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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • तिरलोकी को नाथ सांवरो
    कविताएँ

    तिरलोकी को नाथ सांवरो | Rajasthani Bhasha Kavita

    ByAdmin May 27, 2021June 8, 2022

    तिरलोकी को नाथ सांवरो ( Tirloki ko Nath Sanvaro) ( राजस्थानी भाषा )   तिरलोकी को नाथ सांवरो दौड़यो दौड़यो आवैगो संकट हर सी जण का सारा विपदा दूर भगावैगो   नरसी मीरा सो भगत कठै करमा खीचड़ो ले आवै विष को प्यालो राणा भेज्यो अमरीत रस बण भा ज्यावै   नानी बाई रो भात…

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  • न जाने क्यों साथ वो छोड़ते रहे मेरा
    शेरो-शायरी

    न जाने क्यों साथ वो छोड़ते रहे मेरा | Ghazal

    ByAdmin May 27, 2021

    न जाने क्यों साथ वो छोड़ते रहे मेरा ( Na jane kyon sath wo chhodte rahe mera )   न जाने क्यों साथ वो छोड़ते रहे मेरा मुहब्बत से दिल भरा तोड़ते रहे मेरा   नहीं पूछा हाले दिल भी मगर मेरा उसनें  वो पास फ़ोन  बैठे छेड़ते रहे मेरा   गुलाब देते रहे प्यार…

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  • बुलंद हौंसले
    पुस्तक समीक्षा

    Book Review | बुलंद हौंसले

    ByAdmin May 27, 2021

    पुस्तक समीक्षा: बुलंद हौंसले ( Book Review: Buland hausle )   साहित्य समाज का दर्पण होता है ह्रदय में उठते भावों को शब्दों में बदलकर एक माला के रूप में पिरोना एक लेखक की वो कला है जिससे वह अपनी लेखनी से लिखित साहित्य को समाज के दर्पण के रूप में सबके सामने प्रस्तुत करता है और…

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  • बेटी
    छंद

    बेटी | Chhand

    ByAdmin May 26, 2021October 12, 2022

    बेटी ( Beti ) (  मनहरण घनाक्षरी छंद ) लक्ष्मी अवतार बेटी घर का संस्कार बेटी देश का सम्मान होती दो दो वंश तारती   शिक्षा की जोत जलाती घर में रौनक लाती हुनर कौशल दिखा घर को संवारती   मां का अरमान बेटी पिता का सम्मान बेटी वतन की बागडोर कमान संभालती   गुणों…

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  • कान्हा चले आएंगे
    छंद

    कान्हा चले आएंगे | Chhand

    ByAdmin May 26, 2021October 12, 2022

    कान्हा चले आएंगे ( Kanha chale aayenge ) (  मनहरण घनाक्षरी छंद  )   मन में विश्वास रखो हृदय में आस रखो जगत के स्वामी खुद दौड़े चले आएंगे   मोहन मुरली धारी सुदर्शन चक्र धारी विपदा हरने प्रभु लीलायें रचाएंगे   मुरली की तान प्यारी ध्यान धरे नर नारी सुखचैन सुखदाता खुशियां लुटाएंगे  …

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  • समय का कालखंड
    कविताएँ

    समय का कालखंड | Kavita Samay ka Kalkhand

    ByAdmin May 26, 2021February 7, 2023

    समय का कालखंड ( Samay ka kalkhand )   समय की महत्ता जो समझे वही  है  बलवान, समय के संग चलनेवाला होता  है  धनवान। सु अवसर  पाकर जो कर्म से मुकर जाता है, वह अभागा है धरती पर जीवन भर पछताता है। समय ही करावत लड़ाई-झगड़ा बनावत राजा रंक फकीर, समय ही बनाता-बिगाड़ता रिश्ता और…

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  • बता दो सब मेरी खता मुझको
    शेरो-शायरी

    बता दो सब मेरी खता मुझको | Ghazal Meri Khata

    ByAdmin May 25, 2021February 7, 2023

    बता दो सब मेरी खता मुझको ( Bata do sab meri khata mujhko )   बता दो सब मेरी खता मुझको, दूर रहकर न दो सजा मुझको।।   टूट जाउंगा बिखर जाऊंगा, अश्क मोती नहीं दिखा मुझको।।   मैं तेरा गुनहगार हूं या नहीं, तूं अपना फैसला सुना मुझको।।   जिसके खातिर सहे हैं सितम,…

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  • Prabhu Vandana
    कविताएँ

    प्रभु वंदना | Prabhu Vandana

    ByAdmin May 25, 2021

    प्रभु वंदना ( Prabhu Vandana ) (  मनहरण घनाक्षरी छंद 8,8,8,7 वर्ण )   दीनबंधु दीनानाथ सबका प्रभु दो साथ संकट हर लो सारे विपदा निवारिये   रण में पधारो आप जनता करती जाप सारथी बन पार्थ के विजय दिलाइये   मन में साहस भर हौसला बुलंद कर जन-जन मनोभाव सशक्त बनाइये   मुरली की…

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  • समांं महका दो आज
    छंद

    समांं महका दो आज | Chhand

    ByAdmin May 25, 2021October 12, 2022

    समांं महका दो आज (  मनहरण घनाक्षरी छंद )   गीतों का सजाओ साज समां महका दो आज झड़ी बरसाओ ऐसी धूम होनी चाहिए   खूब गाओ छंद गीत मुक्त कंठ नव गीत रस बरसे प्रेम का भाव होना चाहिए   शौर्य पर लिखो गीत योद्धा जंग जाए जीत हिम्मत हौसला मिले ओज होना चाहिए…

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  • मीठी वाणी मीठी बोली
    कविताएँ

    मीठी वाणी मीठी बोली | Kavita

    ByAdmin May 25, 2021

    मीठी वाणी मीठी बोली ( Mithi vani mithi boli )   एक सैलानी मुझसे बोला क्या करते हो गदेना, गुठियार में ऐसा क्या है यार तेरे गढ़वाल में। मुस्कुराते हुए मैंने कहा मीठी वाणी मिट्ठी पाणी है मेरे गढ़वाल में। हिमालय का चौखंबा बसा है मेरे पहाड़ में 52 गढ़ है मेरे गढ़वाल में। मां…

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