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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Abhinandan Nav Varsh Tumhara
    कविताएँ

    अभिनंदन नव वर्ष तुम्हारा | Kavita Abhinandan Nav Varsh Tumhara

    ByAdmin December 30, 2022

    अभिनंदन नव वर्ष तुम्हारा  ( Abhinandan Nav Varsh Tumhara )    आओ नये वर्ष में यह संकल्प करें, बीती बातों को नजर अन्दाज करें। दिये जो जख़्म हमें पुराने साल ने, मिलकर खुशियों से उन्हें नष्ट करें।। आपसी मतभेद सबसे हम मिटाऍं, घर परिवार में फिर से प्यार बढा़ऍं। समाज देश में अपनी प्रतिष्ठा लाऍं…

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  • Kavita jata hua December
    कविताएँ

    जाता हुआ दिसंबर | Kavita jata hua December

    ByAdmin December 30, 2022

    जाता हुआ दिसंबर ( Jata hua December )   जाता हुआ ये दिसंबर देखो कुछ कह रहा है, बीते साल की स्मृतियों को , खुशियों संग विदा किया हैं।। आने वाले समय के भव्य , स्वागत के लिए तत्पर खड़ा मुख मंडल पर मुस्कान लिए, जाता हुआ ये दिसंबर कुछ कह रहा ।। आओ समेट…

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  • साहित्यिक एवं सांस्कृतिक मंच सन्दर्श के बैनर तले साहित्य संगोष्ठी
    साहित्यिक गतिविधि

    साहित्यिक एवं सांस्कृतिक मंच सन्दर्श के बैनर तले साहित्य संगोष्ठी

    ByAdmin December 30, 2022

    “यश विला” में साहित्यिक एवं सांस्कृतिक मंच सन्दर्श के बैनर तले साहित्य के अनुष्ठान में आचार्य कवि नगेन्द्र शर्मा चिड़ावा को साहित्य -रत्न से अलंकृत व साहित्य संगोष्ठी   नवलगढ़ साहित्यिक एवं सांस्कृतिक मंच सन्दर्श के बैनर तले स्थान “यश -विला” में चिड़ावा निवासी आचार्य कवि श्री नगेन्द्र शर्मा चिड़ावा के सम्मान में एक विशाल…

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  • Poem on rupees in Bhojpuri
    भोजपुरी

    रोपया | Poem on rupees in Bhojpuri

    ByAdmin December 30, 2022January 20, 2023

    ” रोपया “ ( Ropya )    रोपया के ना कवनो जात जे के ज्यादा उहे बाप उहे दादा उहे भाई चाहे हो क‌ईसनो कमाई रोपया से समान मिलेला जित धरम अउर शान मिलेला रोपया से सब कुछ खरीदाला कोट कचहरी अउर न्याय बिकाला रोपया में बा अ्इसन बात रोपया के ना कवनो जात रोपया…

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  • Ahir Regiment par kavita
    कविताएँ

    अहीर रेजिमेंट | Ahir Regiment par kavita

    ByAdmin December 30, 2022

    अहीर रेजिमेंट! ( Ahir Regiment )   सरहद पे दुश्मन की पैनी निगाहें, फिर से अहीर रेजिमेंट बनाएँ। यदुवंशियों की है लंबी कहानी, चीन भी देखा है इनकी जवानी। आओ उस हक़ को वापस दिलाएँ, फिर से अहीर रेजिमेंट बनाएँ, सरहद पे दुश्मन की पैनी निगाहें, फिर से अहीर रेजिमेंट बनाएँ। आँसू से आँचल कभी…

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  • Guru Gobind Singh Ji Par Kavita
    कविताएँ

    सिखों के दसवे गुरु गुरुगोबिंद सिंह जी | Guru Gobind Singh Ji Par Kavita

    ByAdmin December 28, 2022

    सिखों के दसवे गुरु गुरुगोबिंद सिंह जी ( Poem on Guru Gobind Singh Ji in Hindi ) सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी महान, याद करता रहेगा आपको सदैव ही सारा जहान। पौष-शुक्ला सप्तमी को हुआ था आपका जन्म, सन्त और लेखक बनकर बनाई अमिट पहचान।। प्रकाश पर्व के रूप में जन्मोत्सव मनाता…

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  • Belana-chauki par Bhojpuri kavita
    भोजपुरी

    बेलना-चौकी | Belana-chauki par Bhojpuri kavita

    ByAdmin December 28, 2022January 20, 2023

    बेलना-चौकी ( Belana-chauki )   तोहरा का बनेके बा बेलना या चौकी बेलना दबावेला, बजावेला, घुमावेला चौकी देखेला, सहेला, निभावेला चौकि जानेला, मानेला, पहचानेला बेलना कुचलेला, उछलेला, ठुकरायेला बेलना जब-जब फिसलेला चौकि तब-तब रोकेला बेलना बार-बार उमड़ के जायेला चौकि ‌‌‌रुक शांत हो मुसकरायेला दुनु के क‌इसन मेल बा बेलना अउर चौकि के क‌इसन खेल…

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  • Shankar Dayal Singh par kavita
    कविताएँ

    शंकर दयाल सिंह | Shankar Dayal Singh par kavita

    ByAdmin December 28, 2022

    शंकर दयाल सिंह ( Shankar Dayal Singh )   भगवती कृपा प्रसाद पाया शंकर दयाल नाम भवानीपुरा में जन्मे शंकर कीर्तिमान सरनाम साहित्य कमल पंखुड़ी सा सौरभ लुटाता रहा सांसद रहकर सत्ता में परचम लहराता रहा राष्ट्रप्रेम भरा दीवाना देश प्रेम को जीता था जीवन की धूप छांव प्रेम सुधा रस पीता था संस्कृति सनातन…

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  • Raju Srivastav par kavita
    कविताएँ

    राजू श्रीवास्तव भैया | Raju Srivastav par kavita

    ByAdmin December 27, 2022

    गजोधर/राजू श्रीवास्तव भैया ( Gajodhar/Raju Srivastav bhaiya )   केवल राजू नही तुम राजा भाई थें हम सबके, हॅंसाने वाले ही नहीं ग़म दूर करतें थें सब-के। कैसे भुलाऍं हम सभी आपको गजोधर भैय्या, आज दिल में ग़म है ऑंखो में नमी है सबके।। सबको हॅंसाने वाले आज रुलाकर गऍं है हमे, मशहूर काॅमेडियन अभिनेता…

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  • Kavita jee lo kuch pal khud ke liye
    कविताएँ

    जी लो कुछ पल खुद के लिए | Kavita jee lo kuch pal khud ke liye

    ByAdmin December 27, 2022December 27, 2022

    जी लो कुछ पल खुद के लिए ( Jee lo kuch pal khud ke liye )   जीवन का आनंद लूट लो, मिले चाहे कुछ पल के लिए। खुशियों से झोली भरो, जी लो कुछ पल खुद के लिए। प्रेम का सागर बन जाओ, भाव सिंधु भरकर हिलोरे। बुलंदियों का आसमां छू लो, मुश्किलों के…

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