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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • बिटिया, खुश रहना ससुराल
    कविताएँ

    बिटिया खुश रहना ससुराल | Beti ke vidai par kavita

    ByAdmin September 25, 2021

    बिटिया, खुश रहना ससुराल ( Bitiya, khush rahna sasural )   बिटिया खुश रहना ससुराल रहना सदा सुखी खुशहाल खुशियों से झोली भर जाए सुख आनंद सदा तू पाये महके जीवन दमके भाल बिटिया खुश रहना ससुराल   प्रेम की जोत जलाते रहना भाव मधुर फैलाते रहना नेह की खुशबू महक उठेगी सपने नये सजाते…

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  • ऐ जिन्दगी
    शेरो-शायरी

    ऐ जिन्दगी | Zindagi Par Shayari

    ByAdmin September 25, 2021November 15, 2022

    ऐ जिन्दगी ( Ai Zindagi )     जिंदगी हर दिन एक जंग सी लगती है, कभी पहलू में मेरे तो , कभी तेरे लगती है,   कभी पास आके बैठ, तो बताए हमे कितनी बेरहम लगती है, हर दिन ये मुझसे मेरे ही जवाबो पे एक नया सवाल पूछती है,   की तू तो…

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  • रात्रिकाल | Kavita
    कविताएँ

    रात्रिकाल | Kavita

    ByAdmin September 25, 2021

    रात्रिकाल ( Raatrikaal )   दिन भर करते काम जो,अब हो आई शाम। थके थके से चल रहे, छोड़के सारा काम।।   सूरज  ढलने  से  हुई, ठंडी  तपती  धूप। रात सुहानी आ गई ,बिखरी छटा अनूप।।   चूल्हा घर-घर जल रहा,रोशन घर परिवार। कोई पशु को नीरता, कर रहा सार संभार।।   टिमटिम तारे कर…

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  • कुर्सी की लड़ाई
    कविताएँ

    कुर्सी की लड़ाई | Political Kavita

    ByAdmin September 24, 2021

    कुर्सी की लड़ाई ( Kursi ki ladai )   बड़े-बड़े दिग्गज उतरेंगे, महासमर चुनाव में। कुर्सी की खातिर नेताजी, होंगे खड़े कतार में।   राजनीति की सेंके रोटियां, सत्ता के गलियारों में। वोटों का बाजार गर्म हो, वादों की भरमारों से।   कुर्सी की लड़ाई में फिर, उठा पटक जारी होगी। शह मात का खेल…

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  • खुदा की लिखी कोई तहरीर तुम हो
    शेरो-शायरी

    खुदा की लिखी कोई तहरीर तुम हो | Ghazal

    ByAdmin September 24, 2021

    खुदा की लिखी कोई तहरीर तुम हो ( Khuda ki likhi koi tahreer tum ho )   खुदा  की  लिखी  कोई तहरीर तुम हो या किसी भूले ख्वाब की ताबीर हो तुम   तस्सव्वुर में आये किसी ख्याल की तदबीर हो या  तकाज़ा  मेरी  तकदीर  का  हो  तुम   मेरी किसी तमन्ना की जैसे तासीर…

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  • अफसर और सूअर
    व्यंग्य

    Vyang | अफसर और सूअर

    ByAdmin September 23, 2021

    अफसर और सूअर ( vyang Hindi : Afsar aur suar ) अफसर को सूअर से घिन आती थी । केवल सूअर को सूअर से घिन नहीं आती । कुछ आदमियों को सूअर से घिन आती है। अफसर आदमियों से ऊपर होंता है अतः उसे आदमियों और सूअर दोनो से घिन आती है। अफसर ने सुन…

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  • झोपड़ी में बसते हैं भगवान
    कविताएँ

    झोपड़ी में बसते हैं भगवान | Kavita

    ByAdmin September 23, 2021October 22, 2022

    झोपड़ी में बसते हैं भगवान ( Jhopdi mein baste hain bhagwan )   मेहनत मजदूरी जो करते, सदा चलते सीना तान। अटल रह सच्चाई पर, सबका करे आदर सम्मान।   शील स्वभाव विनय भाव, ईमानदारी गुण प्रधान। घट घटवासी परम प्रभु, झोपड़ी में बसते भगवान।   सबसे हिल मिलकर रहे, मदद करे अपना जान। ऊंच…

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  • श्राद्ध पक्ष
    कविताएँ

    श्राद्ध पक्ष | Shradh Paksha Kavita

    ByAdmin September 22, 2021September 23, 2021

    श्राद्ध पक्ष ( Shradh Paksh )   पुरखों  को  सम्मान  दें,  हैं  उनके ही अंश। तर्पण कर निज भाव से, फले आपका वंश।।   बदला  सारा  ढंग  है,  भूल  गए  सत्कार। तर्पण कर इतिश्री किया, छूट गए संस्कार।।   तब  कौवों  ने  बैठ के, रच दी सभा विशाल। श्राद्ध पक्ष अब आ गए, समय बड़ा…

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  • आह ग़म की रोज़ मिलती खूब है
    शेरो-शायरी

    आह ग़म की रोज़ मिलती खूब है | Sad ghazal

    ByAdmin September 22, 2021September 22, 2021

    आह ग़म की रोज़ मिलती खूब है  ( Aah gam ki roz milti khoob hai )   आह ग़म की रोज़ मिलती ख़ूब है! आँखें  रहती  रोज़  गीली  ख़ूब है   ए ख़ुदा भर दें ख़ुशी दिल में मेरे रहती दिल  में  ग़म  की गाह जलती ख़ूब है   नफ़रतों के ख़ंजर मारे है इतने…

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  • Essay In Hindi on GST
    निबंध

    जीएसटी पर निबंध | Essay In Hindi On GST

    ByAdmin September 21, 2021November 1, 2022

    जीएसटी पर निबंध ( Essay In Hindi On GST )   प्रस्तावना ( Preface ) :- GST (Goods and Services Tax ) वस्तु एवं सेवा कर का संक्षिप्त नाम है। भारत मे GST 01 जुलाई 2017 को लागू किया गया। यह एक समान अप्रत्यक्ष कर है, जो केंद्र और राज्य दोनों सरकारों द्वारा अलग-अलग चरणों में…

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