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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • ब्रजभूमि साहित्यिक मंच मथुरा पर वार्षिक मैराथन काव्य गोष्ठी
    साहित्यिक गतिविधि

    ब्रजभूमि साहित्यिक मंच मथुरा पर वार्षिक मैराथन काव्य गोष्ठी

    ByAdmin April 22, 2022January 25, 2023

    ब्रजभूमि साहित्यिक मंच मथुरा पर वार्षिक मैराथन काव्य गोष्ठी-: मथुरा (उ.प्र.) दि.२१/०४) २०२२ दिन गुरुवार को ब्रजभूमि साहित्यिक मंच के एक वर्ष पूर्ण होने पर स्थापना दिवस के अवसर पर वार्षिक मैराथन काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आ.नरेन्द्र शर्मा”नरेन्द्र“जी अलीगढ़ (उ.प्र.), मुख्य अतिथि आ.डॉ.रोशनी किरण जी मुम्बई (महाराष्ट्र), संचालन डॉ.एल.बी. तिवारी”अक्स”जी…

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  • Kavita vaahavaahi lootane lage
    कविताएँ

    वाहवाही लूटने लगे | Kavita vaahavaahi lootane lage

    ByAdmin April 22, 2022

    वाहवाही लूटने लगे ( Vaahavaahi lootane lage )   छा गए बड़े मंच पर लेकर शब्दों के माया जाल। हथकंडों से शोहरत पा छवि बनाई बड़ी कमाल।   वाकपटुता के माहिर हो वाह वाही लूटने लगे। प्रसिद्धि के चक्कर में तार दिलों के टूटने लगे।   अपार जनसमूह सारा चलती हास्य की फुहार। व्यंग्य बाण…

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  • Chhand dharti maa
    कविताएँ

    धरती माँ | Chhand dharti maa

    ByAdmin April 22, 2022April 22, 2022

    धरती माँ ( Dharti Maa )   धरती मांँ धरती माँ, लाल को लोरी सुना दो। लड़े समर में वीर, प्यार दो दुलार दो माँ।   शूरवीर महारथी, योद्धा जांबाज सिपाही। मातृभूमि चरणों में, लाडलो को प्यार दो माँ।   अमर सपूत तेरे, लड़ते सीना तान के। जोश जज्बा भरपूर, शक्तियां अपार दो माँ।  …

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  • Poem Singer Ishita Vishwakarma
    कविताएँ

    सिंगर इशिता विश्वकर्मा | Poem Singer Ishita Vishwakarma

    ByAdmin April 22, 2022

    सिंगर इशिता विश्वकर्मा ( Singer Ishita Vishwakarma ) जबलपुर का अभिमान् हो तुम   1.इशिता हो तुम आसमान,जबलपुर की हो तुम शान | बडे-बडे दिग्गज को दी टक्कर,तुमने पाया प्रथम् स्थान | मेहनत तुम्हारी,लगन् तुम्हरी,समर्थन तुम्हारे परिवार का | लोगों से मिली सराहना बनी,तुम्हारी नई एक पहचान | –> जबलपुर का अभिमान् हो तुम |…

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  • Geet akhiyan lad gayi
    कविताएँ

    अखियां लड़ गई | Geet akhiyan lad gayi

    ByAdmin April 22, 2022

    अखियां लड़ गई ( Akhiyan lad gayi )   अखियां लड़ गई भरे बजार दिल को करार आया। उनको देखा पहली बार दिल को मेरे प्यार आया। अखियां लड़ गई भरे बजार…   मस्तानी चाल दीवानी मिल गई सपनों की रानी। महकी जीवन की बगिया प्यार की नई कहानी। मनमौजी मन ले हिलोरे नए तराने…

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  • Poem Siya Ke Ram
    कविताएँ

    सिया के राम | Poem Siya Ke Ram

    ByAdmin April 22, 2022

    सिया के राम ( Siya Ke Ram )   सिया के राम जन्म लेकर, पतित का नाश करेगे अब। ताड़का खर दूषण के संग, नाराधम मारेगे वो अब।   धरा पर पाप बढा जब,नारायण राम रूप सज धज, मनोहर रूप भुजा कोदंड, धरा से पाप मिटेगा अब।   प्रकट भयो नवमी को श्रीराम,पूर्णिमा जन्म लिए…

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  • Essay on NGOs in hindi
    निबंध

    निबंध : सामाजिक आर्थिक विकास में गैर सरकारी संगठनों की भूमिका

    ByAdmin April 21, 2022October 31, 2022

    सामाजिक आर्थिक विकास में गैर सरकारी संगठनों की भूमिका ( Role of NGOs in Socio-Economic Development : Essay in Hindi )   प्रस्तवना :- सरकार और गैर सरकारी संगठनों (NGO ) के बीच एक अच्छे साझेदारी सरकार को कई समस्याओं का समाधान खोजने और सामाजिक क्षेत्र में पहल को प्रभावी ढंग से लागू करने में…

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  • Poem chand phir nikla
    कविताएँ

    चांद फिर निकला | Poem chand phir nikla

    ByAdmin April 21, 2022July 14, 2023

    चांद फिर निकला ( Chand phir nikla )   चांद फिर निकला है लेकर रवानी नई। मधुर इन गीतों ने कह दी कहानी नई।   बागों में बहारें आई कली कली मुस्कुराई। मन मेरा महका सा मस्त चली पुरवाई।   चांद सा मुखड़ा देखूं थाम लूं तेरी बाहों को। चैन आ जाए मुझको सजा दो…

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  • Ghazal roz badalta hai insaan
    शेरो-शायरी

    रोज़ बदलता है इंसान | Ghazal roz badalta hai insaan

    ByAdmin April 21, 2022

    रोज़ बदलता है इंसान  ( Roz badalta hai insaan )   रोज़ बदलता है इंसान भी हालात के साथ जैसे कि बदलते हो दिन कोई रात के साथ।   कर ली है भूल, कर गुज़रे थे हम भी इश्क़ अब कि बार हम रहेंगे भी तो हयात के साथ।   वैसे भी दोस्त अक़्ल से…

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  • Poem tapti dopahar
    कविताएँ

    तपती दोपहरी | Poem tapti dopahar

    ByAdmin April 21, 2022

    तपती दोपहरी ( Tapti dopahar )   सन सन करती लूऐ चलती आसमां से अंगारे। चिलचिलाती दोपहरी में बेहाल हुए पंछी सारे।   आग उगलती सड़कें चौड़ी नभ से ज्वाला बरसे। बहे पसीना तन बदन से पानी को प्यासा तरसे।   आंधी तूफां नील गगन में चक्रवात चले भारी। गरम तवे सी जलती धरा फैले…

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