• कठपुतली | Kavita kathputli

    कठपुतली ( Kathputli)   ताल तलैया भरे हुए है, भरे है नयन हमार। आए ना क्यों प्रेम पथिक, लगता है भूले द्वार।   उमड घुमड़ कर मेघ घिरे है, डर लागे मोहे हाय। बरखा जल की बूंदें तन मे, प्रीत का आग लगाय।   बार बार करवट लेती हूँ,मन हर पल घबराये। आ जाओ इस…

  • बीज नियत करता है | Ghazal

    बीज नियत करता है  ( Beej niyat karta hai )     बीज नियत करता है जैसे, वृक्ष स्वभावऔर विस्तार! विगत कर्म निश्चय करते हैं वर्तमान जीवन आधार !   जिसका गत में सत्कर्मों का,अपना लेखा उचित रहा वह पा लेता अनायास ही,सुख सुविधाओं के आगार !   उसे जन्म से ही मिल जाते,सुख यश…

  • चामुण्डा बरस पड़ी | Hasya kavita

    चामुण्डा बरस पड़ी ( Hasya kavita )   बहुत बड़ा कवि नहीं हूं मामूली कलमकार हूं अंगारों की सड़क पर बहती ठंडी बयार हूं   कविता करते-करते श्रीमती ने मुझे रोका अनजाने में बिफरकर बार बार मुझे टोका   कविता में बाधा देख कर मुझे गुस्सा आ गया मैं श्रीमती को एक जोरदार तमाचा लगा…

  • हद कर दी आपने | Geet had kar di aapne

    हद कर दी आपने ( Had kar di aapne )   वादे प्रलोभन भारी, नित्य नियम बदले सरकारी। नेताओं की लीला न्यारी, चमचे आला अधिकारी। हद कर दी आपने, हद कर दी आपने।   सड़क पुल नदियां निगले, निगल रहे हैं वोट। फन फैलाए विषधर बैठे, करते विषैली चोट। सत्ता के गलियारों में, मिल जाएंगे…

  • हिन्दू राष्ट्र | Kavita Hindu Rashtra

    हिन्दू राष्ट्र ( Hindu rashtra )   इसे राम मन्दिर का ना बस निर्माण समझो, यह स्वर सनातन सत्य का आधार है।   हम हिन्दू है आर्यो के वशंज भारतीय, भय हीन हिन्दू राष्ट्र का निर्माण है।   फिर से समागम होगा इस खण्डित धरा का, यह शेर के विश्वास की हुंकार है।   भगवा…

  • सनातन नववर्ष | Poem sanatan nav varsh

    सनातन नववर्ष ( Sanatan nav varsh )   हर हर महादेव गूंजे सब रामनाम जय कार करे। श्रद्धा  और विश्वास  भरकर  हर हिंदू हूंकार भरे।   वर्ष नया हो हर्ष नया हो घटा प्रेम की छाई हो। जय श्री राम के नारों से गूंज रही अमराई हो।   आस्था विश्वास हृदय में भावो की बहती…

  • उपवास | Upwas chhand

    उपवास ( Upwas ) मनहरण घनाक्षरी   नेम धर्म व्रत करे विश्वास श्रद्धा भाव से प्रभु सुमिरन कर उपवास कीजिए   जब तप योग ध्यान सर्व शक्ति हरि मान दुर्गुण दोष मन से त्याग सुधा दीजिए   मन से करें जो पूजा व्रत निराहार रख कामना पूरी कर दे माला जप लीजिए   उपवास बड़ा…

  • धरती के भगवान | Kavita dharti ke bhagwan

    धरती के भगवान ( Dharti ke bhagwan )   आज धरा पर उतर आए धरती के भगवान। मारना नहीं काम हमारा हमतो बचाते जान।   जीवनदाता जनता का कातिल कैसे हो सकता है। जान फूंके मरीज में अन्याय कैसे सह सकता है।   राजनीति का मोहरा सतरंजी चाले मत खेलो। जिंदगी देने वाले को मौत…

  • गणगौर | Kavita gangaur

    गणगौर ( Gangaur )   शिव गौरी की पूजा होती ईसर गणगौर मनाती है। अखंड सौभाग्य दे माँ कन्या मनचाहा वर पाती है।   आस्था प्रेम का पर्व भावन राजस्थान की शान है। चैत्र मास में तीज त्योहार मनाते आलीशान है।   उंँट घोड़े सज धजकर सुंदर सी झांकी चलती है। कर सोलह सिंगार नारियां…

  • हिन्दू नववर्ष की हार्दिक शुभकामना | Hindu New Year Poem in Hindi

    हिन्दू नववर्ष की हार्दिक शुभकामना ( Hindi nav varsh ki hardik shubhkamnaye )     हर मस्तक पर तिलक सजे और, हर इक घर में ध्वाँजा लगे। हर  मुख  निकले  राम  नाम  और, हर इक घर में गाय रहे।   तुलसी चौरा दीप जले, मन्दिर में घण्ट घडिय़ाल बजे। हर कन्या में राधारानी , और…