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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Samjha rahe samajhdari se
    शेरो-शायरी

    समझा रहा समझदारी से | Ghazal

    ByAdmin July 26, 2022July 26, 2022

    समझा रहा समझदारी से ( Samjha rahe samajhdari se )   समझा रहा समझदारी से, साकी यह मयखाने में ! गांधीजी का ध्यान रखो सब,पीने और पिलाने में !!१   सही और असली ‘गांधी’ हो, तब पा सकते हर सुविधा कड़ी सजाऍं होंगी नकली- गांधी के मिल जाने में !!२   सुनकर स्वर विरोध के…

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  • जिले का साहित्य इतिहास तैयार करेगी साहित्य अकादमी
    साहित्यिक गतिविधि

    जिले का साहित्य इतिहास तैयार करेगी साहित्य अकादमी

    ByAdmin July 25, 2022July 25, 2022

    छिंदवाड़ा – साहित्य अकादमी, मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद, मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग भोपाल द्वारा जिले का साहित्यिक गजेटियर (जिले का साहित्य इतिहास) तैयार करने का निर्णय लिया है जिले की वर्तमान भौगोलिक एवं राजस्व सीमाओं तथा पारंपरिक ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए साहित्य, कला और संस्कृति की रचनाशीलता को इसका केन्द्रीयभाव मानते हुए साहित्य…

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  • Ghazal khuda aur muhabbat
    शेरो-शायरी

    ख़ुदा और मुहब्बत | Ghazal khuda aur muhabbat

    ByAdmin July 25, 2022

    ख़ुदा और मुहब्बत ( Khuda aur muhabbat )     आ ज़रा मिलनें मुझे बस एक लम्हे के लिए! आ निभाने आज तू अब हर उस वादे के लिए   हां करेगा वो मुराद पूरी दिल की  अल्लाह सब तू बना दे रोठी उस दरवेश भूखे के लिए   बात हो उससे मुहब्बत की सकूं…

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  • Goongi shaamen
    कविताएँ

    गूंगी शामें | Goongi shaamen | Kavita

    ByAdmin July 24, 2022

    गूंगी शामें ( Goongi shaamen )   जाने कैसा आलम छाया खामोशी घर घर छाई है मोबाइल में मस्त सभी अब कहां प्रीत पुरवाई है   गूंगी शामें सन्नाटा लेकर करती निशा का इंतजार फुर्सत नहीं लोगों को घर में कर लें सुलह विचार   अब कहां महफिले सजती रंगीन शामें रही कहां संगीत सुरों…

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  • जमाने में मेरा हाल | Zamane mein mera haal
    कविताएँ

    जमाने में मेरा हाल | Zamane mein mera haal

    ByAdmin July 24, 2022July 23, 2022

    जमाने में मेरा हाल ( Zamane mein mera haal )   बदजात जमाने से मेरा हाल न पूछों जो जानना हो कुछ मेरे पास तुम आओ मैं बेहतर बताऊंगा दूसरे से यार न पूछों मैं चलता चला जाऊंगा फिर ठहर नही पाऊंगा दूसरे से मेरी मंजिल को मेरे यार न पूछो बदजात जमाने से मेरा…

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  • Sab kuchh badal gaya ab
    कविताएँ

    सब कुछ बदल गया अब | Kavita sab kuchh badal gaya ab

    ByAdmin July 23, 2022

    सब कुछ बदल गया अब ( Sab kuchh badal gaya ab )   सब कुछ बदल गया अब तो बदला आलम सारा कहां गई वो प्रीत पुरानी बहती सद्भावों की धारा   दूर देश से चिट्ठी आती पिया परदेश को जाना पनघट गौरी भरें गगरिया हंस-हंसकर बतलाना   बदल गया अब रहन सहन सब शिक्षा…

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  • Poem anakahee
    कविताएँ

    अनकही | Poem anakahee

    ByAdmin July 23, 2022

    अनकही ( Anakahee )   चलिये ना कुछ बात करें मैं अपने दिल की बात कहूँ कुछ छुपे हुए से राज कहूँ तुम अपने मन की परते खोलो सहज जरा सा तुम भी हो लो मैं अपनी कहानी कह दूंगी जो बंधी है मन के भीतर गिरहें सभी मैं खोलूंगी तुम भी अपने घाव दिखाना…

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  • Dhoondne se kahin nahin milti
    शेरो-शायरी

    ढ़ूढ़ने से कही नहीं मिलती | Dhoondne se kahin nahin milti

    ByAdmin July 22, 2022July 22, 2022

    ढ़ूढ़ने से कही नहीं मिलती ( Dhoondne se kahin nahin milti )     ढ़ूढ़ने से कही नहीं मिलती! ऐ ख़ुदा अब ख़ुशी नहीं मिलती   उम्रभर साथ दे वफ़ाओ से कोई ऐसी दोस्ती नहीं मिलती   रह गया है फ़रेब आंखों में अब सच्ची आशिक़ी नहीं मिलती   टूटे दिल को क़रार आये कुछ…

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  • Poem khafa
    शेरो-शायरी

    खूब रहते अपने ख़फ़ा घर में | Poem khafa

    ByAdmin July 21, 2022

    खूब रहते अपने ख़फ़ा घर में ( Khoob rahte apne khafa ghar mein )   ख़ूब रहते अपनें ख़फ़ा घर में ! अपनों की सहते है जफ़ा घर में   और तो झूठे है दिखाता सच आइना जो मेरे लगा घर में   ग़म दिल में अश्क़ है निगाहों में प्यार कब अपनों से मिला…

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  • Geet Aya Sawan Jhoom Ke
    गीत

    आया सावन झूम के | Geet Aya Sawan Jhoom Ke

    ByAdmin July 20, 2022July 19, 2023

    आया सावन झूम के ( Aya Sawan Jhoom Ke ) ( 1 )    इठलाता बल खाता आया झूमता मदमाता आया। झूम झूमकर सावन आया हरियाला सावन हर्षाया। आया सावन झूम के लहर लहर लहराता सा रिमझिम रिमझिम बरखा लाया। उमड़ घुमड़ छाई बदरिया अंबर में बादल घिर आया। फूल खिले चमन महकाया बहारों ने…

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