Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • क्या प्लास्टिक को बैन करना चाहिए 
    निबंध

    Essay In Hindi | क्या प्लास्टिक को बैन करना चाहिए

    ByAdmin July 18, 2021

    क्या प्लास्टिक को बैन करना चाहिए   ( Should plastic be banned : Essay In Hindi ) प्लास्टिक की थैलियां पर्यावरण प्रदूषण का एक प्रमुख कारण हैं। एक पदार्थ के रूप में प्लास्टिक गैर-बायोडिग्रेडेबल है और इस प्रकार प्लास्टिक की थैलियां पर्यावरण में सैकड़ों वर्षों तक रहती हैं जो इसे अत्यधिक प्रदूषित करती हैं। हमारे ग्रह…

    Read More Essay In Hindi | क्या प्लास्टिक को बैन करना चाहिएContinue

  • बेवफ़ाई का इशारा कर गया
    शेरो-शायरी

    बेवफ़ाई का इशारा कर गया | Bewafa par Ghazal

    ByAdmin July 17, 2021February 7, 2023

    बेवफ़ाई का इशारा कर गया ( Bewafai ka ishara kar gaya )   बेवफ़ाई का  इशारा कर गया जिंदगी को बेसहारा कर गया   बन गया हूँ ग़ैर उसकी नजरों में आज राहों में किनारा कर गया   रात दिन आये ख़्वाबों में मेरी ही दिल घायल चेहरा तुम्हारा कर गया   तल्ख़ बातें वो…

    Read More बेवफ़ाई का इशारा कर गया | Bewafa par GhazalContinue

  • हिंदी भारतीय साहित्य में नया प्रयोग ‘3020 ई.’
    पुस्तक समीक्षा

    Book Review | हिंदी भारतीय साहित्य में नया प्रयोग ‘3020 ई.’

    ByAdmin July 17, 2021July 17, 2021

    राकेश शंकर भारती का उपन्यास 3020 ई. सम्भवत: हिंदी साहित्य का ऐसा पहला उपन्यास है जिसकी कल्पना का आधार विज्ञान है। आज से पूर्व हमने जितने उपन्यास पढ़े हैं वह एक परिपाटी से बंधे दिखायी देते हैं। एक कहानी जो आरंभ, उत्कर्ष, पराकाष्ठा से गुज़रती हुई फल को प्राप्त करती है। इसके अंतर्गत प्रेम कथाएँ,…

    Read More Book Review | हिंदी भारतीय साहित्य में नया प्रयोग ‘3020 ई.’Continue

  • छात्रों के लिए शिक्षा का महत्व
    निबंध

    छात्रों के लिए शिक्षा का महत्व | Essay In Hindi

    ByAdmin July 17, 2021

    निबंध – छात्रों के लिए शिक्षा का महत्व ( Importance of education for students : Essay In Hindi ) शिक्षा महत्वपूर्ण है लेकिन यह सिर्फ एक अल्पमत है। शिक्षा किसी के जीवन को बेहतर बनाने का एक हथियार है। यह शायद किसी के जीवन को बदलने का सबसे महत्वपूर्ण साधन है। बच्चे की शिक्षा घर…

    Read More छात्रों के लिए शिक्षा का महत्व | Essay In HindiContinue

  • फिजाओं में जहर घोला जा रहा है
    कविताएँ

    फिजाओं में जहर घोला जा रहा है | Kavita

    ByAdmin July 14, 2021October 26, 2022

    फिजाओं में जहर घोला जा रहा है ( Fizaon mein jahar ghola ja raha hai )     हवाओं में  जहर घोला जा रहा है जंगलों को जड़ से काटा जा रहा है शहरों में ऑक्सीजन है नहीं फिर भी आलीशां महल बनाया जा रहा है।   हम भला इंसाफ अब क्या करेंगे लगा के…

    Read More फिजाओं में जहर घोला जा रहा है | KavitaContinue

  • सशक्त बनो हे नारी तुम
    कविताएँ

    सशक्त बनो हे नारी तुम | Kavita

    ByAdmin July 14, 2021

    सशक्त बनो हे नारी तुम ( Sashakt bano he nari tum )   उठो नारी आंसू पौंछो खुद की कीमत पहचानो लाज का घूंघट ढाल बना लो अहंकार का तिलक लगा लो स्वाभिमान की तान के चादर खुद में खुद को सुदृढ बना लो उठो नारी आंसू पौंछो खुद की कीमत पहचानो ?☘️ अपनी शक्ति…

    Read More सशक्त बनो हे नारी तुम | KavitaContinue

  • मेघा
    कविताएँ

    मेघा | Kavita

    ByAdmin July 13, 2021

    मेघा ( Megha )   बरस रे टूट कर मेघा, हृदय की गाद बह जाए। सूक्ष्म से जो दरारे है, गाद बह साफ हो जाए। बरस इतना तपन तन मन का मेरे शान्त हो जाए, नये रंग रुप यौवन सब निखर कर सामने आए।   दिलों पे जम गयी है गर्द जो, उसको बहा देना।…

    Read More मेघा | KavitaContinue

  • इस महफिल में न यादों की खुशबू आती है
    कविताएँ

    इस महफिल में न यादों की खुशबू आती है | Kavita

    ByAdmin July 13, 2021

    इस महफिल में न यादों की खुशबू आती है ( Is mehfil mein na yaadon ki khushboo aati hai )   ना पुराने इश्क पर चर्चा होती है। ना अब किसी की टांग खींची जाती है। ए मेरे दोस्त लगता है सब जिम्मो तले छोटी सी झपकी लेने चली जाती है। आओ ना यारों फिर…

    Read More इस महफिल में न यादों की खुशबू आती है | KavitaContinue

  • बरसो मेघा प्यारे
    कविताएँ

    बरसो मेघा प्यारे | Kavita

    ByAdmin July 13, 2021

    बरसो मेघा प्यारे ( Barso megha pyare )   तपती रही दोपहरी जेठ की आया आषाढ़ का महीना धरा तपन से रही झूलसती सबको आ रहा पसीना   कारे कजरारे बादल सारे घिर कर बरसो मेघा प्यारे क्षितिज व्योम में छा जाओ उमड़ घुमड़ कर आ जाओ   मूसलाधार गरज कर बरसो रिमझिम बरस झड़ी…

    Read More बरसो मेघा प्यारे | KavitaContinue

  • हाँ खायी जीस्त में ठोकर बहुत है
    शेरो-शायरी

    हाँ खायी जीस्त में ठोकर बहुत है | Sad Shayari

    ByAdmin July 12, 2021July 13, 2021

    हाँ खायी जीस्त में ठोकर बहुत है ( Haan khayi jeest mein thokar bahut hai )   हाँ खायी  जीस्त में ठोकर बहुत है जिग़र पे इसलिए  नश्तर बहुत है   मुहब्बत का अपनें ने कब दिया गुल नफ़रत के ही मारे पत्थर बहुत है !   किसी को प्यार क्या  देगे भला वो  मुहब्बत…

    Read More हाँ खायी जीस्त में ठोकर बहुत है | Sad ShayariContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 686 687 688 689 690 … 832 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search