ते गुमनाम से हैं जिन्दगी तू ही बता, हम यहां किस काम से हैं। दिखाने लगें है वो लोग भी आईना नाम जिनका मेरे नाम से है । संभलती नहीं दुश्वारियां मुकद्दर की और तू यँहा कितने आराम से हैं। तेरी मेहरबानी नहीं तो…

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  • Poem on Christmas in Hindi
    गीत

    आया क्रिसमस का त्योहार | Poem on Christmas in Hindi

    ByAdmin December 24, 2022

    आया क्रिसमस का त्योहार ( Aaya christmas ka tyohar )   आया क्रिसमस का त्योंहार सब खुशियाँ मनाओ अपार। आऐ प्रभु यीशु अपने द्वार सब खुशियाँ मनाओ हजार।।…२ एक यहूदी बढ़ई के घर जन्में प्रभु यीशु ।।…२ बेथलेहेम मरियम के गर्भ जन्में है प्रभु यीशु। ईसा से बनें यीशु मसीहा सबके कहलाएं।।…२ 12 वर्ष उम्र…

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  • Kalyug par Bhojpuri kavita
    भोजपुरी

    कलयुग | Kalyug par Bhojpuri Kavita

    ByAdmin December 24, 2022January 25, 2023

    ” कलयुग “ ( Kalyug )   धधक-धधक अब धधक रहल बा चिंगारी अब भड़क रहल बा लोगन में बा फुटल गुस्सा हर जान अब तड़प रहल बा कहीं आवाज अउर कहीं धुलाई धरती पे अब लालिमा छाइल जान प्यारा हऽ सबके भाई फिर काहे बा गुस्सा आइल कहीं ना बा कवनो लेखा जोखा भाई…

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  • Poem in Hindi on farmer
    कविताएँ

    धन्य हैं किसान | Poem in Hindi on farmer

    ByAdmin December 24, 2022

    धन्य हैं ” किसान “ ( Dhanya hai kisan)    धरती के पालक मित्र किसान तुम से सुसज्जित खेत खलियान गांव में ही बसते हैं जग के प्राण, तुमको हम करे हृदय से प्रणाम ।। गांव की धरती होती उपजाऊ, हीरा, मोती उगले मिटी भी हमारी जब पसीना बहाएं हमारे किसान तब मिलती सबको अन्न…

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  • Panchtatva par kavita
    कविताएँ

    पंचतत्व में मिल जाना है | Panchtatva par kavita

    ByAdmin December 23, 2022December 23, 2022

     पंचतत्व में मिल जाना है ( Panchtatva mein mil jana hai )   पंचतत्वों से बना यह हमारा शरीर, दानव- मानव चाहें गरीब- अमीर। इनसे बना सृष्टि का प्रत्येक पदार्थ, आकाश वायु अग्नि पृथ्वी व नीर।।   सृष्टि के माने गए यह पंचमहाभूत, साफ़ स्वच्छ रखना सबको जरुर। बंद मुट्ठी आए खुल्ली मुट्ठी जाएंगे, एक…

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