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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • देख लूँ जी भर के आपको एक पल
    शेरो-शायरी

    देख लूँ जी भर के आपको एक पल| Romantic Ghazal

    ByAdmin August 12, 2021

    देख लूँ जी भर के आपको एक पल ( Dekh loon jee bhar ke aapko ek pal )     देख लूँ जी भरके आपको एक पल! ए सनम पास बैठे रहो एक पल   चैन दिल को मिलेगा चले जाने फ़िर  प्यार की आओ बातें करो एक पल   गीत उल्फ़त के ही गायेगे…

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  • Yah mera hindustan hai
    कविताएँ

    यह मेरा हिंदुस्तान है | Hindi Poetry

    ByAdmin August 12, 2021

    यह मेरा हिंदुस्तान है ( Yah mera hindustan hai )   यह मेरा हिंदुस्तान है, यह मेरा हिंदुस्तान है। ध्वज तिरंगा हाथों में, ले राष्ट्रगीत गाते हैं।   सरहद के सिपाही, सीमा के सभी जवान। आंधी तूफानों से भिड़, आगे बढ़ते जाते हैं।   कूद पड़े मैदानों में, धरती मां के लाडले। बलिदानी राहों पर,…

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  • तब होगी मन में हरियाली
    गीत

    तब होगी मन में हरियाली | Geet Man mein Hariyali

    ByAdmin August 11, 2021February 6, 2023

    तब होगी मन में हरियाली ( Tab hogi man mein hariyali )   बरसे सावन खूब घनेरा, झड़ी लगी फुहारों वाली। प्रेम उमड़े घट के भीतर, तब होगी मन में हरियाली।   मीठे-मीठे मोती झरे, शब्द सुधारस जाते घोल। ओज वाणी सुनकर के, शत्रु तक भी जाते डोल।   उर आनंद तन मन होता, जन…

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  • "भूजल प्रदूषण" पर निबंध
    निबंध

    Essay In Hindi | “भूजल प्रदूषण” पर निबंध

    ByAdmin August 11, 2021

    “भूजल प्रदूषण” पर निबंध ( Essay in Hindi on ground water pollution ) प्रस्तवना :- आज मानवीय गतिविधियाँ लगातार औद्योगिक, घरेलू और कृषि अपशिष्टों को भूजल जलाशयों में खतरनाक दर से जोड़ रही हैं। भूजल प्रदूषण आमतौर पर अपरिवर्तनीय है यानी एक बार दूषित हो जाने पर एक्वीफर की मूल जल गुणवत्ता को बहाल करना…

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  • प्यार की मेरे अधूरी सी कहानी रह गयी
    शेरो-शायरी

    प्यार की मेरे अधूरी सी कहानी रह गयी | Love Shayari

    ByAdmin August 10, 2021

    प्यार की मेरे अधूरी सी कहानी रह गयी ( Pyar ki meri adhuri si kahani rah gai )     प्यार  की  मेरे  अधूरी  सी  कहानी  रह  गयी! आँखों में आंसू दिल में ग़म की रवानी रह गयी   आज दिल से लुट गयी है वो मुहब्बत की ख़ुशी ग़म भरी ही रोज़ अपनी जिंदगानी…

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  • हृदय मेरा पढ़ पाए
    कविताएँ

    हृदय मेरा पढ़ पाए | kavita

    ByAdmin August 10, 2021

    हृदय मेरा पढ़ पाए ( Hriday mera padh paye )   अन्तर्मन में द्वंद बहुत है, जाकर किसे दिखाए। ढूंढ रहा हूँ ऐसा मन जो, हृदय मेरा पढ़ पाए।   मन की व्याकुलता को समझे,और मुझे समझाए। राह दिखे ना प्रतिद्वंदों से, तब मुझे राह दिखाए।   बोझिल मन पर मन रख करके,हल्के से मुस्काए।…

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  • सावन आया उमड़ घुमड़
    कविताएँ

    सावन आया उमड़ घुमड़ | Geet

    ByAdmin August 10, 2021

    सावन आया उमड़ घुमड़ ( Sawan aya umad ghumad )   बरस रही है राष्ट्रधारा, सावन उमड़ा आता। रिमझिम रिमझिम मेघा बरसे, उर आनंद समाता   काली बदरिया उमड़ घुमड़, घूम घूम घिर आये। हरियाली से भरी धरा, सबको सावन भाये।   झूम झूम मस्ती में गाते, सब मिलकर नया तराना। मंद मंद बहारें बहती,…

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  • "घरेलू हिंसा" पर निबंध
    निबंध

    Essay In Hindi | “घरेलू हिंसा” पर निबंध

    ByAdmin August 9, 2021August 9, 2021

    “घरेलू हिंसा” पर निबंध ( Essay in Hindi on domestic violence ) प्रस्तवना :- घरेलू हिंसा से तात्पर्य उस हिंसा और दुर्व्यवहार से है जो घरेलू हिंसा जैसे विवाह के बाद में होती है। यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि घरेलू हिंसा केवल शारीरिक नहीं है, बल्कि किसी भी प्रकार का व्यवहार है जो पीड़ित…

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  • शिव महिमा
    कविताएँ

    शिव महिमा | Shiv Mahima Par Kavita

    ByAdmin August 9, 2021

    शिव महिमा  ( Shiv Mahima Par Kavita )   हिम शिखरों से भोले के, जयकारे आते है, शंख और डमरू मिलकर, शिव कीर्तन गाते हैं।   शिव ही गगन धरा भी शिव ही, हमें बताते है, गान संग है गीत भी शिव, हम महिमा गाते हैं।   पंचतत्व निर्मित शिव से, शिव रूप दिखाते है,…

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  • कजरी 'सावन'
    कविताएँ

    कजरी सावन | Sawn Par Kavita

    ByAdmin August 9, 2021August 24, 2022

    कजरी ‘सावन’ ( Kajari savan )   अबकी सावन में हमै चाही चीज मनमानी सैंया। बरसइ रिमझिम पानी सैया, सबदिन कहां जवानी सैंया ना।। सासु ससुर तीरथ यात्रा पर चार महीने डटे रहें। ननद रहे ससुराल में अपने जेठ भी घर से हटे रहें। पास पड़ोसी घर न आवै दूर-दूर ही कटे रहें। नदी नार…

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