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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Parhit Saris Dharam Nahi Bhai
    कविताएँ

    परहित सरिस धर्म नहिं भाई | Kavita Parhit Saris Dharam Nahi Bhai

    ByAdmin April 1, 2022

    परहित सरिस धर्म नहिं भाई ( Parhit Saris Dharam Nahi Bhai )     मोहिनी मूरत हृदय समाई, परहित सरिस धर्म नहिं भाई।   पीर हरे जाकी रघुवीरा, तरहीं पार सिंधु के तीरा।   जाके घट व्यापहीं संतापा, सुमिरन रामनाम कर जापा।   प्रेम सुधारस घट रघुराई, परहित सरिस धर्म नहिं भाई।   मन मलीन…

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  • Poem maryada ki hani
    कविताएँ

    मर्यादा की हानि | Poem maryada ki hani

    ByAdmin April 1, 2022October 27, 2022

    मर्यादा की हानि ( Maryada ki hani )   मर्यादा में बाधा पड़ी जब आधा राम ने बाली को चोरी से मारा। सुनो रघुनाथ अनाथ क्यूं अंगद पूछत बाली क्या पाप हमारा।।   कौन सी भूल भई सिय से केहीं कारण नाथ ने कानन छोड़ा। जाई समाई गई वसुधा में श्रीराम से नेह का नाता…

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  • Prasad par kavita
    कविताएँ

    प्रसाद | भोग | Prasad kavita

    ByAdmin April 1, 2022April 1, 2022

    प्रसाद | भोग ( Prasad | Bhog )   छप्पन भोग चढ़े सांवरा रुचि रुचि भोग लगाओ। मीरा गाए भजन बैठकर प्यारे माधव मुस्काओ।   भक्ति भाव से भक्त तिहारे मोदक प्रसाद लगाए। माखन मिश्री कृष्णा प्यारा ठुमक ठुमककर खाए।   खीर चूरमा भोग चढ़े जय बजरंगबली हनुमान। संजीवन लेकर पवनसुत लक्ष्मण के बचाए प्राण।…

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  • Kavita sarhad ki zindagi
    कविताएँ

    सरहद की जिंदगी | Kavita sarhad ki zindagi

    ByAdmin March 31, 2022

    सरहद की जिंदगी ( Sarhad ki zindagi )   सीमा पे जांबाज सिपाही बारूद से बतियाते हैं। आंधी तूफानों में चलते जा शत्रु से भिड़ जाते हैं।   हिमालय सा रख हौसला पराक्रम दिखला देते। सरहद के रखवाले जो बैरी के छक्के छुड़ा देते।   समर के महा सेनानी रण में जौहर दिखलाते। रणयोद्धा संग्राम…

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  • Geet kahan gaye woh din
    कविताएँ

    कहां गए वो दिन | Geet kahan gaye woh din

    ByAdmin March 31, 2022

    कहां गए वो दिन ( Kahan gaye woh din )   कहां गए वो दिन प्यार भरे, कहां गई सुहानी रातें। कहां गए वो अपने सारे, कहां गई वो मीठी बातें। कहां गए वो दिन,कहां गए वो दिन।   आधुनिकता के चक्कर में, धन के पीछे भाग रहे। मनमर्जी के घोड़े दौड़ाए, रातदिन जन जाग…

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  • Hindi kavita romantic
    कविताएँ

    इक तेरे सिवा कोई नहीं | Ghazal ek tere siva koi nahin

    ByAdmin March 30, 2022March 30, 2022

    इक तेरे सिवा कोई नहीं ( Ek tere siva koi nahin )   ये हवाएँ जाने किसके साथ आई है        आज गुल-ए-गुलशन में बहार छाई है  कोई गीत नहीं संगीत नहीं ना साज है        ऐ सनम इक तेरे सिवा यहां कोई नही है     हमने दुनिया  की  हर शय…

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  • Rajasthan diwas special kavita
    कविताएँ

    आओ म्हारा राजस्थान मं | Rajasthan diwas special kavita

    ByAdmin March 30, 2022

    आओ म्हारा राजस्थान मं ( Aao mhara Rajasthan ma )   रंग रंगीलो प्यारो म्हारो धोरा रो राजस्थान वीरा री आ धरती मीठां मोरां रो राजस्थान   मरुधरा हेत घणो उमड़ै ईं धोरा री मुस्कान मं पलक पांवड़ा राह बिछावा आओ म्हारा राजस्थान मं   राणा सांगा कुंभा जनम्या राणा प्रताप री आन अठै जौहर…

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  • Kanha kavita
    कविताएँ

    कान्हा प्यारी छवि तेरी | Kanha kavita

    ByAdmin March 30, 2022

    कान्हा प्यारी छवि तेरी ( Kanha pyari chhavi teri )   खुशियों से दामन भर जाए दीप जलाने लाया हूं। मुरली मोहन माधव प्यारे झोली फैलाये आया हूं।   मन मंदिर में बंसी केशव मधुर सुहानी तान लगे। कान्हा की प्यारी छवि मोहिनी मूरत श्याम लगे।   लेखनी की ज्योत ले माधव तुझे रिझाने आया…

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  • Chhand adhikar
    कविताएँ

    अधिकार | Chhand adhikar

    ByAdmin March 30, 2022

    अधिकार ( Adhikar ) जलहरण घनाक्षरी   अधिकार पहचानो, कर्तव्य को खुद जानो‌। परिवार में प्रेम का, करो मधुर संचार।   प्रीत रंग झोली भरो, मतभेद मत करो। जीवन में उन्नति को, स्वप्न करें साकार।   अपने अधिकारों की, धीरज धर्म नारों की। यश कीर्ति चहूंओर, बहाइये रसधार।   मान सम्मान वैभव, मिलते जो अधिकार।…

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  • Nari shakti par kavita
    कविताएँ

    अपरा शक्ति नारी | Nari shakti par kavita

    ByAdmin March 30, 2022March 30, 2022

    अपरा शक्ति नारी ( Apara shakti nari )   आज की नारी तेरी यही कहानी          कदम से कदम मिलाकर चलती हो     नारी तुम हो इस जगत  की महारानी                  मोहताज नहीं पौरुषता की तुझे     किसी आश्रय की मोहताज नही       …

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