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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Bewafa sanam ki ghazal
    शेरो-शायरी

    प्यार में कोई मुझसे दग़ा कर गया | Bewafa sanam ki ghazal

    ByAdmin September 26, 2021

    प्यार में कोई मुझसे दग़ा कर गया ( Pyar mein koi mujhse daga kar gaya )     प्यार में  कोई  मुझसे दग़ा कर गया मैं यहां जिससे आज़म वफ़ा कर गया   इसलिए  दिल  भरा  है  उदासी  से यूं प्यार करने की ये दिल ख़ता कर गया   तोड़कर  वो  रिश्ता  प्यार  से  ही …

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  • हमारे पूर्वज
    कविताएँ

    हमारे पूर्वज | Hamare Purvaj Kavita

    ByAdmin September 25, 2021September 25, 2021

    हमारे पूर्वज ( Hamare purvaj )   परिवार  की  नींव  है पूर्वज, संस्कारों के दाता है। वटवृक्ष की छांव सलोनी, बगिया को महकाता है।   सुख समृद्धि जिनके दम से, घर में खुशियां आती। आशीशों का साया सिर पर, कली कली मुस्काती।   घर के बड़े बुजुर्ग हमारे, संस्कारों भरी धरोहर है। धन  संपदा  क्या …

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  • निबंध : बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ क्या लोगों की मानसिकता में इस अभियान से बदलाव आया
    निबंध

    निबंध : बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ क्या लोगों की मानसिकता में इस अभियान से बदलाव आया

    ByAdmin September 25, 2021

    निबंध : बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, क्या लोगों की मानसिकता में इस अभियान से बदलाव आया ( Beti Bachao Beti Padhao, did this campaign change the mindset of the people : Essay In Hindi )   प्रस्तवना ( Preface ) :- हमारे देश में गिरते लिंगानुपात के प्रतिकूल प्रभाव को रोकने के लिए तथा इस समस्या…

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  • बिटिया, खुश रहना ससुराल
    कविताएँ

    बिटिया खुश रहना ससुराल | Beti ke vidai par kavita

    ByAdmin September 25, 2021

    बिटिया, खुश रहना ससुराल ( Bitiya, khush rahna sasural )   बिटिया खुश रहना ससुराल रहना सदा सुखी खुशहाल खुशियों से झोली भर जाए सुख आनंद सदा तू पाये महके जीवन दमके भाल बिटिया खुश रहना ससुराल   प्रेम की जोत जलाते रहना भाव मधुर फैलाते रहना नेह की खुशबू महक उठेगी सपने नये सजाते…

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  • ऐ जिन्दगी
    शेरो-शायरी

    ऐ जिन्दगी | Zindagi Par Shayari

    ByAdmin September 25, 2021November 15, 2022

    ऐ जिन्दगी ( Ai Zindagi )     जिंदगी हर दिन एक जंग सी लगती है, कभी पहलू में मेरे तो , कभी तेरे लगती है,   कभी पास आके बैठ, तो बताए हमे कितनी बेरहम लगती है, हर दिन ये मुझसे मेरे ही जवाबो पे एक नया सवाल पूछती है,   की तू तो…

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  • रात्रिकाल | Kavita
    कविताएँ

    रात्रिकाल | Kavita

    ByAdmin September 25, 2021

    रात्रिकाल ( Raatrikaal )   दिन भर करते काम जो,अब हो आई शाम। थके थके से चल रहे, छोड़के सारा काम।।   सूरज  ढलने  से  हुई, ठंडी  तपती  धूप। रात सुहानी आ गई ,बिखरी छटा अनूप।।   चूल्हा घर-घर जल रहा,रोशन घर परिवार। कोई पशु को नीरता, कर रहा सार संभार।।   टिमटिम तारे कर…

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  • कुर्सी की लड़ाई
    कविताएँ

    कुर्सी की लड़ाई | Political Kavita

    ByAdmin September 24, 2021

    कुर्सी की लड़ाई ( Kursi ki ladai )   बड़े-बड़े दिग्गज उतरेंगे, महासमर चुनाव में। कुर्सी की खातिर नेताजी, होंगे खड़े कतार में।   राजनीति की सेंके रोटियां, सत्ता के गलियारों में। वोटों का बाजार गर्म हो, वादों की भरमारों से।   कुर्सी की लड़ाई में फिर, उठा पटक जारी होगी। शह मात का खेल…

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  • खुदा की लिखी कोई तहरीर तुम हो
    शेरो-शायरी

    खुदा की लिखी कोई तहरीर तुम हो | Ghazal

    ByAdmin September 24, 2021

    खुदा की लिखी कोई तहरीर तुम हो ( Khuda ki likhi koi tahreer tum ho )   खुदा  की  लिखी  कोई तहरीर तुम हो या किसी भूले ख्वाब की ताबीर हो तुम   तस्सव्वुर में आये किसी ख्याल की तदबीर हो या  तकाज़ा  मेरी  तकदीर  का  हो  तुम   मेरी किसी तमन्ना की जैसे तासीर…

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  • अफसर और सूअर
    व्यंग्य

    Vyang | अफसर और सूअर

    ByAdmin September 23, 2021

    अफसर और सूअर ( vyang Hindi : Afsar aur suar ) अफसर को सूअर से घिन आती थी । केवल सूअर को सूअर से घिन नहीं आती । कुछ आदमियों को सूअर से घिन आती है। अफसर आदमियों से ऊपर होंता है अतः उसे आदमियों और सूअर दोनो से घिन आती है। अफसर ने सुन…

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  • झोपड़ी में बसते हैं भगवान
    कविताएँ

    झोपड़ी में बसते हैं भगवान | Kavita

    ByAdmin September 23, 2021October 22, 2022

    झोपड़ी में बसते हैं भगवान ( Jhopdi mein baste hain bhagwan )   मेहनत मजदूरी जो करते, सदा चलते सीना तान। अटल रह सच्चाई पर, सबका करे आदर सम्मान।   शील स्वभाव विनय भाव, ईमानदारी गुण प्रधान। घट घटवासी परम प्रभु, झोपड़ी में बसते भगवान।   सबसे हिल मिलकर रहे, मदद करे अपना जान। ऊंच…

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