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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Poem ka se gya tak
    कविताएँ

    व्यंजन क से ज्ञ तक | Poem ka se gya tak

    ByAdmin November 16, 2022

    व्यंजन क से ज्ञ तक  ( Vyanjan ka se gya tak )    क- कमजोर नहीं समझ चाईना    ख- ख़रबूज़े सा काटेंगे हम ऐसा ग- गरूर नहीं करतें हम इतना     घ- घड़ा पाप का भर गया तेरा जैसा   च- चमन चीन का उजाड़ देंगें     छ- छप्पर सारे हम उखाड़ देंगें ज-…

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  • Ganpati Bhagwan ki vandana
    कविताएँ

    गणपति वंदना | Ganpati Bhagwan ki vandana

    ByAdmin November 16, 2022

    गणपति वंदना ( Ganpati vandana )   नमन करु और वन्दन करु, हे गौरी पुत्र गणपति गजराज। बस नाम तुम्हारा लेने से ही, होता है समस्त विघ्नों का नाश ।।   प्रभु तुम्हारे नाम है अनेंक, सभी देवताओं में सबसे श्रेष्ठ। कष्ट विनायक मंगल फल दायक, और हो गुरुजनों में भी तुम श्रेष्ठ।।   रिद्धि-सिद्धि…

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  • Prem ki poem
    कविताएँ

    एक प्रेम कविता | Prem ki poem

    ByAdmin November 15, 2022November 15, 2022

    एक प्रेम कविता ( Ek prem kavita )    जब जब साथ तुम्हारा मिले यह ह्रदय मेरा प्रेम से खिले, फूलों से महक जाए हर खुशी भावनाओं में जैसे ये मन वहे ।। मैं एक प्रेम कविता बन जाऊं तू लिखे मुझे अपनी चाहत से , खाली समय में बस सोचे मुझे, तेरी ही एक…

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  • Ayodhya par kavita
    कविताएँ

    धन्य है वह अयोध्या नगरी | Ayodhya par kavita

    ByAdmin November 15, 2022

    धन्य है वह अयोध्या नगरी ( Dhanya hai wah ayodhya nagari )   धन्य है वह अयोध्या नगरी जहां जन्में थें श्रीराम, भरत लक्ष्मण और शत्रुघ्न के बड़े भ्राता श्रीराम। सबको गले लगाया अद्भुत अद्भुत किए थें काम, मर्यादा पुरूषोत्तम कहलाएं वो भगवान श्रीराम।।   धर्म का पाठ पढ़ाकर आपने दिया सब को ज्ञान, ज़रुरतमंद…

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  • Havaldar par kavita
    कविताएँ

    हवलदार है हम | Havaldar par kavita

    ByAdmin November 15, 2022November 15, 2022

     हवलदार है हम  ( Havaldar hai ham )    कई कहानियों का किरदार है हम, और पेशे से एक हवलदार है हम। भारतीय सेना की  पतवार है हम, चार्ज होल्डर एवं चौकीदार है हम।।   सेना पुलिस या पैरामिलिट्री फोर्स, अहम् स्तम्भ सबका होता ये रैंक। हेड़-कांस्टेबल दीवान एवं सार्जेंट, हवलदार भी  कहते  है यहीं …

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  • Kavita murdon ke shahar mein
    कविताएँ

    मुर्दों के शहर में | Kavita murdon ke shahar mein

    ByAdmin November 15, 2022

    मुर्दों के शहर में ( Murdon ke shahar mein )      फंस गऍं हम भी किसी के प्यार में, आ गऍं आज इस मुर्दों के शहर में। पड़ोसी पड़ोसी को नही पहचानता, बैठें है जबकि अपने-अपने घरों में।।   गाॅंव जैसा माहौल बोली में मिठास‌, नही है इन शहर की काॅलोनियों में। दूसरों की…

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  • Hindi poem on khaki
    कविताएँ

    खाकी | Hindi poem on khaki

    ByAdmin November 15, 2022November 15, 2022

     खाकी  ( Khaki )    विजयी विश्व तिरंगा प्यारा घर-घर पर लहराएंगे, आन बान शान यही है इस के लिए मिट जाएंगे। सादा जीवन एवं उच्च-विचार खाकी अपनाएंगे, जीवन चाहें चार दिन का ऐसी पहचान बनाएंगे।।   गांव-शहर, समाज का नाम ऊंचा कर दिखाएंगे, आफिसर्स भले हम नही पर बच्चों को बनाएंगे। आये है इसी…

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  • Bal diwas kavita
    बाल साहित्य

    बाल दिवस पर विशेष बाल कविता | Bal diwas kavita

    ByAdmin November 14, 2022June 21, 2023

    बाल दिवस पर विशेष बाल कविता ( Bal diwas par vishesh bal kavita )      चाचा नेहरु न्यारे थें हम बच्चों के प्यारे थें चाचा फिर तुम आओ ना हमको गले लगाओ ना   दूर जहां तुम जाओगे बच्चों से मिल आओगे हमको साथ धुमाओ ना बच्चों से मिलवाओ ना,   गुब्बारे हम टांगेंगे…

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  • Poem on Children’s day in Hindi
    कविताएँ

    बाल दिवस | Poem on Children’s day in Hindi

    ByAdmin November 14, 2022

    बाल दिवस ( Bal diwas )    चाचा नेहरू सबके प्यारे प्रथम प्रधानमंत्री हमारे। बच्चों की आंखों के तारे प्रेम करते बालक सारे।   भावी कर्णधार बालक है देश का सौभाग्य यही। बाल दिवस भारत मनाए चाचाजी ने बात कही।   हर्ष खुशी आनंद मौज से सब हंसते खेलते गाते। घर परिवार स्कूलों में मिलकर…

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  • Akanksha par kavita
    कविताएँ

    तृष्णा आकांक्षाओं का सागर | Akanksha par kavita

    ByAdmin November 14, 2022November 14, 2022

    तृष्णा आकांक्षाओं का सागर ( Trishna akankshaon ke sagar )    कामनाओं का ज्वार सा उठने लगा आकांक्षाओं का सागर ले रहा हिलोरे अभिलाषा विस्तार लेने लगी प्रतिफल मन की तृष्णा होने जो खत्म नहीं होती   कुछ पा लेने की इच्छा जैसे जागी कुछ करके समझने लगे बड़भागी तमन्नायें हंसी ख्वाब सा देखने लगी…

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