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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Dil shayari in Hindi
    शेरो-शायरी

    पास में वो आजकल चेहरा नहीं | Dil shayari in Hindi

    ByAdmin June 14, 2022

    पास में वो आजकल चेहरा नहीं! ( Paas mein wo aajkal chehra nahi )     पास में वो आजकल चेहरा नहीं! इसलिए दिल अब यहाँ लगता नहीं   याद आये तू नहीं जो रात दिन जीस्त में ऐसा मगर लम्हा नहीं   हो गया किस बात का इतना गरूर वो ख़ुशी से अब मगर…

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  • Hawa ka jhonka
    कविताएँ

    हवा का झोंका | Hawa ka jhonka

    ByAdmin June 14, 2022July 16, 2023

    हवा का झोंका ( Hawa ka jhonka )   मधुर मधुर बहती पुरवाई मधुर हवा का झोंका आंगन में बहारें आई आया मनमीत अनोखा   खिल उठा मधुबन सारा महक गई वादियां सभी खुशबू फैली मोहक बन चहक गई कलियां तभी   उनके आ जाने से आया मस्त हवा का झोंका बहारों को मिल गया…

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  • Mera bachpan kavita
    कविताएँ

    मेरा बचपन | Mera bachpan kavita

    ByAdmin June 13, 2022

    मेरा बचपन ( Mera Bachpan )     वो रह रह कर क्यों याद आता है मुझे वो मेरा बचपन जो शायद भूल मुझे कहीं खो गया है दूर वो मेरा बचपन… वो पापा की बातें मम्मी का झिड़कना इम्तिहान के दिनों में मेरा टीवी देखने को ज़िद करना…. कितना मासूम था भोला था वो…

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  • Patni gai mayke
    कविताएँ

    पत्नी गई मायके | Patni gai mayke

    ByAdmin June 13, 2022June 13, 2022

    पत्नी गई मायके ( Patni gai mayke )   पत्नी गई मायके ,बेटवा बिटिया लईके छोड़ के पति को, ताला कूंजी दईके ।।   दस दिन पहले से, कर रही थी तैयारी लड़िकन के कपड़ा चाहे, हमें चाहे सारी।।   रुपया चाहे हमके, खर्चा बा अबकी भारी टूटा बा पायल कुछ और करब खरीदारी।।  …

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  • Kanghi par kavita
    कविताएँ

    कंघी का महत्व | Kanghi par kavita

    ByAdmin June 13, 2022

    कंघी का महत्व ( Kanghi ka mahatva )   फैशन के दीवानों को, मन के अरमानों को। सजने सवरने का, मौका जरा दीजिए।   गंजे को भी बेच सके, चीज वो कमाल की। केसों को भी संवारिए, कंघी कर लीजिए।   सजने का शौक हमें, संवरने का चाव भी। चार चांद चेहरे पे, कंघी जरा…

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  • Bhajan Hindi mein
    कविताएँ

    मैं तो नहीं हूं काबिल तेरा पार कैसे पाऊं | Bhajan Hindi mein

    ByAdmin June 12, 2022

    मैं तो नहीं हूं काबिल तेरा पार कैसे पाऊं ( Main to nahin hoon kaabil tera paar kaise paoon )     परमपिता परमेश्वर मेरे तेरा ध्यान लगाऊं मैं तो नहीं हूं काबिल तेरा पार मैं कैसे पाऊं   हे दुनिया के रखवाले नित उठ शीश झुकाऊं चरण वंदना तेरी प्रभु भजन तिहारे गांऊ मनमंदिर…

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  • Deep sa din raat main
    कविताएँ

    दीप सा दिन रात मैं | Deep sa din raat main | Poem Hindi mein

    ByAdmin June 12, 2022

    दीप सा दिन रात मैं ( Deep sa din raat main )   दीप सा दिन रात मैं, जलता रहा जलता रहा. बस अंधेरों को यही, खलता रहा खलता रहा.   चैन से बिस्तर में आकर, वो कभी सोता नहीं दूसरों को जो सदा, छलता रहा छलता रहा.   वक्त पर जो वक्त की, करता…

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  • Rishi naar
    कविताएँ

    ऋषि नार | Rishi naar kavita

    ByAdmin June 11, 2022

    ऋषि नार ( Rishi naar )   विश्वामित्र मुनि संग वन गए जब लक्ष्मण राम ताड़क वन ताड़का मारी रघुपति नंदन श्रीराम   मार्ग में प्रस्तर शिला बनी गौतम ऋषि घरनार अहिल्या पतित पावन तब प्रभु ने किया उद्धार   राम जी अवतारी है लक्ष्मण जी बलधारी है दीनों के रखवारे राम राम की लीला…

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  • Ghazal in dinon
    शेरो-शायरी

    दुश्मनी की खूब गोली चली इन दिनों | Ghazal in dinon

    ByAdmin June 11, 2022June 11, 2022

    दुश्मनी की खूब गोली चली इन दिनों! ( Dushmani ki khoob goli chali in dinon )     दुश्मनी की ख़ूब गोली चली इन दिनों! प्यार की डाली टूटी रही इन दिनों   फूल कैसे खिलेंगे यहाँ प्यार के है लगी सी नज़र जो  बुरी इन दिनों   सुख गये धूप से नफरतों की ही…

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  • Ganga Dussehra
    साहित्यिक गतिविधि

    गंगा दशहरा पर देश के दिग्गजों द्वारा ब्रजभूमि पटल पर ज्ञान गंगा की वर्षा

    ByAdmin June 10, 2022

    साहित्यिक मंच मथुरा पर हुए मैराथन कवि सम्मेलन में देश के धुरन्धर कवियों ने गंगा मैया की महिमा का वर्णन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आ.प्रकाश चन्द्र पाराशर जी डीग-(भरतपुर), मुख्य अतिथि आ.बलराम सरस ( एटा), विशिष्ट अतिथि डॉ.राजकुमार”रंजन”जी (आगरा) तथा *कार्यक्रम का संचालन आचार्य श्रीकृष्ण भारद्वाज शास्त्री जी           ( मथुरा) ने…

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