Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • Krishna kanhaiya geet
    कविताएँ

    कृष्ण कन्हैया | Krishna kanhaiya geet

    ByAdmin August 19, 2022

    कृष्ण कन्हैया ( Krishna kanhaiya )   आ जाना, आ जाना, आ जाना घनश्याम, आज तुम आ जाना। माता यशोदा लाड लडाये, ग्वाल बाल सब माखन लाये। नटखट कान्हा मटकी फोड़, माखन मिश्री खा जाना‌ आ जाना आ जाना   सजा धजा वृंदावन सारा, गोकुल मथुरा जमुना किनारा। द्वारका का नाथ हमारा, सारी दुनिया का…

    Read More कृष्ण कन्हैया | Krishna kanhaiya geetContinue

  • Janmashtami ke geet
    कविताएँ

    श्याम की बांसुरी मुझे पुकारे | Janmashtami ke geet

    ByAdmin August 18, 2022

    श्याम की बांसुरी मुझे पुकारे ( Shyam ki bansuri mujhe pukare )   धूम मची जमुना किनारे, श्याम की बांसुरी मुझे पुकारे। राधा के घनश्याम प्यारे, मीरा के प्रिय मोहन दुलारे। जय गोविंदा जय गोविंदा -2   केशव माधव नटवर नागर, अधरो पे मुरली साजे। रुनक झुनक बाजे पैजनिया, मोहक धुन बंसी बाजे। गोवर्धनधारी की…

    Read More श्याम की बांसुरी मुझे पुकारे | Janmashtami ke geetContinue

  • Badiya si ghazal
    शेरो-शायरी

    कौन रक्खे प्यार अपने के लिए | Badiya si ghazal

    ByAdmin August 18, 2022

    कौन रक्खे प्यार अपने के लिए  ( Kaun rakhe yaar apne ke liye )     कौन रक्खे प्यार अपने  के लिए ! लड़ रहे है लोग पैसे के लिए   दिल भरा है ख़ूब लालच से यहाँ कौन लड़ता देखो रिश्तें के लिए   और तू तैय्यार मिलनें को नहीं शहर से आया हूँ…

    Read More कौन रक्खे प्यार अपने के लिए | Badiya si ghazalContinue

  • Marathi poetry seminar
    साहित्यिक गतिविधि

    स्वतन्त्रता दिवसपर (अमृत महोत्सव) के रूप में ब्रजभूमि पटलपर मैराथन काव्यगोष्ठी

    ByAdmin August 17, 2022August 17, 2022

    15 अगस्त 2022 दिन सोमवार को 76 वे स्वतन्त्रता दिवस को अमृत महोत्सव के साथ ब्रजभूमि पटल मथुरा के संस्थापक आचार्य श्रीकृष्ण भारद्वाज शास्त्री जी का जन्मदिन भी धूमधाम से मनाया गया । कार्यक्रम की अध्यक्षता आ.नरेन्द्र शर्मा “नरेन्द्र”जी अलीगढ़(उ.प्र.) ने की, मुख्य अतिथि डॉ.राजकुमार”रंजन”जी आगरा(उ.प्र.), तथा अति विशिष्ट अतिथि डॉ.रोशनी किरण जी मुम्बई (महाराष्ट्र),…

    Read More स्वतन्त्रता दिवसपर (अमृत महोत्सव) के रूप में ब्रजभूमि पटलपर मैराथन काव्यगोष्ठीContinue

  • Reza reza
    शेरो-शायरी

    रेज़ा रेज़ा | Reza reza

    ByAdmin August 17, 2022

    रेज़ा रेज़ा ( Reza reza )   इकट्ठा करती हूँ बीनती हूँ इक इक टुकड़ा बारीक से बारीक किरचन उठाती हूँ देखती हूँ अपनी लाल हुई ज़ख्मी उंगलियां कभी उस टूटे हुये आईने को . . . . आईने को? या रेज़ां रेज़ां खुद को? लेखिका :- Suneet Sood Grover अमृतसर ( पंजाब ) यह भी…

    Read More रेज़ा रेज़ा | Reza rezaContinue

  • Poem bhram
    कविताएँ

    भ्रम | Poem bhram

    ByAdmin August 17, 2022

    भ्रम ( Bhram )   जो गति मेरी वो गति तेरी,जीवन भ्रम की छाया है। नश्वर जग ये मिट जाएगा, नश्वर ही यह काया है।   धन दौलत का मोह ना करना, कर्म ही देखा जाएगा, हरि वन्दन कर राम रमो मन,बाकी सब तो माया है।   यौवन पा कर इतराता हैं, बालक मन से…

    Read More भ्रम | Poem bhramContinue

  • Poem dharamyudh
    कविताएँ

    धर्मयुद्ध | Poem dharamyudh

    ByAdmin August 17, 2022January 23, 2023

    धर्मयुद्ध ( Dharamyudh )   जीवन के इस धर्मयुद्ध में, तुमको ही कुछ करना होगा। या तो तुमको लडना होगा,या फिर तुमको मरना होगा।   फैला कर अपनी बाँहो को, अवनि अवतल छूना होगा। कृष्ण ज्ञान के अर्जुन बनकर,गीता राह पे चलना होगा।   कर्मरथि बन कर्तव्यों का, तुम्हे निर्वहन करना होगा। या तो अमृत…

    Read More धर्मयुद्ध | Poem dharamyudhContinue

  • Shyam kavita
    कविताएँ

    श्याम | Shyam kavita

    ByAdmin August 16, 2022

    श्याम ( Shayam )   रस लेकर रसखान सरीखे, काँन्हा तुम आ जाओ। जग मे घटते प्रीत मोह रस, फिर से आ बरसाओ।   सूखी धरती उमड मेघ बन,जग की प्यास बुझाओ। नटवर नागर कृष्ण कन्हैया,अब तो तुम आ जाओ।   कालीदास के मेघदूत बन, उमड घुमड कर आओ। तृप्त करो मन की चंचलता,अब तो…

    Read More श्याम | Shyam kavitaContinue

  • Sant Shiromani Ganinath Ji Maharaj
    कविताएँ

    संत शिरोमणि गणिनाथ जी महाराज | Sant Shiromani Ganinath Ji Maharaj | Kavita

    ByAdmin August 16, 2022

    संत शिरोमणि गणिनाथ जी महाराज  ( Sant Shiromani Ganinath Ji Maharaj )   जय जय जय हे संत शिरोमणि,गणिनाथ महाराज। योग क्षेम कल्याण शिरोमणि, गणिनाथ महाराज।   महादेव के मानस पुत्र हो, तुम जन कल्याणी हो। मंशाराम के दत्तक पुत्र हो, धर्म रक्षक अवतारी हो।   राग द्वेष तम दूर करे प्रभु, सत्य धर्म अधिकारी…

    Read More संत शिरोमणि गणिनाथ जी महाराज | Sant Shiromani Ganinath Ji Maharaj | KavitaContinue

  • Nai nai ghazal
    शेरो-शायरी

    जीस्त में वो फ़िज़ा रब यहां दें मुझे | Nai nai ghazal

    ByAdmin August 16, 2022

    जीस्त में वो फ़िज़ा रब यहां दें मुझे ( Jeest mein woh fiza rab yahan de mujhe )   जीस्त में वो फ़िज़ा रब यहां दें मुझे प्यार की उम्रभर वो रवां दें मुझे   जीस्त के ख़्वाब वो पूरे कर  दें सभी और ए रब नहीं इम्तिहां दें मुझे   रख सलामत शाखें प्यार…

    Read More जीस्त में वो फ़िज़ा रब यहां दें मुझे | Nai nai ghazalContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 576 577 578 579 580 … 832 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search