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TheSahitya – द साहित्य
  • Child Labor Hindi essay
    निबंध

    भारत में बाल श्रम कारण एवं उन्मूलन हेतु सरकारी प्रयास | Essay in Hindi on causes of child labor

    ByAdmin October 20, 2021December 4, 2022

    निबंध : भारत में बाल श्रम कारण एवं उन्मूलन हेतु सरकारी प्रयास ( Causes of child labor and efforts for eradication by government of India)   प्रस्तावना ( Preface ) :- बाल श्रम और बाल व्यापार भारत में आज के दिन में एक बड़ी समस्या है। भुखमरी, गरीबी, बाल श्रम और बाल व्यापार का एक प्रमुख कारण…

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  • रण में केशव आ जाओ
    कविताएँ

    रण में केशव आ जाओ | Kavita

    ByAdmin October 20, 2021

    रण में केशव आ जाओ ( Ran mein keshav aa jao )   चक्र सुदर्शन धारण करके अब रण में केशब आ जाओ जग सारा लड़ रहा अरि से विजय पताका जग फहरावो   साहस संबल भरके उर में जन जन का कल्याण करो सब  को  जीवन  देने वाले माधव  सबके  कष्ट  हरो   हर…

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  • उठो पार्थ
    कविताएँ

    उठो पार्थ | Geeta Saar Kavita

    ByAdmin October 20, 2021

    उठो पार्थ ( Utho parth : Geeta Saar ) उठो पार्थ अब बाण उठाओ,पापी का संघार करो। धर्म धार कर कुन्ती नन्दन, पुनः धर्म आधार धरो।   चढा प्रत्यचा गाण्डीव पे तुम,रक्त बीज निसताप करो, मोह त्याग कर शस्त्र उठाओ,भारत का संताप हरो।   याद करो तुम द्रुपद सुता के,खुले केश अंगार नयन। वस्त्रहरण का…

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  • Stree Kavita
    कविताएँ

    स्त्री | Stree Kavita

    ByAdmin October 20, 2021

    स्त्री ( Stree kavita )   स्त्री होकर स्त्री पर उपहास करती हो, हैरानी होती है कि तुम तुच्छ विचारों में वास करती हो। तुम भी उस तरुवर की शाखा हो, जिस डाल कि मैं। तुम भी अपने कार्य में निपुण, मैं भी अपने कार्य में संपूर्ण। स्त्री होकर स्त्री पर उपहास करती हो, हैरानी…

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  • Beautiful ghazal in Hindi
    शेरो-शायरी

    मैं निगाहें प्यार की उससे मिलाता ही रहा | Beautiful ghazal in Hindi

    ByAdmin October 19, 2021

    मैं निगाहें प्यार की उससे मिलाता ही रहा ( Main nigahen pyaar ki usase milata hi raha )     मैं निगाहें प्यार की उससे मिलाता ही रहा नफ़रतों के तीर मुझपे वो चलाता  ही रहा   डूबा है इतना नजाक़त में वही अपनी ख़ुद  में वो मज़ाक मेरी मुहब्बत की उड़ाता ही रहा  …

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  • ओस की बूंदे
    कविताएँ

    ओस की बूंदे | Kavita

    ByAdmin October 19, 2021

    ओस की बूंदे ( Os ki boonde : Kavita )   सोनू!मेरी जिंदगी हो तुम वर्षों की मेरी तलाश हो तुम बारिश की बूंदों में तुम हो कुदरत की करिश्मा हो तुम खुशी की आँसू हो तुम तिनकों में चमकती ओस की बूंदे हो तुम मनकों में दमकती हीर हो तुम फूलों की परागकण हो…

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  • इस दिवाली हर दिल हो दीया
    कविताएँ

    इस दिवाली हर दिल हो दीया | Diwali par kavita

    ByAdmin October 19, 2021

    इस दिवाली हर दिल हो दीया ( Is diwali har dil ho diya : Deepawali kavita )     इस दिवाली हर दिल हो दीया   रूह उसकी बाती प्रेम, प्यार महोब्बत भरे जज्बातों के तेल में जल कर   तेरे मेरे हर इक की अमावस की रात भी बने   पूनम सी पूरनमासी तभी…

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  • Kisan kavita
    कविताएँ

    किसान | Kisan kavita

    ByAdmin October 18, 2021

    किसान ( kisan par kavita )   खुशनसीब होते हैं वो, जो खेतों में रहा करते हैं। भूमिपुत्र  किसान,  कृषि  कार्य किया करते हैं। अन्नदाता  देश  का, जिसमे  स्वाभिमान भरा। भेज  देता  लाल सीमा पर, रक्षा हेतु मातृधरा।   तपती धूप सहता रहता, तूफानों से टकराता है। बहा  पसीना  खेतों  में, वो ढेरों अन्न उगाता…

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  • Emotional ghazal
    शेरो-शायरी

    हर बुराई को न यूं अंजाम दो | Emotional ghazal

    ByAdmin October 18, 2021

    हर बुराई को न यूं अंजाम दो ( Har burai ko na yoon anjaam do )   हर बुराई को न यूं अंजाम दो देश में अच्छाई का पैग़ाम दो   दो गवाही सच के हक़ में ए हबीब यूं नहीं झूठा मुझपे इल्जाम दो   दी वफ़ाये हर घड़ी मैंनें तुम्हे यूं नहीं तुम…

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  • होना संवाद जरूरी
    कविताएँ

    होना संवाद जरूरी | kavita

    ByAdmin October 18, 2021

    होना संवाद जरूरी ( Hona samvad jaroori )   घटा प्रेम की सबके दिल मे लबों पर मुस्काने छाई हो अटूट प्रेम के रिश्तो में भाव मधुरता आई हो अपनापन परिवार में जो राष्ट्र प्रेम की धूरी है दिल में जगह बनाने को होना संवाद जरूरी है   जो रूठे हो उन्हें मनाए भटके को…

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