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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • सावन सुहाना आया
    छंद

    सावन सुहाना आया | छंद

    ByAdmin August 3, 2021October 12, 2022

    सावन सुहाना आया | Chhand ( Sawan suhana aya ) (  मनहरण घनाक्षरी छंद )   सावन सुहाना आया, आई रुत सुहानी रे। बरसो बरसो मेघा, बरसाओ पानी रे।   बदरा गगन छाए, काले काले मेघा आये। मोर पपीहा कोयल, झूमे नाचे गाए रे।   रिमझिम रिमझिम, बरखा बहार आई। मौसम सुहाना आया, हरियाली छाई…

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  • रात दिन आंखों में ही नमी ख़ूब है
    शेरो-शायरी

    रात दिन आंखों में ही नमी ख़ूब है | Ghazal

    ByAdmin August 2, 2021

    रात दिन आंखों में ही नमी ख़ूब है ( Raat din aankhon mein hi nami khoob hai )     रात दिन आँखों में ही नमी ख़ूब है यादों की चोट दिल पे लगी ख़ूब है   ए ख़ुदा कर दें ऐसी बरसी बुझ जाये प्यार की प्यास दिल को लगी ख़ूब है   दूर…

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  • मित्र
    कविताएँ

    मित्र | Kavita Dosti par

    ByAdmin August 1, 2021August 6, 2023

    मित्र ( Mitra )   लम्हे सुहाने हो ना हो। चाहत की बातें हो ना हो। प्यार हमेशा दिल में रहेगा, चाहे मुलाकात हो ना हो।   खुशियों में गम़ मे भी शामिल रहेगे। तुझसे अलग हो के कैसे रहेगे। बातें सभी दिल की तुमसे कहेगे। चाहे दिन खुशनुमा ये रहे ना रहे।   लम्हे…

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  • नफ़रत की राहें मगर अच्छी नहीं
    शेरो-शायरी

    नफ़रत की राहें मगर अच्छी नहीं | Nafrat Shayari

    ByAdmin August 1, 2021February 6, 2023

    नफ़रत की राहें मगर अच्छी नहीं ( Nafrat ki rahe magar achi nahi )     नफ़रत की राहें मगर अच्छी नहीं जीस्त यूं करनी बशर अच्छी नहीं   मत मिला उससे निगाहें  प्यार की बेवफ़ा  है  वो  नज़र  अच्छी  नहीं   है परेशां कह गया उसके नगर का उसकी आयी  ये ख़बर अच्छी नहीं…

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  • कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद
    विवेचना

    कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद

    ByAdmin August 1, 2021May 25, 2022

    कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद (Katha samrat munshi premchand )   उपन्यास और कहानियों का जब भी जिक्र आता है तो सिर्फ एक नाम ही सामने नजर आता है। “सम्राट मुंशी प्रेमचंद जी” उनकी कहानियां पढ़कर हम बड़े हुए हैं हिंदी उपन्यास में हिंदी में, प्रेमचंद जी का पहला उपन्यास सेवासदन था। इससे पूर्व भी उनके…

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  • भविष्यकर्ता
    व्यंग्य

    भविष्यकर्ता | डॉ.कौशल किशोर श्रीवास्तव की कलम से

    ByAdmin July 31, 2021October 5, 2021

    भविष्यकर्ता ( Bhavishyakarta ) उनकी समझदार पत्नी में उन्हें पुनः समझाने का निरर्थक प्रयास करते हुये कहा “मन्त्री ने निमन्त्रण पत्र मतदाता सूची देख कर वितरित किये है। जन प्रतिनिधियों की हर क्रिया सार्वजनिक होती है चाहे वह कितनी ही गुप्त क्यों न हो । तुम में ये ऐसी कोई विशेषता नही देखती जिसमें मन्त्री…

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  • कुछ जाने अनजाने रिश्ते
    कविताएँ

    कुछ जाने अनजाने रिश्ते | Kavita

    ByAdmin July 31, 2021July 31, 2021

    कुछ जाने अनजाने रिश्ते ( Kuch jaane anjaane rishte )   कुछ जाने अनजाने रिश्ते, कुछ दिल से पहचाने रिश्ते। कुछ कुदरत ने हमें दिया है, कुछ हमको निभाने रिश्ते।   रिश्तो की पावन डगर पर, संभल संभल कर चलना है। सदा लुटाना प्यार के मोती, संस्कारों में हमें ढलना है।   माता पिता गुरु…

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  • देर तक प्यार की गुफ्तगू खूब की
    शेरो-शायरी

    देर तक प्यार की गुफ्तगू खूब की | Ghazal

    ByAdmin July 31, 2021

    देर तक प्यार की गुफ्तगू खूब की ( Der tak pyar ki guftagu khoob ki )   देर तक प्यार की गुफ़्तगू ख़ूब की उसने सूरत मेरे रू-ब-रू ख़ूब की   ख़ा गया हूँ दग़ा उसकी इस बात से प्यार की उसने बातें शुरु ख़ूब की   दोस्ती जब से तेरी मेरी हो गयी लोगों…

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  • Odh Ke Dhani Chunariya
    कविताएँ

    ओढ़कर धानी चुनरिया | Thesahitya Special

    ByAdmin July 29, 2021

    ओढ़कर धानी चुनरिया ( Odh Ke Dhani Chunariya )   ओढ़कर  धानी  चुनरिया, धरा यू हरसा रही। काली घटाएं नीले अंबर, व्योम घिरकर छा रही।   आ गया सावन सुहाना, गीत कोयल गा रही। वन उपवन पर्वत नदियां, भावन घटायें छा रही।   मादक सरितायें बहती, सागर मिलन को जा रही। बलखाती सी बहती धारा,…

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  • मनाने की बहुत कोशिश हो रही है
    शेरो-शायरी

    मनाने की बहुत कोशिश हो रही है | Ghazal Manane ki Koshish

    ByAdmin July 28, 2021February 6, 2023

    मनाने की बहुत कोशिश हो रही है ( Manane ki bahut koshish ho rahi hai )     मनाने की बहुत कोशिश हो रही है बड़ी  उससे  गुज़ारिश  हो रही है   मुहब्बत  के  खिलेंगे  फ़ूल कैसे यहां नफ़रत की आतिश हो रही है   तवारिश एक मुझसे है उसे तो औरो की तो सिफ़ारिश…

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