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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Emotional sad ghazal
    शेरो-शायरी

    जीवन भी अजीब मुझको मिला | Emotional sad ghazal

    ByAdmin October 16, 2021

    जीवन भी अजीब मुझको मिला ( Jeevan bhi ajeeb mujhko mila )     जीवन भी अजीब मुझको मिला! कब अच्छा नसीब मुझको मिला   जो वफ़ा निभा सका ही नहीं बेवफ़ा हबीब मुझको मिला   हाथ  वो  मिला गया यारी का आज वो  रक़ीब मुझको मिला   दोस्ती  की  हसरत  मैं भी रखूँ कब…

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  • निबंध : भारत में खाद्य सुरक्षा : दशा, दिशा और परिदृश्य
    निबंध

    भारत में खाद्य सुरक्षा : दशा, दिशा और परिदृश्य | Essay in Hindi

    ByAdmin October 16, 2021

    निबंध : भारत में खाद्य सुरक्षा : दशा, दिशा और परिदृश्य ( Food Security in India: Condition, Direction and Scenario : Essay in Hindi )   प्रस्तावना ( Preface ) :- आज हमारे देश में अन्न भंडार लगातार बढ़ती आबादी को पर्याप्त भोजन उपलब्ध कराने में समर्थ है। किसी अकस्मिक घटना से निपटने के लिए अनाज…

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  • Vyang Hindi
    व्यंग्य

    सिद्धांतों की लड़ाई | Vyang Hindi

    ByAdmin October 16, 2021

     सिद्धांतों की लड़ाई ( Siddhanton ki ladai : Vyang ) लडाई सिद्धातों की थी । सिद्धांत न होते तो लड़ाई की कोई बात नही थी। चूंकि सिद्धांत थे इसलिये लड़ाई थी। लड़ाई के लिए दो सिद्वांत जरूरी थे, दोनो का एक ही सिद्धान्त होता तो लड़ाई का कोई मुद्दा ही नही था मगर सिद्धान्त तो…

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  • दशानन क्यों नहीं मरता है
    कविताएँ

    दशानन क्यों नहीं मरता है | Dussehra Poem

    ByAdmin October 15, 2021

    दशानन क्यों नहीं मरता है ( Dashanan kyon nahin marta hai )   घर-घर में मंथरा बैठी रावण घट घट बसता है महंगाई सुरसा सी हो गई आदमी अब सस्ता है   ना लक्ष्मण सा भाई हनुमान सा भक्त कहां मर्यादा पुरुषोत्तम फिर से आप आओ यहां   कलयुग में मर्यादा ढह गई मन में…

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  • देखो आज राम बन कितने रावण निकलेंगे
    कविताएँ

    देखो आज राम बन कितने रावण निकलेंगे | Kavita

    ByAdmin October 15, 2021

    देखो आज राम बन कितने रावण निकलेंगे ( Dekho aaj Ram ban kitne ravan nikalenge )   देखो ,आज राम बन कितने रावण निकलेंगे जलाने इक काग़ज़ के बने उस रावण को   अब तो रावण भी राम नाम लेते अपनी सोने की लंका बचाने को   वो  इक  गुनाह  के  पीछे  दसों  सिर  गवा …

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  • Nafraten dekh li hai
    शेरो-शायरी

    नफ़रतें देख ली है यहां हर घड़ी | Nafrat ghazal

    ByAdmin October 14, 2021October 14, 2021

    नफ़रतें देख ली है यहां हर घड़ी ( Nafraten dekh li hai yahan har ghadi )     नफ़रतें  देख  ली  है  यहां  हर  घड़ी प्यार की बारिश अब हो रवां हर घड़ी   रब फ़ूलों की ख़ुशी की कर दें बारिशें हो  रही  है  ग़मों  की ख़िज़ां हर घड़ी   है  यहां  तो  उदासी …

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  • Siddhidatri maan Aarti
    कविताएँ

    सिद्धिदात्री मां | Siddhidatri maan Aarti

    ByAdmin October 14, 2021

    सिद्धिदात्री मां ( Siddhidatri maan )   सिंह सवार मां जगदंबे कमलासन विराजित मां सुख समृद्धि यश की दाता सारे संकट हरती मां   सिद्धिदात्री गुण दाता मां भक्तों के भंडार भरे विजय का दे वरदान माता सिर पर हाथ धरे   जगमग दीप जले मां अंबे भक्त खड़े जयकार करें सजा है दरबार तुम्हारा…

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  • जय महागौरी
    कविताएँ

    जय महागौरी | Jai Mahagauri Aarti

    ByAdmin October 14, 2021

    जय महागौरी ( Jai mahagauri : Mahagauri Mata Ki Aarti )   जय मां अंबे जय जगदम्बे, जय जननी भवानी। श्वेत  वर्णी  वरदहस्त, सुख दायिनी कल्याणी।   सौम्य  स्वभाव  मुखमंडल, कांति  शक्ति दाता। अष्ट भुजाओं वाली अंबे, गुण भक्त तिहारे गाता।   पर्वत वासिनी करो कृपा, सब सिद्धियों की दाता। सारे जग की तुम नियंता, तुम ही…

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  • Vijayadashami kavita
    कविताएँ

    विजयादशमी | Vijayadashami Kavita

    ByAdmin October 13, 2021October 25, 2023

    विजयादशमी ( Vijayadashami kavita ) ( 10 )    जागो रावण आए साल तूझे यूं खामोशी से जलता देख हे रावण,मुझे तो तुझ से इश्क़ हो चला है कभी तो पूछ उस खुदा से, क्या इन्साफ है तेरा मरने के बाद भी ,सदियों ज़माना क्यूं सज़ा देता चला है सोने की लंका थी मेरी ,शिव…

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  • Navratri kavita
    कविताएँ

    नवरात्रि नव रूप | Navratri kavita

    ByAdmin October 13, 2021

    नवरात्रि नव रूप ( Navratri nav roop : Navratri par kavita in Hindi )   आया  माह  क्वार  का  नौ  दिन  गुजै  भक्ति अलग-अलग नौ रूप में पुजै मां दुर्गा की शक्ति   पहले दिन मां शैलपुत्रीका भक्त भाव से पूजै दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी देवी मनचाहा फल दीजै   तीसरे दिन चंद्रघंट भवानी मधुर कंठ…

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