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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • बचपन के दिन
    कविताएँ

    बचपन के दिन | kavita

    ByAdmin August 9, 2021

    बचपन के दिन ( Bachapan ke din ) पलकों  पे  अधरों  को  रख कर, थपकी देत सुलाय। नही रहे अब दिन बचपन के, अब मुझे नींद न आय।   सपने  जल गए भस्म बन गई, अब रोए ना मुस्काए, लौंटा दो कोई  बचपन के दिय, अब ना पीड़ सहाय।   किससे मन की बात कहे,…

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  • क्रांतिवीर
    कविताएँ

    क्रांतिवीर | Kranti Diwas Par Kavita

    ByAdmin August 9, 2021

    क्रांतिवीर ( क्रांति दिवस पर अमर शहीदों के जज्बातों को सादर वंदन )   है हिमालय सा हौसला, सागर सी गहराई है। क्रांति काल में वीरों ने, प्राणों की भेंट चढ़ाई है। हंसते-हंसते झूल गए, वो क्रांतिवीर कमाल हुए। राजगुरु सुखदेव भगतसिंह, भारत मां के लाल हुए।   आजादी का दीवाना, वो जिद पर अड़…

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  • स्वतंत्रता दिवस/15 अगस्त
    निबंध

    स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त पर निबंध | 15 August par nibandh

    ByAdmin August 8, 2021December 7, 2022

    निबंध: स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त ( Independence day 15 August : Essay In Hindi ) प्रस्तवना ( Preface ) :- 15 अगस्त 1947 भारत के स्वर्णिम इतिहास में अंकित है। यह वह दिन है जब भारत को 200 साल के ब्रिटिश शासन से आजादी मिली थी। यह एक कठिन और लंबा अहिंसक संघर्ष था जिसमें…

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  • सुमन हिय के खिल गये
    कविताएँ

    सुमन हिय के खिल गये | Geet

    ByAdmin August 8, 2021

    सुमन हिय के खिल गये ( Suman hiye ke khil gaye )   मुस्कान लबों पर आए, सब मिल गीत गाए। खुशियों की बारिश में, हमको नहाना है। उर प्रेम भाव पले, आशाओं के दीप जगे। प्यार भरे दीप हमें, दिलों में जगाना है।   भाव उर में खिल उठे, सपने सुनहरे सजाना है। रौनक…

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  • नीरज चोपड़ा
    कविताएँ

    नीरज चोपड़ा | Niraj Chopra Par Kavita

    ByAdmin August 8, 2021August 8, 2021

    नीरज चोपड़ा ( Niraj Chopra Par Kavita )   सुहाषिनी सुदर्शनी सी लगी, लो शुभ बिहान आ गया।   सौभाग्य से स्वर्णीम पदक ले, भारत का लाल आ गया।   गर्वित  हुआ  आनन्द  मन  उल्लास,  वृहद  छा  गया,   भगवा भवानी भारती के, सौन्दर्य निखर के आ  गया।     कवि :  शेर सिंह हुंकार देवरिया…

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  • Kallu ki insaniyat
    कहानियां

    कल्लू की इंसानियत | Hindi Kahani

    ByAdmin August 8, 2021

    कल्लू की इंसानियत ( Kallu ki insaniyat ) इक पड़ोसी ने दूसरे पड़ोसी से कहा ये जो नया पड़ोसी कल्लू आया है एकदम खराब है यह अच्छा इंसान नहीं है, यह सुनकर दूसरे पड़ोसी ने तीसरे से कहा ये जो नया पड़ोसी आया है बहुत खराब है । तीसरे ने चौथे से कहा, चौथे ने…

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  • घरेलू जल प्रदूषण पर निबंध
    निबंध

    Essay In Hindi | घरेलू जल प्रदूषण पर निबंध

    ByAdmin August 7, 2021

    घरेलू जल प्रदूषण पर निबंध ( Essay on Domestic Water Pollution in Hindi ) प्रस्तवना :- घरेलू जल प्रदूषण में घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से निकलने वाला अपशिष्ट जल शामिल है। घरेलू अपशिष्ट जल काफी विस्तृत क्षेत्र में फैले कई छोटे स्रोतों से उत्पन्न होता है। लेकिन सीवर द्वारा नगरपालिका अपशिष्ट इसका एक बड़ा स्रोत…

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  • तुम मिलो तो सही
    कविताएँ

    तुम मिलो तो सही | kavita Tum Milo to Sahi

    ByAdmin August 7, 2021August 7, 2024

    तुम मिलो तो सही ( Tum milo to sahi ) मन पे तेरे मन रख देगे, मन की बातें कह कर। दबे हुए जज्बातों को भी,कह देगे हम खुल कर। मन में तेरे जो संसय है, उसको मिटा देगे पर, बीती बातें भूल के सारी…? प्रिये तुम मिलो तो सही….. रूठना तेरा हक है जानम,…

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  • आओ करे ये सतत प्रतिज्ञा
    कविताएँ

    आओ करे ये सतत प्रतिज्ञा | Kavita

    ByAdmin August 7, 2021

    आओ करे ये सतत प्रतिज्ञा ( Aao kare ye satat pratigya )   ?☘️ नारी को सम्मान नहीं तो बताओ क्या दोगे बेटी को घर में मान नहीं तो बतलाओ क्या दोगे एक घर सुधरने से बोलो क्या बदलेगा हर सोच बदलने का प्रण बोलो कब लोगे ?☘️ जब तक सारी कायनात ना बदले तो…

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  • जीना इसी का नाम है
    गीत

    जीना इसी का नाम है | Geet Jeena Isi ka Naam hai

    ByAdmin August 7, 2021February 6, 2023

    जीना इसी का नाम है ( Jeena isi ka naam hai )   मुस्कान लबों पर आए, सब मिल गीत गाए। खुशियों  की  बारिश  में, हमको  नहाना  है।   उर प्रेम भाव पले, आशाओं के दीप जगे। प्यार भरे दीप हमें, दिलों में जगाना है।   भाव उर में खिल उठे, सपने सुनहरे सजाना है।…

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