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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Kavita rishton ki paheli
    कविताएँ

    रिश्तों की पहेली | Kavita rishton ki paheli

    ByAdmin November 5, 2022November 5, 2022

    रिश्तों की पहेली ( Rishton ki paheli )   कभी समझ ही ना पाये इन रिश्तो की पहैली को हम, जब जब जाते हे सुलझाने इसे खुद ही उलझ जाते है। कभी इतना अपनापन दे जाते है की आसमाँ पे होता है आलम खुशी का, कभी इक ही पल मे परायों सा अहसास दिलाकर जमीन…

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  • Meri maa par kavita
    कविताएँ

    माँ का अंश | Maa ka ansh par kavita

    ByAdmin November 5, 2022December 13, 2022

    माँ का अंश ( Maa ka ansh )   साँसों का चलना ही जीना होता तो मकसद क्यूं बनते, आपका जाना भी मकसदों का मिटना है माँ- थोड़े और दिन तो मेरे मकसदों का हिस्सा बनते। मैंने पाया है चाहे लाख गुना, पर दिल की गुज़ारिशों के आगे सब फीके लगते, आपका अंश मैं आप…

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  • Poem sard hawaye
    कविताएँ

    सर्द हवाएं सभी को समझाए | Poem sard hawaye

    ByAdmin November 5, 2022November 5, 2022

    सर्द हवाएं सभी को समझाए ( Sard hawaye sabhi ko samjhaye )     यह सर्द हवाऍं आज सभी को समझाऍं, ओढ़ ले यारा चादर तूं कही गिर ना जाऍं। यह प्रकृति देती रहती है सबको ये संदेश, रोना ना आए फूल को यें सदैव मुस्कराऍं।।   सनन सनन करती चलती रहती है हवाऍं, कभी…

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  • Pushkar mela par kavita
    कविताएँ

    अंतरराष्ट्रीय पुष्कर मेला | Pushkar mela par kavita

    ByAdmin November 5, 2022November 5, 2022

    अंतरराष्ट्रीय पुष्कर मेला ( Antarrashtriya pushkar mela )     अन्तर्राष्ट्रीय पुष्कर मेलें का अब हो गया है आगाज़, जिसके पीछे है कई पौराणिक कहानियां एवं राज। हिंदू कैलेंडर के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा को आता, बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते इसमें सामुदायिक समाज।।   अक्टूबर-नवंबर महिनें में यहां ‌लगता है भव्य मेला, पहाड़ियों के बीचों-बीच बसा है…

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  • Poem dil ki awaz
    कविताएँ

    दिल की आवाज | Poem dil ki awaz

    ByAdmin November 5, 2022November 5, 2022

    दिल की आवाज ( Dil ki awaz )    मेरा दिल मुझे ही बार-बार आवाज दे खुद को तुम खुद के ही उमंग से नवाज ले। कल के कई है आईनें, आज का रख तु मायने। डर से भरी ज़िन्दगी निडर बन के तु निकल तेरे जैसे बदन बहुत । लेकिन अलग अंदाज दे खुद…

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  • हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा | Kavita on khatu shyam ji
    कविताएँ

    हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा | Kavita on khatu shyam ji

    ByAdmin November 4, 2022November 5, 2022

    हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा ( Hare ka sahara baba shyam hamara )   ‌हारे का हो आप सहारा ऐसा बाबा श्याम हमारा, लगता है जो प्यारा प्यारा एक तेरा ही है सहारा। बिना माॅंगे ही दे देता है जो कोई आता तेरे द्वारा, सोया भाग्य जगा देता और बन जाता है सहारा।।  …

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  • Devotthan Ekadashi Kavita
    कविताएँ

    देवोत्थान एकादशी | Devotthan Ekadashi Kavita

    ByAdmin November 4, 2022November 5, 2022

    देवोत्थान एकादशी ( Devotthan Ekadashi )   शुभ-मांगलिक कार्यों की हो जाती है शुरूआत, योगनिद्रा को त्याग देते इसदिन विष्णु भगवान। देवउठनी एकादशी नाम से जो है यह विख्यात, धार्मिक मान्यता के अनुसार यह दिन है महान।।   कहते चतुर्मास पश्चात उठते है श्री हरि भगवान, देवोत्थान प्रबोधिनी उत्थान एकादशी यह नाम। शादी विवाह मुण्डन…

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  • Poem khanjar lekar ghoom rahe hain
    कविताएँ

    खंजर लेकर घूम रहे हैं | Poem khanjar lekar ghoom rahe hain

    ByAdmin November 3, 2022

    खंजर लेकर घूम रहे हैं ( Khanjar lekar ghoom rahe hain )      खंजर लेकर घूम रहे हैं कुछ अपने कुछ बेगाने। किसे सुनाऊं कौन सुनेगा हाले दिल ये अफसाने।।   कुछ तो भोला कह देते हैं कुछ कहते मगरूर बड़ा कुछ कहते ये नहीं बराबर, कहते कुछ मशहूर बड़ा कैसे इनको समझाएं अब,…

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  • Prem poem
    कविताएँ

    जगने लगी हूँ मैं | Prem poem

    ByAdmin November 3, 2022

    जगने लगी हूँ मैं ( Jagne lagi hoon main )     देखी हूँ जब से उनको संवरने लगी हूँ मैं, बेकाबू हुआ दिल मेरा जगने लगी हूँ मैं।   दिन- रात दुआ माँगती हूँ उनके वास्ते, इस जिन्दगी से जुड़ गए उनके रास्ते। मुझको बिछाएँ फूल या वो बिछाएँ काँटे, हर साँस में अब…

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  • Desh prem ki kavita
    कविताएँ

    सौगंध मुझे है इस मिट्टी की | Desh prem ki kavita

    ByAdmin November 3, 2022

    सौगंध मुझे है इस मिट्टी की ( Saugandh mujhe hai is mitti ki )     सौगन्ध मुझे है इस मिट्टी-की कुछ ऐसा कर जाऊॅंगा, अपनें वतन की सुरक्षा में दुश्मनों को धूल-चटाऊॅंगा, नक्सली हों चाहें घुसपैठी इन सबको मार गिराऊॅंगा। ऑंधी आऍं चाहें तूफ़ान आऍं मैं चलता ही जाऊॅंगा।।   साहस और ज़ुनून के…

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