Havaldar par kavita

हवलदार है हम | Havaldar par kavita

 हवलदार है हम 

( Havaldar hai ham ) 

 

कई कहानियों का किरदार है हम,

और पेशे से एक हवलदार है हम।

भारतीय सेना की  पतवार है हम,

चार्ज होल्डर एवं चौकीदार है हम।।

 

सेना पुलिस या पैरामिलिट्री फोर्स,

अहम् स्तम्भ सबका होता ये रैंक।

हेड़-कांस्टेबल दीवान एवं सार्जेंट,

हवलदार भी  कहते  है यहीं  रैंक।।

 

मातृभूमि के हम  है ऐसे रखवाले,

महसूस करों कोई हमारे ये छाले।

शरहद की रक्षा करते है मतवाले,

चाहें बादल छा रहे हो  घने काले।।

 

ख़ुद डूबकर नौका यें बचाने वाले,

सूरज के समान चमकदार है हम।

शरहद की रक्षा में मरमिटने वाले,

देश के निष्ठावान पहरेदार है हम।।

 

मिटाना है भारत से अब उग्रवाद,

डयूटी देते हम बनकर ईमानदार।

समझते है सभी के हम जज़्बात,

परख लेते हम कौन है गुनाहगार।।

 

रचनाकार : गणपत लाल उदय
अजमेर ( राजस्थान )

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