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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Ram vivah kavita
    कविताएँ

    राम विवाह | Ram vivah kavita

    ByAdmin December 8, 2021

    राम विवाह ( Ram vivah : kavita )   टूट चुका धनुष शिव का तोड़े रामचंद्र अवतारी है सीताजी का हुआ स्वयंवर हर्षित दुनिया सारी है   देश देश से राजा आए दरबार भर गया सारा था धनुष उठा सके नहीं जो शिव शक्ति से भारी था   विश्वामित्र कहे राम से सब जनक राज…

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  • Kalam bolti hai kavita
    कविताएँ

    कलम बोलती है | Kalam bolti hai kavita

    ByAdmin December 8, 2021December 8, 2021

    कलम बोलती है ( Kalam bolti hai )   कलम बोलती है कलम बोलती है पूरा तोलती है पूरा तोलती है   गूंज उठती है मंचों पर प्यारी सी रसधार बने गीत गजल छंद मधुर महकती बयार बने   बुलंद होती मुखर वाणी कुर्सियां डोलती है कलम बोलती है कलम बोलती है   कांपते हैं…

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  • Hum to bache hai
    शेरो-शायरी

    करते रोज़ शरारत हम तो बच्चें है | Hum to bache hai

    ByAdmin December 8, 2021

    करते रोज़ शरारत हम तो बच्चें है ( Karte roz shararat hum to bache hai )     करते रोज़ शरारत हम तो बच्चें है दिल से ही हम तो ए लोगों सच्चे है   न बुरायी करते दोस्त किसी की भी यें बच्चें दिल के होते इतने अच्छे है   बोले बच्चें न किसी…

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  • Kale badal kavita
    कविताएँ

    काले बादल | Kale badal kavita

    ByAdmin December 7, 2021

    काले बादल ( Kale badal )   घिर आये सब बादल काले ठंडी ठंडी बूंदों वाले ताल तलैया सब भर जाओ मेघ तुम घटाओ वाले   चहक उठे चमन सारे प्रेम की बहती हो बहारें खेतों में हरियाली छाई खूब बरसो मेघा प्यारे   अधरों पर मुस्कान देकर बूंदों से तन मन भिगोकर मन मयूरा…

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  • Abhilasha kavita
    कविताएँ

    अभिलाषा | Abhilasha kavita

    ByAdmin December 7, 2021December 7, 2021

    “अभिलाषा” ( Abhilasha )   चाह बहुत  मनमंदिर मे भारत वीरो का गान करूं  उनकी त्याग तपस्या का सदा मान सम्मान करूं    श्रद्धा सुमन से ईश्वर की निसादिन करूं मैं पूजा  भक्ति भाव में जो सुख पाऊं और कहां है दूजा   दिल मे ईच्छा गुरु चरणों में बना रहे मेरा ध्यान शून्य ह्रदय…

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  • Essay in Hindi : Communal Harmony
    निबंध

    निबंध – साम्प्रदायिक सद्भाव भारत की मूल पहचान | Essay in Hindi

    ByAdmin December 7, 2021December 7, 2021

    निबंध – साम्प्रदायिक सद्भाव भारत की मूल पहचान ( Essay in Hindi : Communal Harmony Basic Identity of India )   प्रस्तावना – किसी भी राष्ट्र के विकास के लिए सांप्रदायिक सद्भाव का होना बेहद जरूरी माना जाता है। विभिन्न संप्रदायों के आपस में लड़ने से राष्ट्र कमजोर होने लगता है। सांप्रदायिक विदेश से सामाजिक…

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  • Ghazal dushmani dekhiye
    शेरो-शायरी

    यार अच्छी नहीं दुश्मनी देखिए | Ghazal dushmani dekhiye

    ByAdmin December 6, 2021

    यार अच्छी नहीं दुश्मनी देखिए ( Yaar achi nahi dushmani dekhiye )     यार अच्छी नहीं दुश्मनी देखिए रख हमेशा मुझसे दोस्ती देखिए   जो जवां होने से पहले मुरझाती है  है मसलने को वो ही कली देखिए   याद इतना मुझे आता वो रात दिन रोज़ बढ़ने लगी बेख़ुदी देखिए   मुरझायी है…

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  • Ghazal
    शेरो-शायरी

    ग़ज़ल | Ghazal par Ghazal

    ByAdmin December 5, 2021February 6, 2023

    ग़ज़ल ( Ghazal )   सिंहासन से हिली ग़ज़ल । कल जुलूस में मिली ग़ज़ल ।।   पेरोकार गरीबों की । जगह-जगह से सिली ग़ज़ल ।।   गुमी याद के जंगल में । टुकड़ा-टुकड़ा मिली ग़ज़ल ।।   घिसते – घिसते ही होगी । चमकदार झिलमिली ग़ज़ल ।।   उहापोह से जब निकली । दिखी…

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  • Do joon ki roti
    कविताएँ

    दो जून की रोटी | Do joon ki roti kavita

    ByAdmin December 5, 2021

    दो जून की रोटी ( Do joon ki roti )   दो जून की रोटी को खून पसीना बहा कर पाना चाहता सुकून दिन भर की थकान से   घर से निकलता मानव दो जून की रोटी को बेहाल हो गया मनुज हालातों के सामने   दो जून की रोटी की दिनोंदिन चिंता खा रही…

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  • mausam -e -berukhi
    शेरो-शायरी

    यारों ढ़लतें इस मौसम ए बेरुख़ी के बाद भी | Ghazal

    ByAdmin December 5, 2021

    यारों ढ़लतें इस मौसम ए बेरुख़ी के बाद भी ( Yaron dhalte is mausam -e -berukhi ke baad bhi )     यारों ढ़लतें इस मौसम ए बेरुख़ी के बाद भी फूल महके है इस देखो शबनमी के बाद भी   दुश्मनी  दिल से निभायी दोस्ती को  तोड़कर वो मिला आकर मुझे है दुश्मनी के…

    Read More यारों ढ़लतें इस मौसम ए बेरुख़ी के बाद भी | GhazalContinue

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