• पूस की ठंड | Poos ki thand par kavita

    पूस की ठंड ( Poos ki thand )    पूस की ठंडी ठिठुरन में तन मन जा रहा है कांप। आसमान तक फैली है सर्दी सूरज गया लंका दिशि चाप।।   बीती रात जब हुआ सवेरा धरती को कोहरे ने घेरा। दिन का है कुछ पता नहीं चारों तरफ बस धुआं अंधेरा।।   ठंड से…

  • जन्म दिन | Janam din par kavita

    जन्म दिन ( Janam din )   आज जन्मदिन के अवसर पर हम दे क्या उपहार, सबसे बढ़कर आपको करते हैं हम प्यार।   मृदुल कोमल सरल है उत्तम नेक विचार, आप सुगंधित पुष्प सा फैलें जग संसार।   हृदय से है आपका वंदन बारंबार, क्या दे दे हम आपको दूजा और उपहार।   स्नेह…

  • लक्ष्य | Poem on lakshya in Hindi

    लक्ष्य ( Lakshya )    लक्ष्य बना लो जीवन का तुम फिर सपने बुनना सीखो छोड़ सहारा और किसी का खुद पथ पर चलना सीखो   लक्ष्य नहीं फिर जीवन कैसा? व्यर्थ यहां जीना तेरा साध लक्ष्य जीवन का अपने चल पथ का चीर अधेरा   लक्ष्य बिना ना मंजिल मिलती न मिलता जीवन आधार…

  • मीराबाई | Meerabai par kavita

    मीराबाई ( Meerabai )   कृष्ण भक्ति में मीरा नाची लेकर हाथों में इकतारा। मुरली मनोहर कृष्ण कन्हैया गिरधर लगता प्यारा। विष का प्याला राणा भेजा अमृत रस बन आया। सुंदर पुष्प माला सज गई विषधर जब भिजवाया। भक्ति में शक्ति भारी पावन मेवाड़ धरा हो गई सारी। मीरा माधव प्रेम पुजारी तान मुरलिया वो…

  • लक्ष्य पर संधान | Lakshya par kavita

     लक्ष्य पर संधान  ( Lakshya par sandhan )    रास्ता बहुत कठिन था हमारा पर मंजिल पाना ज़रूरी था हमारा। तलब थी यही इस मन में जो हमारी कोई अनहोनी ना हो जाएं इच्छा थी हमारी।। मज़बूत था इरादा और पक्का था हमारा वादा जिन्दा पकड़ आएं तो ठीक नही तो फिर शूट। देश आन्तरिक…

  • मेरे घर आई एक नन्ही परी | Geet mere ghar aayi ek nanhi pari

    मेरे घर आई एक नन्ही परी ( Mere ghar aayi ek nanhi pari )    महका आंगन सारा सुन बिटिया की किलकारी। दादी अम्मा दौड़ी आई देखने सूरत प्यारी। मेरे घर आई एक नन्ही परी रोशन घर का कोना-कोना रिश्तों में बहारें आई। सबके चेहरे पे खुशियां अधरों पे मुस्काने छाई। मंगल गीत बंदनवार बधाई…

  • मत करो इसरार जी | Ishrar par kavita

    मत करो इसरार जी ( Mat karo ishrar ji )   हर किसी को चाहिए, अधिकार ही अधिकार जी। कोई भी करता नहीं , कर्तव्यहित व्यवहार जी।। बिन दिए मिलता नहीं है, बात इतनी जान लो, प्यार गर पाना है तो, देना पड़ेगा प्यार जी।। दूसरो को दोगे इज्जत, होगी तब हासिल तुम्हें, कब भला…

  • अहंकार | Ahankaar par kavita

    अहंकार ( Ahankaar )    किस बात का गुरूर,क्यों नर मगरूर तू। क्या तुमने कर दिया, क्यों नशे में चूर तू। गर्व ही करना कर, वतन की शान पर। बोल मीठे बोल प्यारे, हो जा मशहूर तू। मत कर अभिमान, नशे में होकर चूर। चंद सांसों का खेल है, जी ले भरपूर तू। हम हैं…

  • औघड़ दानी | Aughad dani par kavita

    औघड़ दानी ( Aughad dani )   जब कोई ना हो सहारा रिश्तो के बंधन से हारा फिरता जब तू मारा मारा देता एक ही साथ तुम्हारा औघड़ दानी बाबा प्यारा जिसने भवसागर को तारा मिले नदी को जैसे किनारा वह हरता है संकट सारा वह जाने कष्ट है हमारा करता जीवन में उजियारा जो…

  • हिंदुस्तान | Hindustan par kavita

    हिंदुस्तान! ( Hindustan )   मोहब्बत की जमीं का नाम है हिंदुस्तान, अनेकता में एकता का नाम है हिंदुस्तान। अखिल विश्व को जो मानता अपना कुटुंब, उस वसुधैव कुटुंबकम का नाम है हिंदुस्तान। जिस पावन धरती पर राम वन गमन किये, उस त्याग – तपस्या का नाम है हिंदुस्तान। देश की आजादी में चूमें फांसी…