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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • भविष्यकर्ता
    व्यंग्य

    भविष्यकर्ता | डॉ.कौशल किशोर श्रीवास्तव की कलम से

    ByAdmin July 31, 2021October 5, 2021

    भविष्यकर्ता ( Bhavishyakarta ) उनकी समझदार पत्नी में उन्हें पुनः समझाने का निरर्थक प्रयास करते हुये कहा “मन्त्री ने निमन्त्रण पत्र मतदाता सूची देख कर वितरित किये है। जन प्रतिनिधियों की हर क्रिया सार्वजनिक होती है चाहे वह कितनी ही गुप्त क्यों न हो । तुम में ये ऐसी कोई विशेषता नही देखती जिसमें मन्त्री…

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  • कुछ जाने अनजाने रिश्ते
    कविताएँ

    कुछ जाने अनजाने रिश्ते | Kavita

    ByAdmin July 31, 2021July 31, 2021

    कुछ जाने अनजाने रिश्ते ( Kuch jaane anjaane rishte )   कुछ जाने अनजाने रिश्ते, कुछ दिल से पहचाने रिश्ते। कुछ कुदरत ने हमें दिया है, कुछ हमको निभाने रिश्ते।   रिश्तो की पावन डगर पर, संभल संभल कर चलना है। सदा लुटाना प्यार के मोती, संस्कारों में हमें ढलना है।   माता पिता गुरु…

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  • देर तक प्यार की गुफ्तगू खूब की
    शेरो-शायरी

    देर तक प्यार की गुफ्तगू खूब की | Ghazal

    ByAdmin July 31, 2021

    देर तक प्यार की गुफ्तगू खूब की ( Der tak pyar ki guftagu khoob ki )   देर तक प्यार की गुफ़्तगू ख़ूब की उसने सूरत मेरे रू-ब-रू ख़ूब की   ख़ा गया हूँ दग़ा उसकी इस बात से प्यार की उसने बातें शुरु ख़ूब की   दोस्ती जब से तेरी मेरी हो गयी लोगों…

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  • Odh Ke Dhani Chunariya
    कविताएँ

    ओढ़कर धानी चुनरिया | Thesahitya Special

    ByAdmin July 29, 2021

    ओढ़कर धानी चुनरिया ( Odh Ke Dhani Chunariya )   ओढ़कर  धानी  चुनरिया, धरा यू हरसा रही। काली घटाएं नीले अंबर, व्योम घिरकर छा रही।   आ गया सावन सुहाना, गीत कोयल गा रही। वन उपवन पर्वत नदियां, भावन घटायें छा रही।   मादक सरितायें बहती, सागर मिलन को जा रही। बलखाती सी बहती धारा,…

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  • मनाने की बहुत कोशिश हो रही है
    शेरो-शायरी

    मनाने की बहुत कोशिश हो रही है | Ghazal Manane ki Koshish

    ByAdmin July 28, 2021February 6, 2023

    मनाने की बहुत कोशिश हो रही है ( Manane ki bahut koshish ho rahi hai )     मनाने की बहुत कोशिश हो रही है बड़ी  उससे  गुज़ारिश  हो रही है   मुहब्बत  के  खिलेंगे  फ़ूल कैसे यहां नफ़रत की आतिश हो रही है   तवारिश एक मुझसे है उसे तो औरो की तो सिफ़ारिश…

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  • माॅ का आर्शीवाद
    व्यंग्य

    माॅ का आर्शीवाद | डॉ.कौशल किशोर श्रीवास्तव की कलम से

    ByAdmin July 28, 2021September 20, 2021

    दिन में तीन या चार बार गरमागरम खाने से औलाद का पेट भरने के साथ साथ मां पर यह कर्तव्य भी निर्धारित किया गया है कि वह पुत्र को आर्शीवाद भी दे। वेदों और पुराणों में माॅ का आर्शीवाद दो तरह का बतलाया गया है। पहला है ”श्रेय” आर्शीवाद जो औलादों को अस्वीकार्य होता है।…

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  • किन सोचो में गुम हो फ़ैसल
    शेरो-शायरी

    किन सोचो में गुम हो फ़ैसल | Ghazal

    ByAdmin July 28, 2021

    किन सोचो में गुम हो फ़ैसल ( Kin sochon mein gum ho faisal )     किन सोचो में गुम हो फ़ैसल! इतने क्यूँ गुमसुम हो फ़ैसल   औरो की  गलती भी क्या  है गुनहगार तो तुम हो फ़ैसल   झूम उठे जो मन का सावन बारिश वो रिमझिम हो फ़ैसल   बाहर निकलें मेरा…

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  • प्राकृतिक आपदा प्रबंधन पर निबंध
    निबंध

    Essay In Hindi | प्राकृतिक आपदा प्रबंधन पर निबंध

    ByAdmin July 27, 2021

    प्राकृतिक आपदा प्रबंधन पर निबंध ( Natural disaster management: Essay In Hindi ) जो प्रकृति कुपित हो जाती है तो उसके आगे मनुष्य की नहीं चलती है। सब प्रकृति द्वारा ऐसा महाविनाश का तांडव शुरू होता है कि मानवता कराह उठती है प्रकृति को पहले जैसे कहा जाते हैं जिसके आगे इंसान विवश हो जाता…

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  • पतझड़
    शेरो-शायरी

    पतझड़ | Patjhad

    ByAdmin July 27, 2021August 8, 2023

    पतझड़ ( Patjhad )   दूसरों को पतझड़ देकर, लोग ख़्वाब देखते बाहर का; ख़ुद की ख़बर नहीं, इम्तिहान लेते हमारे सच्चे प्यार का ।   होंठों पर सजी झूठी मुस्कान अब रह गई किस काम की; जो दिल से ही निकाल दिया तुमने दर्द अपने दिलदार का ।   मिठास वो क्या जाने,जो चुरा…

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  • प्यार का होगा इशारा देखते है
    शेरो-शायरी

    प्यार का होगा इशारा देखते है | Ghazal Pyar ka Ishara

    ByAdmin July 27, 2021February 6, 2023

    प्यार का होगा इशारा देखते है ( Pyaar ka hoga ishara dekhte hai )     प्यार का होगा इशारा देखते है ! इसलिए रस्ता तुम्हारा देखते है   डूबा हूँ गहराई में उसकी इतना  प्यार का  हम तो  किनारा देखते है   छोड़ आये बेवफ़ा का शहर कल अब  कहां होगा गुजारा देखते है…

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