Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • बलिदान
    कविताएँ

    बलिदान | Kavita

    ByAdmin August 4, 2021August 4, 2021

    बलिदान ( Balidan )   क्या है आजादी का मतलब देश प्रेम वो मतवाले लहू बहाया जिन वीरों ने बलिदानी वो दीवाने   मातृभूमि पर मिटने वाले डटकर लोहा लेते थे देश भक्ति में ऐसे झूले फांसी तक चढ़ लेते थे   जलियांवाला बाग साक्षी अमर कथा उन वीरों की वंदे मातरम कह गए जो…

    Read More बलिदान | KavitaContinue

  • श्याम रंग नीला है या काला
    कविताएँ

    श्याम रंग नीला है या काला | Kavita

    ByAdmin August 4, 2021

    श्याम रंग नीला है या काला ( Shyam rang neela hai ya kala ) श्याम रंग नीला है या काला,बताओ कैसा है नन्दलाला। पीताम्बर तन मोर मुकुँट सर, लकुटी कमरिया बाँधा।   कमल नयन कर मुरली शोभित, गले बैजन्ती माला। सूरदास बालक सम देखे, जग में श्याम निराला।   श्याम रंग नीला है या काला……..

    Read More श्याम रंग नीला है या काला | KavitaContinue

  • लो आया राखी का त्यौहार
    कविताएँ

    लो आया राखी का त्यौहार | Geet

    ByAdmin August 4, 2021

    लो आया राखी का त्यौहार ( Lo aaya rakhi ka tyohar )   लो आया राखी का त्यौहार, बरसे भाई बहन का प्यार, कच्चे धागों में बसता है, सुहाने रिश्तो का संसार, लो आया राखी का त्यौहार-2   माथे चंदन अक्षत रोली, बहना नेह भरी रंगोली, कलाई पर बांध रही है, बहना अपना प्यार, लो…

    Read More लो आया राखी का त्यौहार | GeetContinue

  • रक्खी जिससे यहां दोस्ती ख़ूब है
    शेरो-शायरी

    रक्खी जिससे यहां दोस्ती ख़ूब है | Ghazal

    ByAdmin August 4, 2021August 4, 2021

    रक्खी जिससे यहां दोस्ती ख़ूब है ( Rakhee jisse yahan dosti khoob hai )     रक्खी जिससे यहां दोस्ती ख़ूब है ! कर गया आज वो दुश्मनी ख़ूब है   जिंदगी की बुझे प्यास अब ए ख़ुदा प्यार की उठ रही बेकली ख़ूब है   रात दिन आँखों में ही नमी ख़ूब है यादों…

    Read More रक्खी जिससे यहां दोस्ती ख़ूब है | GhazalContinue

  • राम दरबार
    कविताएँ

    राम दरबार | Kavita

    ByAdmin August 3, 2021

    राम दरबार ( Ram darbar )   अमरावती  पृथ्वी  पे  जैसे, इन्द्र का दरबार। अद्भुत सुहाना सरस हो, श्रीराम का दरबार।   भवहीन तन आनंद मन,सौन्दर्य नयनभिराम, श्रीराम का मन्दिर जहाँ, मन जाए बारम्बार।   साकेत दमके पुनः पथ, दर्पण का हो एहसास। श्रीराम जी आए है जैसै, तन में थम गयी सांस।   तोरण…

    Read More राम दरबार | KavitaContinue

  • सावन सुहाना आया
    छंद

    सावन सुहाना आया | छंद

    ByAdmin August 3, 2021October 12, 2022

    सावन सुहाना आया | Chhand ( Sawan suhana aya ) (  मनहरण घनाक्षरी छंद )   सावन सुहाना आया, आई रुत सुहानी रे। बरसो बरसो मेघा, बरसाओ पानी रे।   बदरा गगन छाए, काले काले मेघा आये। मोर पपीहा कोयल, झूमे नाचे गाए रे।   रिमझिम रिमझिम, बरखा बहार आई। मौसम सुहाना आया, हरियाली छाई…

    Read More सावन सुहाना आया | छंदContinue

  • रात दिन आंखों में ही नमी ख़ूब है
    शेरो-शायरी

    रात दिन आंखों में ही नमी ख़ूब है | Ghazal

    ByAdmin August 2, 2021

    रात दिन आंखों में ही नमी ख़ूब है ( Raat din aankhon mein hi nami khoob hai )     रात दिन आँखों में ही नमी ख़ूब है यादों की चोट दिल पे लगी ख़ूब है   ए ख़ुदा कर दें ऐसी बरसी बुझ जाये प्यार की प्यास दिल को लगी ख़ूब है   दूर…

    Read More रात दिन आंखों में ही नमी ख़ूब है | GhazalContinue

  • मित्र
    कविताएँ

    मित्र | Kavita Dosti par

    ByAdmin August 1, 2021August 6, 2023

    मित्र ( Mitra )   लम्हे सुहाने हो ना हो। चाहत की बातें हो ना हो। प्यार हमेशा दिल में रहेगा, चाहे मुलाकात हो ना हो।   खुशियों में गम़ मे भी शामिल रहेगे। तुझसे अलग हो के कैसे रहेगे। बातें सभी दिल की तुमसे कहेगे। चाहे दिन खुशनुमा ये रहे ना रहे।   लम्हे…

    Read More मित्र | Kavita Dosti parContinue

  • नफ़रत की राहें मगर अच्छी नहीं
    शेरो-शायरी

    नफ़रत की राहें मगर अच्छी नहीं | Nafrat Shayari

    ByAdmin August 1, 2021February 6, 2023

    नफ़रत की राहें मगर अच्छी नहीं ( Nafrat ki rahe magar achi nahi )     नफ़रत की राहें मगर अच्छी नहीं जीस्त यूं करनी बशर अच्छी नहीं   मत मिला उससे निगाहें  प्यार की बेवफ़ा  है  वो  नज़र  अच्छी  नहीं   है परेशां कह गया उसके नगर का उसकी आयी  ये ख़बर अच्छी नहीं…

    Read More नफ़रत की राहें मगर अच्छी नहीं | Nafrat ShayariContinue

  • कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद
    विवेचना

    कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद

    ByAdmin August 1, 2021May 25, 2022

    कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद (Katha samrat munshi premchand )   उपन्यास और कहानियों का जब भी जिक्र आता है तो सिर्फ एक नाम ही सामने नजर आता है। “सम्राट मुंशी प्रेमचंद जी” उनकी कहानियां पढ़कर हम बड़े हुए हैं हिंदी उपन्यास में हिंदी में, प्रेमचंद जी का पहला उपन्यास सेवासदन था। इससे पूर्व भी उनके…

    Read More कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंदContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 684 685 686 687 688 … 834 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search