• स्वाध्याय | Svadhyaya par doha

    स्वाध्याय ( Svadhyaya )   स्वाध्याय जो नित्य करें, मनन करें सुविचार। चित उज्जवल पावन बने, बहे नेह रसधार। उर उजियारा हो सखे, जगे ज्ञान यशदीप। महके चमन जीवन का, मधुर बजे संगीत। पठन अरू पाठन करे, मनन करे दिन-रात। बुध्दिबल यश वैभव बढ़े, मिले सुधीजन साथ।   रचनाकार : रमाकांत सोनी सुदर्शन नवलगढ़ जिला झुंझुनू ( राजस्थान…

  • अपनी छवि निहार | Poem apni chabi nihar

    अपनी छवि निहार ( Apni chabi nihar )   अपनी छवि निहार , सुध भूद खोई बैठी नयन राह देखे मेरे , सखियों से दूरी होई।। दिनभर चली पवन , पर कम न हुई तपन , पानी से भीगा तन, फिर भी प्यासा ये मन ।। अटखेलियां करती में, तुम बिन नीरस होई, फिर से…

  • यूनिट एक सौ पैंसठ | Unit 165 par kavita

    यूनिट एक सौ पैंसठ ( Unit 165 )    काल का भी होगा नही १६५ पर आघात, क्यों कि हम पर है महाकालेश्वर का हाथ। निकले है हम सभी वतन सुरक्षा के लिए, ईश्वर को भी पता है हम करते नही घात।। उम्मीद का दीपक हमने बुझने नही दिया, कई चट्टानें चक्रव्यूह यू ही पार…

  • ऐ चीन | Kavita Ae China

    ऐ चीन ( Ae China )    ऐ! चीन तेरा जीना हराम कर देंगे, तेरा सारा वार हम नाकाम कर देंगे। तवांग में अभी तूने जो की थी घुसपैठ, फिर किया हिमाकत तो ढेर कर देंगे।   राफेल, सुखोई भी हैं इंतजार में, हम जिनपिंग की नाक में दम कर देंगे। गलवान में ऐ! ड्रैगन…

  • बटवारे का ख़्याल | Batwara par kavita

    बटवारे का ख़्याल ( Batware ka khayal )    ना कोई रियासते है न ही ‌हाथी-घोड़े, बटवारा केवल है ये बर्तन थोड़े-थोड़े। बटवारे हुये जिनके अनेंको है किस्से, अब क्या समझाएं तुम हो पढ़ें लिखें।। बटवारे के लिए हुआ यह महाभारत, दिन में होता युद्ध शाम पूछते हालत। सभी परिवारों का आज यही है हाल,…

  • समान नागरिक संहिता | Saman nagrik sanhita par kavita

    समान नागरिक संहिता! ( Saman nagrik sanhita )    देर -सबेर सरकार यूनिफार्म सिविल कोड लानेवाली है, क़ानून की नजर में हमें समान सूत्र में बाँधनेवाली है। शादी,तलाक,एडॉप्शन,विरासत के लिए होगा समान क़ानून, जमीन -जायदाद के बँटवारे में वही राह दिखानेवाली है।   अलग -अलग क़ानून से देखो न्यायपालिका पर है बोझ पड़ता, इस नये…

  • राधे-कृष्णा नाम जपो | Radhe-Krishna kavita

    राधे-कृष्णा नाम जपो ( Radhe-Krishna naam japo )    राधे-कृष्णा नाम जपो थोड़ी कर लो यारो बन्दगी, जितने दिन तक जिओगे उसी को कहते ज़िंदगी। क्यो करते हो व्यर्थ में चिन्ता आने वाले वक्त की, जैसे तन को साफ रखते मन की मिटाओ गंदगी।।   माना मंजिल दूर है लेकिन मेहनत अपनें हाथ है, वक्त…

  • महात्मा गौतम बुद्ध | Gautam Buddha par kavita

    महात्मा गौतम बुद्ध ( Mahatma Gautam Buddha )    अनेंक विद्वानों को जिसने अपना गुरू बनाया, वह सिद्धार्थ से महात्मा गौतम बुद्ध कहलाया। राज काज युद्ध की विद्या एवं शिक्षा भी लिया, गुरुदेव विश्वामित्र से वेद और उपनिषद् पाया।।   बचपन से ही हृदय में जिनके करुणा भरी थी, किसी जीव की पीड़ा इनसे देखी…

  • सादगी | Saadgi par chhand

    सादगी ( Saadgi )  मनहरण घनाक्षरी   सत्य शील सादगी हो, ईश्वर की बंदगी हो। आचरण प्रेम भर, सरिता बहाइये।   संयम संस्कार मिले, स्नेह संग सदाचार। शालीनता जीवन में, सदा अपनाइये।   बोल मीठे मीठे बोलो, मन की अंखियां खोलो। जीवन की नैया भैया, पार कर जाइए।   अभिमान तज सारे, हरि नाम भज…

  • हमसफर हो कितनी प्यारी | Poem on Humsafar in Hindi

    हमसफर हो कितनी प्यारी ( Humsafar ho kitni pyari )    तुम से ही हौसला हमारा तुमसे ही हिम्मत हमारी तुम दिल का करार हो मनमीत दिल की हो प्यारी हमसफर हो कितनी प्यारी   उन्नति आशा की किरणें प्रगति पथ पे प्रेरणा हो प्रेम का बहता झरना दया धर्म कर्म करुणा हो जीवन के…