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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Vijayadashami kavita
    कविताएँ

    विजयादशमी | Vijayadashami Kavita

    ByAdmin October 13, 2021October 25, 2023

    विजयादशमी ( Vijayadashami kavita ) ( 10 )    जागो रावण आए साल तूझे यूं खामोशी से जलता देख हे रावण,मुझे तो तुझ से इश्क़ हो चला है कभी तो पूछ उस खुदा से, क्या इन्साफ है तेरा मरने के बाद भी ,सदियों ज़माना क्यूं सज़ा देता चला है सोने की लंका थी मेरी ,शिव…

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  • Navratri kavita
    कविताएँ

    नवरात्रि नव रूप | Navratri kavita

    ByAdmin October 13, 2021

    नवरात्रि नव रूप ( Navratri nav roop : Navratri par kavita in Hindi )   आया  माह  क्वार  का  नौ  दिन  गुजै  भक्ति अलग-अलग नौ रूप में पुजै मां दुर्गा की शक्ति   पहले दिन मां शैलपुत्रीका भक्त भाव से पूजै दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी देवी मनचाहा फल दीजै   तीसरे दिन चंद्रघंट भवानी मधुर कंठ…

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  • मुहब्बत का दिलों में गुल खिला दें
    शेरो-शायरी

    मुहब्बत का दिलों में गुल खिला दें | Ghazal

    ByAdmin October 13, 2021October 13, 2021

    मुहब्बत का दिलों में गुल खिला दें ( Muhabbat ka dilon mein gul khila de )     मुहब्बत का दिलों में गुल खिला दें  हवा  ऐसी  यहां  सबको  ख़ुदा  दें   गरीबों  पे  सितम  हो  जो  रहा  है ख़ुदा उन दुश्मनों का  सर झुका दें   उतरे तन से नफ़रत की धूल सबके उल्फ़त…

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  • Beti or pita par kavita
    कविताएँ

    बेटी और पिता | Beti aur pita par kavita

    ByAdmin October 13, 2021June 19, 2022

    बेटी और पिता ( Beti aur pita : Kavita )   एक बेटी के लिए दुनिया उसका पिता होता है पिता के लिए बेटी उसकी पूरी कायनात होती है बेटी  के  लिए  पिता  हिम्मत  और  गर्व  होता  है पिता के लिए बेटी उसकी जिन्दगी की साँसे होती है बेटे से अधिक प्यार पिता अपने बेटी…

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  • Zindagi par kavita in Hindi
    कविताएँ

    मन में प्यार जरूरी है | Zindagi par kavita in Hindi

    ByAdmin October 13, 2021

    मन में प्यार जरूरी है ( Man mein pyar jaroori hai )   नेह  की  संरिता  बहाए  तो  रसधार  जरूरी है अपनापन अनमोल जताये मन में प्यार जरूरी है   खुशियां बांटे सारे जग में दिल दिलदार जरूरी है गुल गुलशन महकाये तो मदमस्त बयार जरूरी है   मंजिल मिले राही को जिन की तैयारी…

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  • जनहित में
    व्यंग्य

    जनहित में | Political vyang in Hindi

    ByAdmin October 12, 2021

    जनहित में ( Janhit mein : Hindi vyang ) प्रजातंत्र में तंत्र का हर कार्य जनहित में होता है यानि तंत्र जो भी उचित अनुचित कानूनी गैर कानूनी साफ या गंदा काम करता है उससे जनहित होना चाहिए और यदि उन अनैतिक कार्यो से जनहित नही होता है तब भी जनहित होना चाहिए। तंत्र में…

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  • राष्ट्रवादी कवि सम्मेलन देवभूमि
    साहित्यिक गतिविधि

    राष्ट्रवादी कवी सम्मलेन देवभूमि | Kavi sammelan

    ByAdmin October 12, 2021October 12, 2021

    राष्ट्रवादी कवि सम्मेलन देवभूमि साहित्य वो कला है जो आत्मा से परमात्मा को मिलाती है – तीरथ सिंह रावत। साहित्य कला भारतीय संस्कृति को समर्पित उत्तराखंड की जिया साहित्य कुटुंब संस्था की ओर से राष्ट्रवादी कवि सम्मेलन आयोजन किया गया। कवि सम्मेलन में मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि देव भूमि…

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  • निबंध : मृत्युदंड अमानवीय या जरूरत
    निबंध

    निबंध : मृत्युदंड अमानवीय या जरूरत | Hindi Essay

    ByAdmin October 12, 2021October 12, 2021

    मृत्युदंड : अमानवीय या जरूरत ( Death Penalty, Inhuman or Necessary : Essay in Hindi )   भूमिका (Introduction) :– कैपिटल पनिशमेंट को मृत्युदंड या फांसी के नाम से भी जाना जाता है। यह मुद्दा इसके समर्थकों और विरोधियों के बीच अक्सर बहस का कारण बनता है। सच यह है कि भारत के कुछ जघन्य और…

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  • गुलमोहर
    विवेचना

    गुलमोहर | Hindi sahitya ki rachna

    ByAdmin October 12, 2021October 12, 2021

    गुलमोहर ( Gulmohar ) अगर कोई मुझसे पूछे के एक ऐसी चीज़ जो हमेशा मेरे साथ रही है, तो मैं कहूँगा वो मोहल्ले का पुराना गुलमोहर । जिसने कई बसंत देखे , कड़ी धूप और बरसातें देखी , देखा उसने पतंगो को पेच लड़ते और टूटते , देखा उसने बच्चों को उसकी शाखाओं पर चढ़ते…

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  • वो चिट्ठी पत्री वाला प्यार
    कविताएँ

    वो चिट्ठी पत्री वाला प्यार | Hindi geet

    ByAdmin October 11, 2021October 11, 2021

    वो चिट्ठी पत्री वाला प्यार ( Wo chitthi patri wala pyaar : Geet )     याद बहुत आता है वह जमाना वह संसार पलकों की बेचैनी वह चिट्ठी पथरी वाला प्यार   दो आखर पढ़ने को जाते महीनों गुजर चिट्ठी मिलती ऐसे जैसे जीवन गया सुधर   कागज के संदेशों में हम फूले नहीं…

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