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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Bachpan par kavita
    कविताएँ

    वो बचपन की यादें | Bachpan par kavita

    ByAdmin November 12, 2021

    वो बचपन की यादें ( Wo bachpan ki yaddein )     याद है मुझे आज भी बचपन की वो अठखेलियाँ बारिश के पानी नाचते कूदते भीगना संग साथियाँ   सबका साथ साथ रहना खाना पीना सोना बैठना दादा दादी नाना नानी से सुनते हुए हम कहानियाँ   भाई बहनों और दोस्तों के साथ मौज…

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  • Hindi poem on gopasthami
    कविताएँ

    गोपाष्टमी | Hindi poem on gopasthami

    ByAdmin November 11, 2021

    गोपाष्टमी ( Gopashtami : Geet )   गौमाता  को  जीने  दो दूध की नदियां बहने दो राष्ट्र उत्थान होने को है इनका संरक्षण होने दो   जिसे घर में गौ पाली जाती वो धाम अभय हो जाता है साक्षात रूप में विष्णु को  गोलोकधाम को पाता है   इनके निवास से गोकुल का सदा सुख…

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  • Gum ki shayari
    शेरो-शायरी

    किसी को जब जिंदगी में ख़ुशी नहीं मिलती | Gum ki shayari

    ByAdmin November 11, 2021October 25, 2022

    किसी को जब जिंदगी में ख़ुशी नहीं मिलती ( Kisi ko jab zindagi mein khushi nahi milti )     किसी को जब जिंदगी में ख़ुशी नहीं मिलती लबों पे उसके कभी फ़िर हंसी नहीं मिलती   की गांव मैं लौट आया इसीलिए अपनें नगर में कोई सच्ची दोस्ती नहीं मिलती   निगाह उससे मिलाऊँ…

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  • Hindi poetry
    कविताएँ

    सच का पता आसान नहीं है | Hindi poetry

    ByAdmin November 10, 2021

    सच का पता आसान नहीं है ( Sach ka pata aasan nahin hai )   तूफां से भिड़ना पड़ता है आंधी से लड़ना पड़ता है उर हौसला दुर्गम पथ पहाड़ों पर चढ़ना पड़ता है   नदी नाले कंटक राहों का पथिक कहो ज्ञान नहीं है सत्य की राह चलना सच का पथ आसान नहीं है…

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  • Main kavita ki hunkaro se
    कविताएँ

    मैं कविता की हूंकारो से | Kavita

    ByAdmin November 10, 2021

    मैं कविता की हूंकारो से ( Main kavita ki hunkaro se )     मैं कविता की हूंकारो से, गगन उठाया करता हूं। सोया सिंह जंगल का राजा, शेर जगाया करता हूं।   मात पिता गुरु की सेवा का, धर्म बताया करता हूं। अतिथि देवन हमारे, सम्मान जताया करता हूं।   शब्दाक्षर से अल्फाजों में,…

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  • Gurur brahma gurur vishnu
    कविताएँ

    गुरुर ब्रह्मा गुरुर विष्णु | Kavita

    ByAdmin November 10, 2021

    गुरुर ब्रह्मा गुरुर विष्णु ( Gurur brahma gurur vishnu )   जहाँ सिर श्रृद्धा से झुक जाते है अपने शिक्षक सभी याद आते हैं   माँ मेरी प्रथम शिक्षिका है मेरी जीवन की वही रचियेता है पिता से धेर्य सीखा और सीखी स्थिरता   चुपचाप जिम्मेदारी वहन करना और मधुरता दादी दादा नानी नाना से…

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  • Chhath kavita
    कविताएँ

    छठ मैया | Chhath kavita

    ByAdmin November 9, 2021October 30, 2022

    छठ मैया ( Chhath maiya : Chhath kavita )     सूर्य राशियों में जल लेकर छठ मैया मनाता आराधक  नित  नेम से माता के गुण गाता   सुख वैभव संसार में सर्वफल सुखों की दाता साधक शरण सदा आपके मनवांछित फल पाता   सबकी झोली भरने वाली उजियारा करने वाली पुत्र रत्न की लिए…

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  • Prem wali shayari
    शेरो-शायरी

    ख़ुशबू है उसकी सांसों की | Prem wali shayari

    ByAdmin November 9, 2021

    ख़ुशबू है उसकी सांसों की ( Khushboo hai uski saanson ki )     ख़ुशबू है उसकी सांसों की जैसे  हो  ख़ुशबू  फ़ूलों की   ख्वाबों में आता नहीं वही रात भरी उसकी यादों की   तीर चले दिल पे उल्फ़त के ऐसी अदा उसकी आँखों की   साथ चला हूँ जिसके मैं तो  यादें …

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  • Tyohar kavita
    कविताएँ

    कहां अब पहले से त्यौहार | Tyohar kavita

    ByAdmin November 8, 2021

    कहां अब पहले से त्यौहार ( Kahan ab pehle se tyohar )     कहां अब पहले से त्यौहार रहा ना अपनापन प्यार बड़ों का होता सम्मान लुप्त हो रहे सभी संस्कार   सद्भावों की बहती गंगा घट घट उमड़ता प्यार बहन बेटी बुजुर्गों का होता तब आदर सत्कार   अतिथि को देव मानते पत्थर…

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  • Khwab ghazal
    शेरो-शायरी

    ख़्वाबों का तेरी सदा पहरा रहा | Khwab ghazal

    ByAdmin November 8, 2021

    ख़्वाबों का तेरी सदा पहरा रहा ( Khwabon ka teri sada pahara raha )   ख़्वाबों का तेरी सदा पहरा रहा सिलसिला नींदो में ही चलता रहा   दूर तुझसे हम चले जाये कहीं हम मिलेंगे तुझसे ये वादा रहा   तन्हा होने का लगे अहसास नहीं जिंदगी भर तू यूँ ही मिलता रहा  …

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