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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Hindi chhand
    कविताएँ

    संगीत जीवन की मुस्कान | Sangeet jeevan ki muskan | Hindi chhand

    ByAdmin June 24, 2022

    संगीत जीवन की मुस्कान ( Sangeet jeevan ki muskan ) जलहरण घनाक्षरी   वीणा की झंकार बजे, मधुर लगे संगीत। जीवन की मुस्कान है, सरगम संगीत का।   सुर लय तान प्यारी, मोहन धुन सुहानी। दिल को लुभाता प्यारा, मीठा तराना गीत का।   मन को खुशी देता है, आनंद से भर देता। महफिल महकाये,…

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  • Jeevan ke rang
    छंद

    जीवन रंग उत्सव | Chhand Jeevan Rang Utsav

    ByAdmin June 23, 2022August 8, 2024

    जीवन रंग उत्सव ( Jeevan rang utsav ) सुख दुख आते जाते, पल पल ये मुस्काते। जीवन के रंग बहते, डुबकी लगाइए। कभी ख़ुशी कभी ग़म, जैसे बदले मौसम। पतझड़ बहारों में, आनंद उठाइए। मुस्कानों के मोती बांटे, बोल मीठे प्यार भरे। हिलमिल जिंदगी को, सुख से बताइए। कुदरत रंग भाये, चमन में बहार में।…

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  • Maa poem in Hindi
    कविताएँ

    मांँ जीवन की भोर | Maa poem in Hindi

    ByAdmin June 23, 2022

    मांँ जीवन की भोर ( Maa jeevan ki bhor )   मांँ तो फिर भी मांँ होती है हर मर्ज की दवा होती। आंँचल में संसार सुखों का हर मुश्किलें हवा होती।   मोहक झरता प्रेम प्यार बहाती पावन संस्कार से। आशीष स्नेह मोती बांटती माता अपने दुलार से।   मांँ की ममता सुखसागर पल…

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  • Andekha gareeb
    शेरो-शायरी

    अनदेखा गरीब | Andekha gareeb

    ByAdmin June 23, 2022June 23, 2022

    इसलिए मैं हुआ अनदेखा गरीब हूँ! ( Isliye main hua andekha gareeb hoon )     इसलिए मैं हुआ अनदेखा गरीब हूँ! मैं अमीरों में था यूं तन्हा गरीब हूँ   तू अमीर तुझसे क्या दोस्ती है मेरी सुन ज़रा बात तू मैं  यारा गरीब हूँ   इतनी मिलती नहीं है मजदूरी मुझे कैसे आटा…

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  • Sapno ki gahrai
    कविताएँ

    सपनों की गहराई | New kavita

    ByAdmin June 23, 2022

    सपनों की गहराई ( Sapno ki gahrai )   कितने  हंसी  ख्वाब, कितने  हंसी  स्वप्न मेरे। सपनों की गहराई, थाह नापने लगे नयन मेरे। मधुर मधुर मीठे मीठे, भावन से प्यारे प्यारे। मन को लुभाते स्वप्न, दिल को सुहाते सारे। कल्पनाओं की उड़ान, सपनों का सुंदर संसार। सारे जहां से प्यारा लगे, खुशियों का हमें…

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  • Ek talash unchai chune ki
    यात्रा बृतान्त

    एक तलाश ऊंचाई छूने की | Ek talash unchai chune ki

    ByAdmin June 22, 2022July 17, 2022

    एक तलाश ऊंचाई छूने की ( Ek talash unchai chune ki ) मैं प्रयागराज जिले के एक छोटे से गाँव से ताल्लुक़ रखता हूँ, जब मैं घर और था तो नोकरी करने की सोची हालाकि घरवाले बोलते थे कि नोकरी करने से बेहतर है कि खुद का कोई बिजनेस चालू करो ,घर मे खेतीबाड़ी होने…

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  • Varsha ritu aayi
    कविताएँ

    वर्षा ऋतु आई | Varsha ritu aayi | Chaupai

    ByAdmin June 22, 2022

    वर्षा ऋतु आई ( Varsha ritu aayi )   घेरे घटा सघन नभ घोरा । चमके चपला करहि अजोरा ।।१ सन सन बहे तेज पुरवाई । लागत हौ बरखा ऋतु आई ।।२ आगम जानिके खग मृग बोले । अति आनंद ह्रदय में घोले।।३ प्रेम मगन वन नाचे मोरा । पपिहा करे पिउ पिउ चहु ओरा।।४…

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  • Kahin kisi mod par
    कविताएँ

    कहीं किसी मोड़ पर | Kahin kisi mod par | Kavita

    ByAdmin June 22, 2022

    कहीं किसी मोड़ पर ( Kahin kisi mod par )   फूल खिलने मन मिलने लगे महक गई वादियां मनमीत मिले संगीत सजे लो होने लगी शादियां आओ आओ सनम मिलो प्रेम की हसीं रोड पर फिर मिलेंगे हम जाने कब कहीं किसी मोड़ पर   राहे खुल सी गई बातें घुल सी गई जुबां…

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  • Chhand in Hindi
    छंद

    चुगली रस | Chhand in Hindi

    ByAdmin June 22, 2022October 12, 2022

    चुगली रस ( Chugli Ras ) मनहरण घनाक्षरी   चुगलखोर कान में, भरते रहते बात। चुगली रस का सदा, रसपान वो करें।   कैकई कान की कच्ची, मंथरा की मानी बात। चौदह वर्ष राम को, वनवास जो करें।   चिकनी चुपड़ी बातें, मीठी मीठी बोलकर। कानाफूसी पारंगत, चुगलियां वो करें।   चुगली निंदा जो करे,…

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  • Satire in Hindi
    व्यंग्य

    दूरस्थ दर्शन | Satire in Hindi

    ByAdmin June 21, 2022

    दूरस्थ दर्शन ( Doorasth darshan )   दूरदर्शन वालों ने हमें दिखने का हक नही दिया केवल देखने का हक दिया है। उन्हे रंगीन देखने के लिये हमें सात हजार रूपये खर्च करना पडे । हमारी भी इच्छा है कि हमारे घर वाले और मोहल्ले वाले हमें मूर्ख डिब्बे में देखे। आंचलिक आम आदमी, आंचलिक…

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