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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Dil ke jharokhe se kavita
    कविताएँ

    दिल के झरोखे से | Dil ke jharokhe se kavita

    ByAdmin November 15, 2021

    दिल के झरोखे से ( Dil ke jharokhe se )     दिल के झरोखे से झांको जरा मेरे यार खुशियों भरा यह संसार   दिल के सब दरवाजे खोलो मधुर मधुर बोलो जोड़ो दिलों के तार खुशियों भरा यह संसार   कोई तराना आए कोई मुस्कान लबों पे छाये उमड़े दिलों में प्यार खुशियों…

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  • Muhabbat shayari
    शेरो-शायरी

    मुहब्बत के जब से ही वो गुलाब टूटे है | Muhabbat shayari

    ByAdmin November 15, 2021November 15, 2021

    मुहब्बत के जब से ही वो गुलाब टूटे है ( Muhabbat ke jab se hi wo gulab tute hai )     मुहब्बत के जब से ही वो गुलाब टूटे है अंदर  से  ही खूब हम भी ज़नाब टूटे है   ज़वाब देता नहीं था मुहब्बत का मेरी लबों  पे  ही आज उसके ज़वाब टूटे…

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  • Yauvan kavita
    कविताएँ

    यौवन | Yauvan kavita

    ByAdmin November 15, 2021

    यौवन ( Yauvan : Kavita )     अंग अंग भरी जवानी मन ही मन इठलाता यौवन मादकता के रंग बिखेरे मदमाता बल खाता यौवन   बहती सरिता सी अंगड़ाई फूलों सा महकता यौवन उन्मुक्त उड़ान भरे जवानी स्वप्न सुनहरे हो अंतर्मन   सागर सी उमंगे उठती भाव भरी बहती धाराएं मंद मंद मुस्काता यौवन…

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  • Dr. K. K. Srivastava poetry
    शेरो-शायरी

    मकानों में रख लिया | Dr. Kaushal Kishore Srivastava poetry

    ByAdmin November 14, 2021November 14, 2021

    मकानों में रख लिया ( Makano me rakh liya )     था जिन दियो में तेल मकानों में रख लिया । खाली दियो को तुमने मचानों में रख दिया ।।     उत्तर  थे  मेरे पास तुमने छीन सब लिया । फिर मुझको सवालो के निशानों पे रख दिया ।।     छीनी किसानों…

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  • Hindi kavita khandhar
    कविताएँ

    खंडहर | Hindi kavita Khandhar

    ByAdmin November 14, 2021September 28, 2023

    खंडहर ( Khandhar )     खड़ा खंडहर कह रहा महलों की वो रवानिया शौर्य पराक्रम ओज भरी कीर्तिमान कहानियां   कालचक्र के चक्रव्यूह में वर्तमान जब जाता है बस यादें रह जाती है अतीत बन रह जाता है   उसे ऊंचे महल अटारी खड़ी इमारते भारी भारी समय के थपेड़े खाकर ढह जाती बुनियादें…

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  • Soch shayari
    शेरो-शायरी

    सोच चुप है | Soch shayari

    ByAdmin November 14, 2021November 14, 2021

    सोच चुप है ( Soch chup hai )     सोच चुप है , मौन है क्यों ख़ामोश है   सोच पर लगान नहीं, कोई लगाम नहीं, तो   सोच को ज़बान दो कुछ अल्फ़ाज़ दो   सोच की परवाज़ को इक नया मुकाम दो   सोच है सोचेगी खुद में उलझेगी तुझको उलझायेगी  …

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  • निबंध : वैश्वीकरण महत्व एवं दुष्प्रभाव
    निबंध

    निबंध : वैश्वीकरण का महत्व एवं दुष्प्रभाव | Hindi essay

    ByAdmin November 13, 2021November 13, 2021

    निबंध : वैश्वीकरण का महत्व एवं दुष्प्रभाव ( Importance of globalisation and its side effect : Hindi essay )   प्रस्तावना  :- वैश्वीकरण शब्द अंग्रेजी भाषा के ग्लोबलाइजेशन का हिंदी रूपांतरण है। वर्तमान समय में इसका अर्थ संपूर्ण वैश्विक भूखंड से लिया जाता है। इस शब्द का प्रयोग सबसे पहले एंथोनी गिड्डेंस ने किया था।…

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  • Surya upasna kavita
    कविताएँ

    सूर्य उपासना | Surya upasana kavita

    ByAdmin November 13, 2021

    सूर्य उपासना ( Surya upasana )     हे सूर्यदेव दिनकर देव रवि रथ पर होकर सवार ओज कांति प्रदाता तुम्ही आदित्य हरते अंधकार   सारी दिशाएं आलोकित किरणें प्रकाशित करती नव भोर उमंगे सृष्टि में प्रभायें  प्रभावित करती   सारे जगत में ऊर्जा का नव शक्ति का भंडार हो सकल चराचर जगत में प्रगति…

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  • Fareb shayari
    शेरो-शायरी

    दिल कर गये ज़ख्मी उसके ही फ़रेब आज़म | Fareb shayari

    ByAdmin November 13, 2021

    दिल कर गये ज़ख्मी उसके ही फ़रेब आज़म ( Dil kar gaye zakhmi uske hi fareb Azam )     दिल कर गये ज़ख्मी उसके ही फ़रेब आज़म उल्फ़त  में  खा गये हम तो फ़रेब आज़म   पहले किया मुहब्बत के वादे रोज़ मुझसे हर वादे बन गये उल्फ़त के फ़रेब आज़म   मैंने दिया…

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  • Poem on astha in Hindi
    कविताएँ

    आस्था | Poem on Astha in Hindi

    ByAdmin November 12, 2021August 9, 2023

    आस्था ( Aastha )   भावों के भंवर में बोलो बहकर कहां जाओगे मंदिर सा मन ये मेरा कभी दौड़े चले आओगे   आस्था की ज्योत जगाकर दीपक जला लेना भाव भरे शब्द सुमन पूजन थाल सजा लेना   विश्वास जब भी उमड़े प्रेम की घट धारा आए आस्था उर में जागे जब दिल कोई…

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