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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Kavita pratisodh
    कविताएँ

    प्रतिशोध | Kavita pratisodh

    ByAdmin December 16, 2021

    प्रतिशोध ( Pratisodh )   प्रतिशोध की उठती ज्वाला जब अंगारे जलते हैं सर पर कफ़न बांधे वीर लड़ने समर निकलते हैं   जब बदले की भावना अंतर्मन में लग जाती है तन बदन में आग लगे भृकुटियां तन जाती है   तीखे बाण चले वाणी के नैनों से ज्वाला दहके प्रतिशोध की अग्नि में…

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  • Nafratein shayari
    शेरो-शायरी

    नफ़रतें दिल से सभी अपने भुलाकर देखिए | Nafratein shayari

    ByAdmin December 15, 2021December 15, 2021

    नफ़रतें दिल से सभी अपने भुलाकर देखिए ( Nafratein dil se sabhi apne bhula kar dekhiye )     नफ़रतें दिल से सभी अपने भुलाकर देखिए जिंदगी उल्फ़त लगेगी मुस्कुराकर देखिए   प्यार की ख़ुशबू महकेगी जिस्म के हर हिस्से में ए सनम मुझको गले अपने लगाकर देखिए   जिंदगी तेरी लगेगी ख़ूबसूरत प्यार भरी…

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  • विश्वासघात | Vishwasghaat kavita
    कविताएँ

    विश्वासघात | Vishwasghaat kavita

    ByAdmin December 15, 2021November 1, 2022

    विश्वासघात ( Vishwasghaat )   छल कपट विश्वासघात का दुनिया में है बोलबाला हंसों का दाना काग चुग रहे छीने मुंह का निवाला   स्वार्थ सिद्ध करने वाले बोल मधुर से बोल रहे अपनापन अनमोल जता जहर हवा में घोल रहे   दगाबाजी धोखाधड़ी वंचना देशद्रोह और गद्दारी विश्वासघात के रूप कई अपघात और भ्रष्टाचारी…

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  • Kshanik duhkh sukh
    कविताएँ

    क्षणिक दुःख सुख | Kavita

    ByAdmin December 14, 2021December 14, 2021

    क्षणिक दुःख सुख ( Kshanik duhkh sukh )   दुःख कहें या सुख जिन्दगी का एक सिलसिला है, कहीं टपकता बूंद है,तो कहीं कहीं सुखा गिला है।   अगर दुख न होता तो सुख को कहां से लाते हम, सब सुखी ही रहते तो भला देवालय क्यों जाते हम।   कुछ उधार नहीं मिलता यहां…

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  • Zameen kavita
    कविताएँ

    जमीन | Zameen kavita

    ByAdmin December 14, 2021

    जमीन ( Zameen )     जो जमीन से जुड़े रहे संस्कार उन्हीं में जिंदा है देशद्रोही गद्दारों से हमारी भारत माता शर्मिंदा है   हरी भरी हरियाली धरती बहती मधुर बयार यहां देशभक्ति दीप जले मन में जोशीले उद्गार जहां   यह जमी यह आसमा पर्वत नदियां लगे भावन अविरल बहती गंगधारा बलखाती सरिता…

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  • Bhool ja yaadein usi ki
    शेरो-शायरी

    भूल जा यादें उसी की | Ghazal

    ByAdmin December 14, 2021July 25, 2023

    भूल जा यादें उसी की ( Bhool ja yaadein usi ki )     भूल जा यादें उसी की आंख भर आंसू नहीं बेवफ़ा को याद मत कर और दिल से तू नहीं   तू ही आए हर तरफ़ मुझको नज़र हर चेहरे में कर निगाहों से सनम मुझपे  ऐसे जादू नहीं   कह रहा…

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  • Tere shahar ki hawayein kavita
    कविताएँ

    तेरे शहर की हवाएँ | Tere shahar ki hawayein kavita

    ByAdmin December 13, 2021

    तेरे शहर की हवाएँ ( Tere shahar ki hawayein )     तेरे शहर की हवा बड़ी सर्द थी उस पर तेरा ख़य्याल तेरे ख़य्याल से  मेरा दिल बेताब सा पर कुछ मलाल   तुझे सीने से लगाने का सबब उफ्फ तेरी गर्म साँसे क्या ख्वाहिशें थी कि उफ्फ रूह का खो गया होश  …

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  • Jhunjhunu kavita
    कविताएँ

    झुंझुनू झुकना नहीं जानता है | Kavita

    ByAdmin December 13, 2021

    झुंझुनू झुकना नहीं जानता है ( Jhunjhunu jhukna nahi janta )     रणवीर जुझारू भरी वसुंधरा सारा जहां मानता है युद्ध या अकाल हो झुंझुनू झुकना नहीं जानता है   देशभक्ति भाव भरकर रणधीर समर में रहते हैं शूरवीर रणबांकुरे नित जय वंदे मातरम कहते हैं   मर मिटने का जज्बा ले सीमा पर…

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  • Essay on demonetization in Hindi
    निबंध

    विमुद्रीकरण पर निबंध | Essay on demonetization in Hindi

    ByAdmin December 13, 2021

    विमुद्रीकरण पर निबंध ( Essay on demonetization in Hindi )   विमुद्रीकरण क्या है? ( What is demonetization in Hindi )  जब किसी देश की सरकार कानूनी रूप से एक निश्चित मुद्रा के सिक्कों, नोटों पर प्रतिबंध लगाती है, तो इस कदम को विमुद्रीकरण कहा जाता है। इस प्रकार प्रतिबंधित मुद्रा को नई मुद्रा से…

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  • Ramakant soni ke dohe
    दोहे

    दुर्लभ | Ramakant Soni ke Dohe

    ByAdmin December 12, 2021February 4, 2023

    दुर्लभ ( Durlabh )   दुर्लभ है मां बाप भी, मिलते बस एक बार। सेवा कर झोली भरो, करो बड़ों को प्यार।   मिले दुर्लभ औषधियां, बड़े जतन के बाद। असाध्य व्याधियां मिटे, हरे हृदय विषाद।   कलाकृति पुराणिक हो, बहुमूल्य समझ जान। दुनिया में दुर्लभ सभी, रचता वो भगवान।   अब तो दुर्लभ हो…

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