Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • Gaon par chhand
    छंद

    गाँव | Gaon par chhand

    ByAdmin April 20, 2022October 12, 2022

    गाँव ( Gaon ) मनहरण घनाक्षरी   टेडी मेडी पगडंडी, खलिहानों की वो क्यारी। ठंडी-ठंडी बहारों में, गांव चले आइए।   मीठे मीठे बोल मिले, सद्भाव प्रेम गांव में। हरे भरे पेड़ पौधे, ठंडी छांव पाइए।   खुली हवा में सांस लो, हरियाली का आनंद। चौपाल में चर्चा चले, प्रेम बरसाइये।   सुख-दुख बांटे सब,…

    Read More गाँव | Gaon par chhandContinue

  • Poem teri har baat
    कविताएँ

    तेरी हर बात | Poem teri har baat

    ByAdmin April 20, 2022April 20, 2022

      तेरी हर बात ( Teri har baat )     कभी चैत्र- बैसाख की पवित्र गरिमा लिये कभी गर्म लू सी ज्येष्ठ- आषाढ़ की तपन लिये   कभी सावन-भादों सी छमाछम पावस की बूंदें लिये कभी त्योहारों सीआश्विन-कार्तिक के मीठे नमकीन लिये   कभी मार्गशीर्ष-पौष की कड़कड़ाती रातों की सर्दी लिये कभी माघ- फाल्गुन…

    Read More तेरी हर बात | Poem teri har baatContinue

  • Poem hamari virasat
    कविताएँ

    हमारी विरासत हमारी धरोहर | Poem hamari virasat

    ByAdmin April 20, 2022October 24, 2022

    हमारी विरासत हमारी धरोहर ( Hamari virasat hamari dharohar )     शौर्य पराक्रम ओज भरा दमकता हो भाल जहां। हम उस देश के वासी हैं बहती प्रेम रसधार यहां।   पुरखों की पावन संस्कृति रग रग में संस्कार भरा। दूरदर्शी सोच ऊंची विनयशीलता गुणों भरी धरा।   दुर्ग किले हमारी विरासत हमारी धरोहर प्यारी…

    Read More हमारी विरासत हमारी धरोहर | Poem hamari virasatContinue

  • Ghazal dard ke chehre
    शेरो-शायरी

    दर्द के चेहरे पे भी उल्लास बन | Ghazal dard ke chehre

    ByAdmin April 20, 2022

    दर्द के चेहरे पे भी उल्लास बन ( Dard ke chehre pe bhi ullas ban )     दर्द  के  चेहरे  पे  भी  उल्लास बन ! बन अगर सकता है तो विश्वास बन !!   मन झुलसते अपरिचय के ग्रीष्म में चाहतों का इक नया मधुमास बन !!   जगत के निश्वास सारे शान्त कर…

    Read More दर्द के चेहरे पे भी उल्लास बन | Ghazal dard ke chehreContinue

  • Geet bazaar
    कविताएँ

    बाजार | Geet bazaar

    ByAdmin April 19, 2022

    बाजार ( Bazaar )   नफरत का बाजार गर्म है स्वार्थ की चलती आंधी। निर्धन का रखवाला राम धनवानों की होती चांदी। बिक रहे बाजार में दूल्हे मोटर कार बंगलो वाले। मांगे उंचे ओहदे वालों की संस्कार जंगलों वाले। आओ आओ जोत जलाओ कलम का जो धर्म है। नफरत का बाजार गर्म है -2  …

    Read More बाजार | Geet bazaarContinue

  • Geet bhoole se chehre
    कविताएँ

    भूले से चेहरे | Geet bhoole se chehre

    ByAdmin April 19, 2022

    भूले से चेहरे  ( Bhoole se chehre )     भूले  से  चेहरे  कितने  ही, आँखों में घिर आए हैं ! अपना भी चेहरा है उनमें, या हम फिर भरमाए हैं !!   प्रातः कीआशा बन आये, हैं जग में कब से उजियारे लेकिन अबभी अन्धियारों से,भरे हुए घरके गलियारे मैं अपने आँगन में बैठा…

    Read More भूले से चेहरे | Geet bhoole se chehreContinue

  • Poem pathar dil
    कविताएँ

    पत्थर दिल | Poem pathar dil

    ByAdmin April 18, 2022

    पत्थर दिल ( Pathar dil )   पत्थर फेंक दो मेरे यार पत्थर दिल मत बनो। जोड़ो दिलों के तार बिना बात भी मत तनो।   मत बिछाओ राहों में कंटको के ढेर कभी। मुस्कुरा कर थोड़ा देखो खिलेंगे फूल तभी।   कमियों को नहीं तारीफों के पुल सजाओ। प्यार के मोती सुहाने प्रेम से…

    Read More पत्थर दिल | Poem pathar dilContinue

  • Ghazal zindagi meri
    शेरो-शायरी

    जिंदगी मेरी अकेले कट रही है | Ghazal zindagi meri akele kat rahi hai

    ByAdmin April 18, 2022April 18, 2022

    जिंदगी मेरी अकेले कट रही है  ( Zindagi meri akele kat rahi hai )     जिंदगी मेरी अकेले कट रही है ! भेज कोई तो ख़ुदाया अब परी है   तोड़कर वादे वफ़ा सब प्यार के वो भर गया है वो निगाहों में नमी है   इसलिए हल काम कोई भी न होता के…

    Read More जिंदगी मेरी अकेले कट रही है | Ghazal zindagi meri akele kat rahi haiContinue

  • Dewali essay in Hindi
    निबंध

    दीपावली पर निबंध | Dewali essay in Hindi

    ByAdmin April 17, 2022October 31, 2022

    दीपावली पर निबंध ( Essay in Hindi on Dewali )   प्रस्तवना – भारत त्योहारों की भूमि है। हालांकि कोई भी त्योहार दिवाली से बढ़ कर नही है। यह निश्चित रूप से भारत के सबसे बड़े त्योहारों में से एक है। यह शायद दुनिया का सबसे चमकीला त्योहार है। आजकल तो विभिन्न धर्मों के लोग…

    Read More दीपावली पर निबंध | Dewali essay in HindiContinue

  • हीरो के भाई का मुंडन | Vyang hero ke bhai ka mundan
    व्यंग्य

    हीरो के भाई का मुंडन | Vyang hero ke bhai ka mundan

    ByAdmin April 17, 2022April 17, 2022

    हीरो के भाई का मुंडन ( Hero ke bhai ka mundan ) मैं संगम पर अपना सिर मुंडवा रहा था। मेरे वालिद का इन्तकाल जो हो गया था। अभी आधा सिर ही मुंडा था, कि एक खुशखबरी पास के रखे ट्रान्जिस्टर नें दी । “मेरे आदर्श” “मेरे प्यारे” हीरो बिग ए की मां का देहावसान…

    Read More हीरो के भाई का मुंडन | Vyang hero ke bhai ka mundanContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 612 613 614 615 616 … 837 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search