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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Ghazal mausam gulabi kahan hai
    शेरो-शायरी

    मौसम गुलाबी कहाँ है | Ghazal mausam gulabi kahan hai

    ByAdmin April 15, 2022

    मौसम गुलाबी कहाँ है ( Mausam gulabi kahan hai )   मुहब्बत ऐ मौसम गुलाबी कहाँ है! मेरे पास उसकी निशानी कहाँ है   उसी का यहाँ नाम बदनाम यूं ही वही दोस्त देखो शराबी कहाँ है   क्यों परदेश जाकर मुझे भूल बैठे कि चिट्टी वो आयी तुम्हारी कहाँ है   सहे ख़ूब ग़म…

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  • Dr. Bhimrao Ambedkar par kavita
    कविताएँ

    डॉक्टर भीमराव अंबेडकर | Poem Dr. Bhimrao Ambedkar

    ByAdmin April 15, 2022

    डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ( Dr. Bhimrao Ambedkar )   संविधान निर्माता नमन वंदन हे राष्ट्र रतन भारत पंचशील सिद्धांत अपनाया बौद्ध धर्म में हुये रत   समानता भाईचारा मानवतावाद के पथ प्रदर्शक छुआछूत मिटाने का प्रचार प्रसार किया भरसक   पत्रकार संपादक बने कलम के सजग सिपाही समता समाचार निकाला पक्षधर दीन ए इलाही  …

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  • Khushi se bahut badnaseeb hoon
    ग़ज़ल

    ख़ुशी से बहुत बदनसीब हूँ | Badnaseeb Shayari

    ByAdmin April 14, 2022July 12, 2023

    ख़ुशी से बहुत बदनसीब हूँ ( Khushi se bahut badnaseeb hoon )     ख़ुशी से बहुत बदनसीब हूँ बड़ा जिंदगी में ग़रीब हूँ   वफ़ा पर तू मेरी यकीन कर तेरा एक सच्चा हबीब हूँ   भला चाहता हूँ सदा तेरा नहीं दोस्त कोई रकीब हूँ   वही दिल दुखा अब रहा मेरा यहाँ…

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  • Poem manzil
    कविताएँ

    मंजिल | Poem manzil

    ByAdmin April 13, 2022

    मंजिल ( Manzil )   मंजिल अपनी निश्चित है,और भाव भी मन मे सुदृढ़ है। रस्ता तय करना है केवल,जो मंजिल तक निर्मित है।   जो मिलता ना रस्ता तो फिर, खुद ही नया बनाएगे। कर्मरथि हम मार्ग बनाकर, खुद मंजिल तक जाएगे।   टेढी मेढी हो पगदण्डी या फिर कंटक राहों मे। हम पर्वत…

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  • Ghazal chehare ke peechhe chehara hai
    शेरो-शायरी

    चेहरे के पीछे चेहरा है | Ghazal chehare ke peechhe chehara hai

    ByAdmin April 13, 2022

    चेहरे के पीछे चेहरा है ( Chehare ke peechhe chehara hai )   वो राज़ बहुत ही गहरा है चेहरे  के  पीछे चेहरा है।   आंखें उसकी काली काली बालों का रंग सुनहरा है।   हुस्न कयामत है उसका जो देखे वो ही ठहरा है।   दीदार की दी है छूट मुझे मिलने पे लगाया…

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  • Ghazal Dil kisi ki
    शेरो-शायरी

    दिल किसी की | Ghazal Dil Kisi Ki

    ByAdmin April 13, 2022April 13, 2022

    दिल किसी की  ( Dil kisi ki  )     दिल किसी की बहुत आरजू कर रहा रात दिन दिल यही गुफ़्तगू कर रहा   वो नजर आता मुझको नहीं है मगर हर गली में उसे जुस्तजू कर रहा   फूल जिसको दिया प्यार का रोज़ है और दिल रोज़ अपना अदू कर रहा  …

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  • Poem badalte rishtey
    कविताएँ

    बदलते रिश्ते | Poem badalte rishtey

    ByAdmin April 13, 2022

    बदलते रिश्ते ( Badalte rishtey )   रिश्ते बदलते सारे रिश्तो की अब डोर संभालो। प्रेम की धारा से खींचो प्यार के मोती लुटा लो।   मतलब के हो गए हमारे सारे रिश्ते नाते। खो गया प्रेम पुराना खोई सब मीठी बातें।   स्वार्थ रूपी शेषनाग डस रहा है रिश्तो को। सद्भाव प्रेम को भूल…

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  • Yaad ghazal
    शेरो-शायरी

    भूल से याद भी नहीं आता | Yaad ghazal

    ByAdmin April 12, 2022April 13, 2022

    भूल से याद भी नहीं आता ( Bhool se yaad bhi nahi aata )   अब मेरे दिल को तू नहीं भाता भूल  से  याद  भी नहीं आता   तू मुझे अब भी प्यार करता है ये भरम दिल से क्यों नही जाता   दूर को दूर से मुहब्बत है पास का पास से नहीं…

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  • Aajkal sunte yoon nagamen khoob hai
    शेरो-शायरी

    आजकल सुनते यूं नग़में खूब है | Ghazal aajkal sunte yoon nagamen khoob hai

    ByAdmin April 11, 2022April 11, 2022

    आजकल सुनते यूं नग़में खूब है (Aajkal sunte yoon nagamen khoob hai )     आजकल सुनते यूं नग़में ख़ूब है! याद में उसकी हम रोते  ख़ूब है   फ़ोन भी मेरा उठाता वो नहीं फ़ोन भी ऐ यार करते ख़ूब है   तल्ख़ बातें कर गया वो आज भी प्यार से ही जिससे बोले…

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  • Poem milne ki aas
    कविताएँ

    मिलने की आस | Poem milne ki aas

    ByAdmin April 11, 2022September 18, 2023

    मिलने की आस ( Milne ki aas )   मिलना हो तुझसे ऐसी तारीख मुकर्रर हो जाए मैं जब भी आऊं तेरा बनकर तू भी मेरी हो जाए न रहे दूरियां एक दूजे में कुछ ऐसा वो पल हो लग जाउँ गले से तेरे मैं तू मेरे सीने से लग जाए ये ख्वाब भी कितने…

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