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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Kavita hamari bitiya
    कविताएँ

    हमारी बिटिया | Kavita hamari bitiya

    ByAdmin September 2, 2022September 2, 2022

    हमारी बिटिया ( Hamari bitiya )   पुष्प में मकरंद जैसे सूर्य की किरण जैसे चहकती चिड़ियों जैसे गुलाब की सुगंध जैसे स्वच्छ निर्मल जल जैसे स्थिर वृक्ष पर्वतों जैसे हवा के उन्मुक्त वेग जैसे दीप की ज्योति जैसे बज रहे हो नूपुर जैसे ऐसी थी हमारी बिटिया जज्ब किए जज्बात कैसे मूक बनी रही…

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  • पिता का तोहफा
    कहानियां

    पिता का तोहफा | Short laghu katha in Hindi

    ByAdmin September 2, 2022September 2, 2022

    पिता का तोहफा ( Pita ka tohfa )   जिंदगी के मायने कब बदल जाते हैं l पता ही नहीं चलता l रत्ना जो कल तक अपने पिता से हर चीज के लिए ज़िद करके मांग लेती थी l शादी होने के बाद रत्ना पहली बार मायके गईl उसका तीजा का व्रत वही पड़ा l…

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  • Geet chor chor mausere bhai
    कविताएँ

    चोर चोर मौसेरे भाई | Geet chor chor mausere bhai

    ByAdmin September 2, 2022

    चोर चोर मौसेरे भाई ( Chor chor mausere bhai )   सड़क पुल नदिया निगले घोटालों की बाढ़ आई। चारा तक छोड़ा नहीं नेता वही जो खाए मलाई। महकमे में भ्रष्टाचार फैला लगे जैसे सुरसा आई। जनता की कमर तोड़ दी ऊपर से बढ़ती महंगाई। चोर चोर मौसेरे भाई,चोर चोर मौसेरे भाई   सांठगांठ से…

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  • Poem On Ganesh Ji
    कविताएँ

    बप्पा आ जाओ | Poem On Ganesh Ji

    ByAdmin September 1, 2022September 1, 2022

    बप्पा आ जाओ ( Bappa aa jao )   बाप्पा आ जाओ कष्ट हर जाओ झोली भर जाओ मूषक पे होके सवार घर मेरे तुम आ जाओ दस दिन रहो तुम अंगना में मेरे ओ गौरी नंदन मोदक ग्रहण कर विघ्नमेरे हर जाओ विद्या बुधि दे जाओ मन की पीड़ा हर जाओ फैली कुरीति और…

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  • Hindi mein poem
    कविताएँ

    वो हिमालय बन बैठे | Hindi mein Poem

    ByAdmin September 1, 2022September 18, 2023

    वो हिमालय बन बैठे ( Wo himalaya ban baithe )     वो गुणी विद्वान हुये सब व्यस्त हो गए। हम बालक नादान थे बड़े मस्त हो गए।   बड़ी ऊंची चीज वो उड़ते आसमानों में। हम मुकाबला करते आंधी तूफानों से।   सात पीढ़ियों का जुगाड़ वो करते चले गए। प्यार के मोती से…

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  • Chhand Gajanand
    छंद

    गजानंद | Chhand Gajanand

    ByAdmin August 31, 2022October 12, 2022

    गजानंद ( Gajanand )   मनहरण घनाक्षरी   गजानंद गौरी सुत, गणपति गणराज। विघ्नहर्ता पीर हरे, गणेश मनाइए।   आय पधारो देव हे, एकदंत विनायक। रिद्धि-सिद्धि संग प्रभु, लंबोदर आइए।   प्रथम पूज्य देव हे, संकटमोचन नाथ। यश कीर्ति वैभव दे, निशदिन ध्याइये।   सुख समृद्धि प्रदाता, श्री गणेश महाराज। मूषक वाहन सोहे, मोदक चढ़ाइए।…

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  • Sudarshan poetry
    कविताएँ

    खुशबू अब आती नहीं खिड़कियों मकानों में | Sudarshan poetry

    ByAdmin August 31, 2022

    खुशबू अब आती नहीं खिड़कियों मकानों में ( Khushaboo ab aati nahin khidkiyon makano mein )     रहा नहीं अब प्रेम पुराना आज के इंसानों में खुशबू अब आती नहीं खिड़कियों मकानों में   आलीशान बंगलों से प्यारी झोपड़ी में प्यार था खुली हवा नीम के नीचे रिश्तो भरा अंबार था   गांव की…

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  • बाल गणेश
    कविताएँ

    बाल गणेश | Poem Bal Ganesh

    ByAdmin August 31, 2022August 1, 2024

    बाल गणेश ( Bal Ganesh ) बाल गणेश ने थाम रखा है मोदक अपने हाथ में, मूषकराज जी रहते है हर पल उनके साथ में, शांत खड़े कोने में देख रहे ललचाई आँखों से सोच रहे मुझे भी मोदक खाने को मिलेगा बाद में! कवि : सुमित मानधना ‘गौरव’ सूरत ( गुजरात ) यह भी…

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  • Wafa par shayari
    शेरो-शायरी

    रोज़ ढूंढ़ा है वफ़ा का घर यहाँ | Wafa par shayari

    ByAdmin August 31, 2022

    रोज़ ढूंढ़ा है वफ़ा का घर यहाँ ( Roz dhoonda hai wafa ka ghar yahan )     रोज़ ढूंढ़ा है वफ़ा का घर यहाँ इसलिए खाता रहा ठोकर यहाँ   फोड़ देता सर दग़ा उस छल कप का की नहीं था हाथ में पत्थर यहाँ   वो नजर आया नहीं चेहरा कहीं मैं रहा …

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  • Badla
    विवेचना

    बदला | Dr. Preeti Singh Parmar Ki Kalam Se

    ByAdmin August 30, 2022

    बदला ( Badla ) फेसबुक पर एक पड़ी हुई पोस्ट देख कर आश्चर्य हुआ सामान्य जाति की मां के बने हुए हाथ के बने हुए भोजन को अन्य जात के बच्चों ने, ग्रहण करने से अस्वीकार कर दिया l इसी प्रकार अन्य जात की मां के द्वारा बनाया हुआ भोजन सवर्ण जाति के बच्चों ने…

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