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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Jeevan ki aadharshila
    कविताएँ

    जीवन की आधारशिला | Poem jeevan ki aadharshila

    ByAdmin April 29, 2022

    जीवन की आधारशिला ( Jeevan ki aadharshila )     सत्य सादगी सदाचार है जीवन की आधारशिला। सद्भाव प्रेम से खिलता हमको प्यारा चमन मिला।   पावन पुनीत संस्कार ही संस्कृति सिरमौर बने। सत्य शील आचरणों में मानवता के जो गहने।   जब दिलों में प्रेम बरसता चेहरों पर मुस्काने हो। राष्ट्रप्रेम की अलख जगाते…

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    कविताएँ

    ले हाथों में इकतारा | Geet le hathon mein iktara

    ByAdmin April 28, 2022October 22, 2022

    ले हाथों में इकतारा ( Le hathon mein iktara )   गली-गली घुमा करता ले हाथों में इकतारा। सात सुरों के तार जोड़ संगीत सुनाता प्यारा। शब्द शब्द मोती से झरते बहती जब रसधारा महफिल में भी तन्हा रहता मनमौजी बंजारा। ले हाथों में इकतारा   प्रेम गीत के मधुर तराने ले अनुबंधों की माला।…

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  • Poem bade bujurgon ka samman kijiye
    कविताएँ

    बड़े बुजुर्गों का सम्मान कीजिए | Poem bade bujurgon ka samman kijiye

    ByAdmin April 26, 2022

    बड़े बुजुर्गों का सम्मान कीजिए ( Bade bujurgon ka samman kijiye )     माता, पिता, बड़े बुजुर्गों का सम्मान कीजिए, अपने बच्चों को बंगला न कार ,संस्कार दीजिए,   कल मैंने देखा तीन लड़कियों को पार्क में, मोबाइल  का दौर है इन्हे ,सुधार लीजिए,   करते हैं लड़के चैटिंग रात रात गर्लफ्रेंड से फिर…

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  • Poem chod do ladna
    शेरो-शायरी

    छोड़ दो लड़ना | Poem chod do ladna

    ByAdmin April 26, 2022April 26, 2022

    छोड़ दो लड़ना ( Chod do ladna )   गोलियां पत्थर चले है देखो  ऐसे बेपनाह हो गये है नाम पर महजब के दंगे बेपनाह   मासूमों के जिस्म पर थे जालिमों के ही नशा दिल्ली की हर गली में दर्द छलका बेपनाह   कौन जाने क्या यहाँ होगा भला अब ऐ लोगों घूम  रहे…

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  • Chhand Tulsidas Ji
    छंद

    तुलसीदास जी | Chhand Tulsidas Ji

    ByAdmin April 26, 2022October 12, 2022

    तुलसीदास जी ( Tulsidas Ji ) मनहरण घनाक्षरी   तुलसी प्यारे रामजी, राम की कथा प्यारी थी। प्यारा राम रूप अति, रामलीला न्यारी थी।   राम काव्य राम छवि, नैनों में तुलसीदास। रामचरितमानस, राम कृपा भारी थी।   चित्रकूट चले संत, दर्शन को रघुनाथ। रामघाट तुलसी ने, छवि यूं निहारी थी।   राम नाम रत…

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  • Poem abhi aur sadhna hoga
    कविताएँ

    अभी और सधना होगा | Poem abhi aur sadhna hoga

    ByAdmin April 25, 2022April 25, 2022

    अभी और सधना होगा ( Abhi aur sadhna hoga )   नहीं  साधना  पूरी  हुई है, अभी और  सधना होगा। अभी कहाँ कुंदन बन पाये, अभी और तपना होगा।।   अभी निशा का पहर शेष है, शेष अभी दिनकर आना अभी भाग्य में छिपा हुआ है, खिलना या मुरझा जाना अभी  और  कंटक  आना  है,…

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  • Essay in Hindi on urban pollution a crisis in India
    निबंध

    निबंध : भारत मे शहरी प्रदूषण एक संकट | Essay in Hindi on urban pollution a crisis in India

    ByAdmin April 25, 2022October 31, 2022

    निबंध : भारत मे शहरी प्रदूषण एक संकट ( Urban pollution a crisis in India : Essay in Hindi ) प्रस्तवना – आज पूरी दुनिया शहरी प्रदूषण की समस्या से परेशान है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के अनुसार लगभग 80% जनसंख्या शहरी आबादी के प्रदूषित हवा में सांस लेती है। यह समस्या निम्न…

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  • Poem hari ki maya
    कविताएँ

    हरि की माया | Poem hari ki maya

    ByAdmin April 25, 2022December 23, 2024

    हरि की माया ( Hari ki maya ) धुंध रहा ना बचा कोहरा,पर शक का साया गहरा है। अपनों पर विश्वास बचा ना,मन पे किसका पहरा हैं। बार बार उलझा रहता हैं, मन उसका हर आहट पे, जाने कब विश्वास को छल दे,संसय का पल गहरा है। मन स्थिर कैसे होगा जब, चौकन्ना हरदम रहते।…

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  • Poem na A/C na car
    कविताएँ

    मुझे ए .सी. न बंगला न कार चाहिए | Poem na A/C na car

    ByAdmin April 25, 2022

    मुझे ए .सी. न बंगला न कार चाहिए ( Mujhe A/C na bangla na car chahiye )     मुझे ए .सी. न बंगला न कार चाहिए,  दहेज में बीवी का बस प्यार चाहिए।    माता पिता सब का जो सम्मान करें पांव पुजी में  ऐसा  संस्कार  चाहिए।   कोई भूखा न जाए   मेरे   द्वार …

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  • Chhand milan ki chah
    कविताएँ

    मिलन की चाह | Chhand milan ki chah

    ByAdmin April 25, 2022

    मिलन की चाह ( Milan ki chah )   मनमीत आओ मेरे, मिलन की घड़ी आई। चाहत की शुभवेला, दौड़े चले आइए।   मौसम सुहाना आया, रूत ने ली अंगड़ाई। मिलन को प्रियतम, प्रेम गीत गाइए।   खुशबू ने डाला डेरा, महका दिल हमारा। लबों पे तराने प्यारे, मधुर सुनाइए।   दिल में उमंगे छाई,…

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