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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Kavita mera dost
    कविताएँ

    मेरा दोस्त मुझसे रूठा ऐसा | Kavita mera dost

    ByAdmin December 11, 2022December 11, 2022

    मेरा दोस्त मुझसे रूठा ऐसा ( Mera dost mujhse rootha aisa )    आज फिर एक-बार हुआ ऐसा, मेरा दोस्त मुझसे रूठा है ऐसा। ना बोलकर गया न खबर दिया, दिल के दुखः गम सब पी गया।।   चला गया मुझको ऐसे छोड़कर, वापस नहीं आऍंगा वो लौटकर। सेना में जीवन का खेल निराला, कौन…

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  • Prerna Dene Wali Kavita In Hindi
    कविताएँ

    संम्भाल अपने होश को | Prerna Dene Wali Kavita In Hindi

    ByAdmin December 11, 2022December 11, 2022

    संम्भाल अपने होश को ( Sambhal apne hosh ko )     उत्साह भर कर्मों में अपने जीवन जीना सीख ले, छोड़ अपनों का सहारा खुद भाग्य रेखा खींच ले।   भीड़ में है कौन सीखा जिंदगी के सीख को, हाथ बांधे ना मिला है मांगने से भीख को।   ढाल ले खुद को ही…

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  • जब भी कोई काम करो | Kavita jab bhi koi kaam karo
    कविताएँ

    जब भी कोई काम करो | Kavita jab bhi koi kaam karo

    ByAdmin December 10, 2022December 10, 2022

    जब भी कोई काम करो ( Jab bhi koi kaam karo )   जब भी कोई काम करो कोई मुझे देख रहा है यही सोचकर करो दिल पर जरा हाथ रखो उसने सही कहा तभी करो नफरतों कि आंधियों में झूठा दोष किसी को ना दो ईमान से इनाम के हकदार तुम बन जाते हो…

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  • Matdan par kavita
    कविताएँ

    मतदान | Matdan par kavita

    ByAdmin December 10, 2022April 22, 2024

    मतदान  ( Matdan )  ( 3 ) पलट दो सत्ता को पलट दो आवाम पर्व है लोकतंत्र का चलो चले करें मतदान लालच बुरी बला है संकट इससे कहां टला है स्वयं में स्वतंत्र बनो नहीं तुम परतंत्र बनो वोट हमारी पूंजी है समर्थ देश की कुंजी है जात धर्म मजहब से ऊपर देश हमारा…

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  • Poem hans lo jara
    कविताएँ

    हंस लो जरा मुस्कुरा लो | Poem Hans lo Jara

    ByAdmin December 10, 2022June 30, 2024

    हंस लो जरा मुस्कुरा लो ( Hans lo jara muskura lo )    हंस लो जरा मुस्कुरा लो जिंदगी है चार दिन की खुशियां तुम मना लो कल किसने देखा है खिली सरसों के जैसे हंसो खिलखिला लो तुम पतझड़ की आंधी में टूट बिखर जाओगे जब यादों के पन्नों मे बस फिर रह जाओगे…

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  • Chaaploosi par kavita
    कविताएँ

    चापलूसी एक हूनर | Chaaploosi par kavita

    ByAdmin December 10, 2022

    चापलूसी एक हूनर ( Chaaploosi ek hoonar )    चापलूसी भी एक कला है जो चमचागिरी कहलाती। सत्ता के गलियारों में यह नेताओं को बहुत लुभाती।   चापलूसी के दम पे कई शहरों में ठेकेदार बन आए। मीठी चाशनी में भीगे शब्द मोहक रसीले खूब भाए।   चमचों की संगठित टीम चापलूसी का हुनर रखते।…

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  • Kavita rishta
    कविताएँ

    आखिर मिल ही गया रिश्ता | Kavita rishta

    ByAdmin December 10, 2022December 10, 2022

    आखिर मिल ही गया रिश्ता ( Akhir mil hi gaya rishta )    आखिर मिल ही गया आज हमारे लिए रिश्ता, चार वर्ष से घूम रहें थें जिसके लिए मेरे पिता। यें बाइसवीं साल में जो हमनें कदम रख दिया, सतायें जा रहीं थी पिताजी को हमारी चिन्ता।।   कही पे लड़कें में कमी तो…

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  • Kavita waah zindagi
    कविताएँ

    वाह जिंदगी | Kavita Waah Zindagi

    ByAdmin December 10, 2022July 2, 2024

    वाह जिंदगी ( Waah zindagi ) वाह जिंदगी वाह क्या बात ! तूने याद दिलादी, मुझे मेरी पहली मुलाकात ! यू आईने के सामने खड़ा रहा घंटों देख रहा था शायद अपना वो पहला सफेद बाल! मिला मुझे जब वह करीब से मैंने रंग डाला उसे, काले रंग से तुरंत निकाल ! पहले थोड़ा घबराया…

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  • Poem on lamhon
    कविताएँ

    लम्हों को कुरेदने से क्या फायदा | Poem on lamhon

    ByAdmin December 9, 2022

    लम्हों को कुरेदने से क्या फायदा! ( Lamhon ko kuredne se kya fayda )   घोर अंधकार है आफताब तो लाओ, हाथ को काम नहीं रोजगार तो लाओ। हुकूमत बदलने से कोई फायदा नहीं, मर्ज है पुरानी नया इलाज तो लाओ।   नफरत की सुनों दीवार उठानेवालों, प्यार की कोई नई शराब तो लाओ। कहाँ…

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  • Dulha par kavita
    कविताएँ

    मचल गया दूल्हा फिर आज | Dulha par kavita

    ByAdmin December 9, 2022

    मचल गया दूल्हा फिर आज ( Machal gaya dulha phir aaj )    बहुत बताया नही माना दुल्हा, सबके सब सोच रहें क्या होगा। बोला गाड़ी मुझे दहेज में लेना, नही तो बारात अकेला जायेंगा।।   जैसे करके मोटरसाइकिल वे लाऐ, गहना घरवाली का वह बेच आऐ। अब तो लो फेरे आप कॅवर साहब, क्यों…

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