बापू | Gandhi Smaran
बापू ( गाॅंधी स्मरण ) ( Bapu : Gandhi Smaran ) तीन गोलियों से तुमने चिर जीवन पाया बापू ! तुम अश्वत्थामा बन अमर हो गये और हजारों बरसों की कटुता मलीनता अपने शोणित गंगाजल से सहज धो गये !! लेकिन तुमने जिन पुत्रों से प्यार किया था जो थे रूठ रूठ कर …










