• 76 वां गणतंत्र दिवस

    76 वां गणतंत्र दिवस गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभ कामनायें –गणतंत्र दिवस के पर्व पर हम प्रभु में रत हों जायें ।समय के चक्र को समझ सत्संगत में रम जायें ।नैतिक जीवन को जीकर समता रस को पी लें ।मानव का तारणहारा धर्म का जीवन जी लें ।धर्म के सोपान से अपने जीवन का बाग…

  • राष्ट्रीय युवा दिवस : स्वामी विवेकानंद जयंती

    राष्ट्रीय युवा दिवस: स्वामी विवेकानंद जयंती धन्य भूमि भारत में जन्मे,एक सरल ह्रदय सन्यासी।मानवता का पाठ पढ़ाकर,सोच बदल दी दुनिया की।। वह नरेंद्र से बन गए संन्यासी,छोड़ी एक छाप युवा मन पे।माया, मोह, विनोद छोड़कर,बल्कल वस्त्र धारण तन पे।। राम कृष्ण को गुरु बनाकर ,ब्रह्म से साक्षात्कार किया।पचीस वर्ष में योगी बनकर ,प्रण राष्ट्र चेतना…

  • भगवत दर्शन तुम्हें कराएँ

    भगवत दर्शन तुम्हें कराएँ भेद भाव के पथ को त्यागेंचलो चलें हम कुंभ नहाएँ ।संत जनों का पुण्य समागम,भगवत दर्शन तुम्हें कराएँ ।। गंगा यमुना सरस्वती सेसारे जग की प्रीति पुरानी ।रात लगे रानी दिन राजाशुभ संगम की अमर कहानी।। सत्य सनातन भारत की जयसंस्कृति अपनी तुम्हें दिखाएँ ।चलो चले हम कुंभ नहाएँ ।। साधु…

  • नारी के कारण ही तुम सब धरा पर हो!

    आजकल देखा जा रहा है कि, जो भारतीय नारियाँ हैं, उनको दुनियाँ में जो हक़ व सम्मान मिलना चाहिए, वो सब नहीं मिल पा रहा है। नारी का सम्मान करना तो हम सबका परम कर्तव्य है। हमेशा सभी का जग में नारी का सम्मान करना बेहद जरूरी है, क्योंकि नारी के दम से ही ये…

  • ज़िन्दगी से हमें और क्या चाहिए

    ज़िन्दगी से हमें और क्या चाहिए ज़िन्दगी से हमें और क्या चाहिए ।आपका बस हमें आसरा चाहिए ।। हार कर भी हमें सोचना चाहिए ।उसकी वाजिब सबब ढूँढ़ना चाहिए ।। जाँ रहा हूँ मिलूँगा तुझे भी सनम ।देखना पर तुम्हें रास्ता चाहिए ।। दो विदाई मुझे आज मुस्कान से ।फिर मिलूँ मैं तुम्हें तो दुआ…

  • वीरों की कहानी , भारत माँ कि जुबानी

    वीरों की कहानी , भारत माँ कि जुबानी खून टपकती बून्दो को तुम गिन्ती उन बून्दो की छोड़ो ,याद करो शहीदों को और भारत माँ की जय बोलो।। सूरज की किरणों में बसी एक कहानी,शहीदों का बलिदान सुनो आज भारत माँ की जुबानी।। गांधी जी की अहिंसा से जगे जन-गण-मन,लड़े बड़े जोश से हर दिल…

  • स्तवन | Stavan

    स्तवन *सरस्वती शारद ब्रम्हाणी!जय-जय वीणा पाणी!!*अमल-धवल शुचि,विमल सनातन मैया!बुद्धि-ज्ञान-विज्ञानप्रदायिनी छैंया।तिमिरहारिणी,भयनिवारिणी सुखदा,नाद-ताल, गति-यतिखेलें तव कैंया।अनहद सुनवाई दो कल्याणी!जय-जय वीणापाणी!!*स्वर, व्यंजन, गण,शब्द-शक्तियां अनुपम।वार्णिक-मात्रिक छंदअनगिनत उत्तम।अलंकार, रस, भाव,बिंब तव चारण।उक्ति-कहावत, रीति-नीति शुभ परचम।कर्मठ विराजित करते प्राणीजय-जय वीणापाणी!!*कीर्ति-गान कर,कलरव धन्य हुआ है।यश गुंजाता गीत,अनन्य हुआ है।कल-कल नाद प्रार्थना,अगणित रूपा,सनन-सनन-सन वंदनपवन बहा है।हिंदी हो भावी जगवाणीजय-जय वीणापाणी!! संजीव सलिल यह…

  • अपने सजन पर रहे

    अपने सजन पर रहे बोझ बाक़ी न इतना भी मन पर रहेकुछ भरोसा तो अपने सजन पर रहे राहे- मंज़िल थी काँटो भरी इस कदरदाग़ कितने दिनों तक बदन पर रहे आज जी भर के साक़ी पिला दे हमेंमुद्दतों से ही हम आचमन पर रहे कह रहे हैं ग़ज़ल हम तो अपनी मगरवोही छाये हमारी…

  • देश अब तुम्हें पुकारे

    देश अब तुम्हें पुकारे वापस आओ देश के लालोदेश अब तुम्हें पुकारेदेखो हाल इस धरती काजो तुम कर गए हमारे हवालेवापस आओ देश के लालोदेश अब तुम्हें पुकारे भूल गए सब तुम्हारी कुर्बानीलहू तुम्हारा बहा कटे हाथ और पैरमां बहन पत्नी और बेटीरोती थी तब घर में अकेलीवापस आओ देश के लालोदेश अब तुम्हें पुकारे…

  • हिन्दी तो है, बन्दूक की गोली

    हिन्दी तो है,बन्दूक की गोली करती प्रहार मार कर बोली,हिन्दी तो है,बन्दूक की गोली। तुम मुझे खून दो,मैं तुम्हें आजादी दूँगासुभाष ने देश में, खड़ी कर ली टोलीकरती प्रहार मार कर बोली,हिन्दी तो है,बन्दूक की गोली। अंग्रेजो तुम भारत छोड़ोगांधी ने ललकार है जब मारीकरती प्रहार मार कर बोली,हिन्दी तो है,बन्दूक की गोली। जय जवान,जय…