Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • Footpath par kavita
    कविताएँ

    फुटपाथ | Footpath par kavita

    ByAdmin June 10, 2022

    फुटपाथ ( Footpath )   सड़क के दोनों ओर, होती एक फुटपाथ। पैदल चलना हमे, राह अपनाइए।   नीति नियम से चले, जिंदगी की जंग लड़। फुटपाथ पे जो आए, ढांढस बताइए।   धन दौलत का कभी, मत करना गुमान। महलों से फुटपाथ, दूर ना बताइए।   फुटपाथ की जिंदगी, संघर्ष भरा पहाड़। मेहनत के…

    Read More फुटपाथ | Footpath par kavitaContinue

  • Kar gaya baat woh ajnabi ki tarah
    कविताएँ

    कर गया बात वो अजनबी की तरह | Kar gaya baat woh ajnabi ki tarah | Ghazal

    ByAdmin June 10, 2022

    कर गया बात वो अजनबी की तरह ( Kar gaya baat woh ajnabi ki tarah )   कर गया बात वो अजनबी की तरह बन गया और वो अब सभी की तरह   और वो कर रहा है दग़ा प्यार में अपना माना उसे जिंदगी की तरह   दोस्ती में दरार फ़िर न आती मगर…

    Read More कर गया बात वो अजनबी की तरह | Kar gaya baat woh ajnabi ki tarah | GhazalContinue

  • Pita chhand
    कविताएँ

    पिता | Pita chhand

    ByAdmin June 9, 2022

    पिता ( Pita ) कृपाण घनाक्षरी   पिता प्रेम का सागर, अनुभवों का खजाना। शिक्षा संस्कार देकर, देते जीवन संवार।   सबका देते साथ वो, हंस हंस बतियाते। दरिया दिल पिता का, करते खूब दुलार।   पिता संबल हमारा, पीपल की ठंडी छांव। झरना वो प्यार भरा, बहती स्नेह बयार।   संघर्षों से भिड़ जाते,…

    Read More पिता | Pita chhandContinue

  • Bewafa jamane ko
    कविताएँ

    बेवफा जमाने को | Bewafa jamane ko

    ByAdmin June 9, 2022October 28, 2022

    बेवफा जमाने को ( Bewafa jamane ko )   न गुनगुनाया करो, तुम मेरे फसाने को। याद जब मेरी नहीं ,बेबफा जमाने को।।   अपना बस्ता वो खिलौने, वहीं पे बेच दिए घर से निकला था इकरोज़,जब कमाने को।   है अजीब शहर ,यहाँ पर मत आना यहाँ न राह कोई घर को लौट जाने…

    Read More बेवफा जमाने को | Bewafa jamane koContinue

  • Phool aur kaante
    कविताएँ

    फूल और कांटे | Phool aur kaante | Kavita

    ByAdmin June 9, 2022

    फूल और कांटे ( Phool aur kaante )   सदा रहो मुस्काते राही नित पथ में बढ़ते जाना बाधाओं का काम रोकना निरंतर चलते जाना   फूल और कांटे जीवन में सुख दुख आते जाते संघर्षों में पलने वाले सौरभ भरकर मुस्काते   पुष्प की सुंदरता को हम दूर से निहारा करते कांटो से सुरक्षा…

    Read More फूल और कांटे | Phool aur kaante | KavitaContinue

  • Mere pyare papa
    कविताएँ

    मेरे प्यारे पापा | Mere pyare papa | Geet

    ByAdmin June 9, 2022

    मेरे प्यारे पापा ( Mere pyare papa )   अनुभवो भरा खजाना, वो स्नेह का सिंधु सारा। अपनापन अनमोल बांटते, सदा प्रेम की धारा। सबकी खुशियों में खुश रह, भूल जाते बुढ़ापा। मेरे प्यारे पापा, सबसे अच्छे, वो मेरे प्यारे पापा।   जीवन में मुस्कुराते रहते, खिलते हुए चमन से। हंस-हंसकर हम से बतियाते, बड़े…

    Read More मेरे प्यारे पापा | Mere pyare papa | GeetContinue

  • Gair hoon ghazal
    शेरो-शायरी

    ग़ैर हूँ ऐसा कुछ बोलकर वो गया | Gair hoon ghazal

    ByAdmin June 8, 2022June 10, 2022

    ग़ैर हूँ ऐसा कुछ बोलकर वो गया ( Gair hoon aisa kuch bol kar wo gaya )     ग़ैर हूँ ऐसा कुछ बोलकर वो गया नफ़रतों का जहर घोलकर वो गया   इक झलक और दीदार उसका करा रब कभी जो खिड़की खोलकर वो गया   प्यार  की गुफ़्तगू की नहीं है उसनें तल्ख़…

    Read More ग़ैर हूँ ऐसा कुछ बोलकर वो गया | Gair hoon ghazalContinue

  • Pathshala kavita
    कविताएँ

    पाठशाला | Pathshala kavita

    ByAdmin June 8, 2022

    पाठशाला ( Pathshala )   जीवन की है पाठशाला भरा पूरा परिवार सद्भावो की पावन गंगा बहती मधुर बयार   शिक्षा का मंदिर पावन गांव की वो पाठशाला सदा ज्ञान की ज्योत जलाते ले अंदाज निराला   पाठशाला में पढ़ाई कर कितने विधायक हो गए भाग दौड़ भरी दुनिया जाने कही भीड़ में खो गए…

    Read More पाठशाला | Pathshala kavitaContinue

  • Ghazal guftagoo
    शेरो-शायरी

    यार उससे भला गुफ़्तगू क्या करे | Ghazal guftagoo

    ByAdmin June 7, 2022

    यार उससे भला गुफ़्तगू क्या करे ( Yaar usse bhala guftagoo kya kare )     यार उससे भला गुफ़्तगू क्या करे छोड़ो भी यार अब तू मैं तू क्या करे   वो बनेगा हक़ीक़त में मेरा नहीं प्यार की दिल जिसकी आरजू क्या करे   के  मिलेगी वफ़ा दोस्ती में नहीं अब वफ़ा की…

    Read More यार उससे भला गुफ़्तगू क्या करे | Ghazal guftagooContinue

  • kinaro se puchho
    शेरो-शायरी

    किनारों से पूछो | kinaro se puchho

    ByAdmin June 7, 2022

    किनारों से पूछो ( Kinaro se puchho )   फिजाओं का आलम बहारों से पूछो। दुल्हन की कहानी, कहारों से पूछो।।   कैसे खड़ी है जमाने की सुनकर, मंजिल जहाँ में, सहारों से पूछो।।   तूफाँ में कश्ती हिलोरें से जो लेवे न चलने का गम, किनारों से पूछो।।   ना चाहा था तुमको देखेंगे…

    Read More किनारों से पूछो | kinaro se puchhoContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 594 595 596 597 598 … 834 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search